शुक्रवार, 17 अप्रैल 2009

लोकसभा निर्वाचन 2009 : आचार संहिता का पूरी तरह पालन हो, स्टैण्डिग कमेटी की बैठक में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों व प्रत्याशियों से आग्रह

लोकसभा निर्वाचन 2009 : आचार संहिता का पूरी तरह पालन हो

स्टैण्डिग कमेटी की बैठक में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों व प्रत्याशियों से आग्रह

ग्वालियर 16 अप्रैल 09। राजनैतिक दल एवं ग्वालियर लोकसभा के प्रत्याशीगण आचार संहिता का पूरी तरह पालन करें। उनकी कोई भी गतिविधि ऐसी न हो जिससे स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्विघ्न एवं शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव सम्पन्न कराने में बाधा उत्पन्न हो। यह आग्रह विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों से  आज यहां राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान मे सम्पन्न हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में किया गया। साथ ही चेताया गया कि आचार संहिता की अवहेलना पर आयोग के दिशा निर्देशानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी। निर्वाचन प्रेक्षकगण श्री गंगाराम अलोरिया, श्री हृदेश मोहन व श्री ललित प्रसाद की मौजूदगी तथा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता वाली स्टैंण्ंडिग कमेटी की इस बैठक में विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों व प्रत्याशियों समेत पुलिस अधीक्षक श्री व्ही के. सूर्यवंशी, नगर निगम आयुक्त डॉ. पवन शर्मा, अपर जिला दण्डाधिकारी श्री आर के जैन, अपर कलेक्टर श्री वेदप्रकाश, अपर कलेक्टर विकास श्री विनोद शर्मा तथा अन्य संबंधित अधिकारी व समिति के अन्य सदस्यगण मौजूद थे।

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आकाश त्रिपाठी ने बैठक में जानकारी दी कि प्रत्याशियों के चुनावी काफिले में केवल तीन वाहन शामिल करने के प्रतिबंध को अब शिथिल कर दिया गया है। लेकिन काफिले में जितने भी वाहन शामिल होंगे उनकी सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी होगी। सभी वाहनों का व्यय प्रत्याशियों के चुनावी खर्चे में शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि वाहनों का अनुमति पत्र वाहन के सामने वाले मुख्य शीशे पर अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाये। सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने कहा कि उम्मीदवार शासकीय परिसम्पत्तियों का उपयोग प्रचार-प्रसार के लिये नहीं कर सकेंगे। साथ ही अशासकीय भवन/ परिसम्पत्ति आदि पर भी चुनावी प्रचार भवन मालिक की अनुमति उपरांत ही किया जा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया होर्डिंग आदि से चुनावी प्रचार-प्रसार कि लिये नीति तय की गई है जिसके तहत शहरी अंचल में नगरीय निकायों द्वारा प्रचार की अनुमति दी जायेगी, जिसके लिये आवंटित स्थल की फीस देना होगी। साथ ही व्यय अनुमान हेतु विज्ञापन ऐजेन्सी के रेट भी तय किये गये हैं। ग्रामीण अंचल में निजी सम्पत्ति पर भवन स्वामी की अनुमति लेनी होगी। इसप्रकार के समस्त चुनावी प्रचार पर हुआ खर्च संबंधित प्रत्याशी के चुनावी व्यय मे शामिल किया जायेगा। श्री त्रिपाठी ने प्रत्याशियों से यह भी अपेक्षा व्यक्त की कि वे मिलन समारोहों तथा भोज आदि के आयोजन से बचें। यदि इस प्रकार के आयोजन करने हों तो चुनावी सभा के रूप में पूर्व अनुमति ले लें, ताकि कोई विवाद की स्थिति निर्मित न हो। ऐसे आयोजनों का व्यय भी प्रत्याशी के चुनावी व्यय में जोड़ा जा सकेगा। बैठक में यह भी बताया गया कि बिना अनुमति वाले वाहनों व निजी भवनों आदि पर बिना प्रत्याशी के चित्र व बिना चुनाव चिन्ह वाले झण्डे आदि लगाये जा सकेंगे।

