बुधवार, 22 अगस्त 2007

सक्रियता और निष्क्रियता

''पड़े पड़े तो अच्‍छे से अच्‍छे फौलाद में भी जंग लग जाता है, निष्क्रिय हो जाने से,सारी दैवीय शक्तियां स्‍वत: मनुष्‍य का साथ छोड़ देतीं हैं''

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