हिंसा और आतंक के बल पर चुनाव जीतने मंसूबो को विफल बनाएं : अशोक सिंह
ग्वालियर 15 अप्रैल 2009 । कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह ने लोगो से आव्हान किया कि वे हिंसा और आतंक के दम पर लोकसभा चुनाव जीतने की कोशिश मे जुटे लोगो के मंसूबो को विफल करें क्योकि कांग्रेस अंहिसा और सभी जाति, धर्म और सम्मान में विश्वास रखने वाली पार्टी है और शांति और सद्भाव के बगैर विकास की बात बेमानी है ।
श्री सिंह ने दलित और अल्पसंख्यक वर्गो के लोगो की बैठको को सम्बोधित करते हुए कहा कि दो रोज पहले कांग्रेस के युवा दलित विधायक माखनलाल जाटव की गोली मारकर की गई नृशंस हत्या साबित करती है कि कुछ तत्व समाज में ंहिंसा और आतंक फैलाना चाह रहे है । उन्होने कहा कि ग्वालियर जिले में भी पुलिस प्रशासन द्वारा सत्तारूढ़ दन के नेताओ के इशारे पर कांग्रेस के लिए काम करने वालो को डराने-धमकाने और प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है ताकि वे भय और आतंकित हो जाए । उनको झूठे केस लड़ने की धौंस दी जा रही है लेकिन पार्टी कार्यकर्ता हर कुर्बानी देकर भी इस बार मन संस्कृति के आधार पर जीत में लगे तत्वो को अपने वोट की ताकत से हराकर कांग्रेस को लाखो मतो से जिताने के लिए संकल्पित है ।
कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि दलितो का अब बसपा से मोहभंग हो गया है और वे पुन: अपनी पुरानी पार्टी से जुड रहे है । इससे भाजपा घबराई हुई है क्योंकि तक वह दलितो वोटो के विभाजन का लाभ उठाकर ही जीतती रही है । लेकिन अब दलितो के कांग्रेस से पुन: जुडने से वह बौखला गई है और हिंसा पर आमादा हो गई है । दलित वर्ग को चाहिए कि वह बगैर घबराए धैर्य और संयम से काम ले और मत के जरिए ऐसे तत्वो को सबक सिखाएं ।
बिजली कटौती ने किया जीवन बेहाल
दीनदयाल नगर, शताब्दी पुरम, आदित्यपुरम, लक्ष्मीपुरम क्षेत्र मे पहुंचने पर स्थानीय नागरिको ने जगह-जगह कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह का भव्य स्वागत किया गया । इस अवसर पर श्री सिंह ने कहा कि पांच वर्ष पहले मात्र सौ दिन में चौबीसों घंटे बिजली देने का वादा करके राज्य मे विधानसभा और लोकसभा की सीटें जीतने वाली भाजपा जीतकर सत्ता मद में चूर हो गई और अपने वादो को भूल गई । चौबीसों घंटे बिजली देना तो दूर ग्वालियर में तो लोगो को चार घंटे भी ठीक से बिजली नही मिल पा रही । बच्चो ने इस बार मोमबत्ती और लालटेन की रोशनी में बैठकर परीक्षा दी और बिजली आपूर्ति के अभाव में फसलें नष्ट हो गई ।
उन्होने कहा कि दुखद बात यह है कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों के पास किसानो व नागरिको के सामने उत्पन्न दुख की इस घड़ी में मरहम लगाने की फुर्सत नही रही । वे या तो दिल्ली-भोपाल में रहे या फिर स्वागत कराने के लिए अपने चहेतो के द्वार गए । श्री सिंह ने कहा कि अब सबक सिखाने का मौका आपके हाथ में है और इस बार सोना परखकर ऐसा जनप्रतिनिधि चुनें जो समस्या के समय आपके बीच रहें । आपके साथ आवाज उठाए और सिर्फ स्वागत-सत्कारो के लिए आम व्यक्ति के लिए राजनीति करें । श्री सिंह ने लोगो से एकजुट होकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की ।
नहीं पहनी फूल-मालाएं : कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह ने अपने चुनावी दौरे के समय गोहद के कांग्रेस विधायक माखन जाटव की नृशंस हत्या के विरोध मे शोक व्यक्त करते हुए फूल-मालाएं नही पहनी । उन्होने अपने कार्यक्रम की शुरूआत सभी जगह दो मिनट की मौन श्रृध्दाजंलि के साथ की और कार्यकर्ताओ से अपील की कि वे आतिशबाजी, नारे और स्वागत सत्कार न करें । श्री सिंह द्वारा अपनाई गई इस सादगी की आमजनों मे काफी चर्चा रही ।
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