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि यदि उनकी नजर में ऐसे मतदान केन्द्र हों जहां मतदाताओं को अवैध तरीके से प्रभावित करने की सम्भावना हो तो ऐसे केन्द्रों की सूचना जिला निर्वाचन कार्यालय तक 17 अप्रैल के सांय 5 बजे तक अवश्य पहुँचा दें, ताकि इन मतदान केन्द्रों को जाँच उपरांत क्रिटिकल मतदान केन्द्रों की सूची में शामिल किया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले में 204 मतदान केन्द्रों की पहचान वल्नरबल मतदान केन्द्रों के रूप में की गई है। स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से चुनाव सम्पन्न कराने के लिये 200 से अधिक लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर दी गई है।

      स्वतंत्र व निष्पक्ष ढंग से निर्वाचन सम्पन्न कराने के लिये जारी किये प्रतिबंधात्मक आदेशों सहित आचार संहिता के विभिन्न बिन्दुओं पर बैठक में विस्तार से प्रकाश डाला गया।

अधिकारियों से हुई पृथक चर्चा

       स्टैंण्डिग कमेटी की बैठक के पश्चात प्रेक्षकों ने निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों से पृथक से भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्विघ्न व शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव सम्पन्न कराना हम सबकी सामूहिक जवाबदारी है। अत: पूरी तरह चौकस रह कर टीम भावना से चुनावी दायित्वों को अंजाम दें। प्रेक्षक श्री जी आर. अलोरिया ने कहा कि अधिकारीगण इस बात पर खास ध्यान दें कि मतदाताओं को प्रभावित करने में धन, मदिरा, बाहुबल व अवैध हथियारों का उपयोग कदापि न होने पाये, इसके लिये क्षेत्र का सतत भ्रमण करें और आवश्यक होने पर तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करायें। उन्होंने कहा कि चुनावी दायित्वों के निर्वहन में निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूरी तरह पालन होना चाहिये। चुनाव से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों से कहा गया कि वे एक बार पुन: मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर लें ताकि वहाँ यदि कोई सुधार कार्य की आवश्यकता हो तो उसे कराया जा सके। बैठक में शिकायतों के त्वरित निराकरण पर भी बल दिया गया। प्रेक्षकगण श्री हृदेश मोहन व श्री ललित प्रसाद ने भी उपयोगी सुझाव दिये। श्री हृदेश मोहन ने कहा कि मतदान केन्द्रों के समीप यदि कोई ऐसा दीवार लेखन हो जो आचार संहिता के विपरीत हो तो उसे हटवाया जाये तथा सफेद ब्राउन पेपर आदि से ढांक दिया जाये। इसी तरह मतदान केन्द्र के समीप शिलान्यास व उद्धाटन संबंधी शिलालेखों को भी ढकवा दिया जाये। बैठक में इस बात पर भी बल दिया गया कि चूँकि इस बार दूसरी कंपनी की ई व्ही एम. उपयोग में लाई जायेंगी अत: मतदान दलों का प्रशिक्षण पूरी गम्भीरता से हो।

 

मतदान केन्द्रों पर होगी पेयजल व छाया की व्यवस्था

कलेक्टर एव जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आकाश त्रिपाठी ने बैठक में जानकारी दी कि आयोग के दिशा निर्देशानुसार मतदान दिवस को सभी मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिये पेयजल व छाया की व्यवस्था की जानी है। अत: संबंधित अधिकारी अभी से इसे आश्वस्त कर लें। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदान केन्द्र में मतदान कक्ष के अलावा कोई उचित कक्ष हो तो उसका उपयोग भी मतदान हेतु प्रतीक्षारत मतदाताओं के लिये किया जा सकेगा। ऐसी व्यवस्था न होने पर टेंट लगाकर छाया की व्यवस्था की जाये।

 

कोई टिप्पणी नहीं: