'' रेल के इंजन के पास खड़े होकर देखो, काम करने वाली भाप का स्वर कोई नहीं सुनता, केवल व्यर्थ जाने वाली भाप ही शोर मचाती है, जो ऊर्जा और शक्ति तुम्हारे भीतर उपयोग हो रही है वह गुप्त और अज्ञात रहती है, तुम जो शोर मचाते फिरते हो और उपद्रव करते हो यह बेकार जाने वाली बिना काम की ऊर्जा और शक्ति है'' –जेम्स एलन
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