मंगलवार, 12 अगस्त 2008

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास की योजनाओं में म.प्र. को अग्रणी स्थान दिलाने वाले अधिकारी-कर्मचारी बधाई के पात्र : श्री रूस्तम सिंह

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास की योजनाओं में म.प्र. को अग्रणी स्थान दिलाने वाले अधिकारी-कर्मचारी बधाई के पात्र : श्री रूस्तम सिंह

श्री रूस्तम सिंह द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता

 

भोपाल : 9 अगस्त, 2008

 

ग्रामीण विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश को देश में अग्रणी बनाने के पीछे विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और लगन है। वे भविष्य में भी राष्ट्रीय ग्रामीण विकास की योजनाओं का इसी तरह सर्वश्रेष्ठ क्रियान्वयन करते हुए मध्यप्रदेश को शीर्ष स्थान कायम रखें। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने ये उद्गार कल यहाँ आयोजित मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक में व्यक्त किए। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने भाग लिया। प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्री इंद्रनील शंकर दाणी, आयुक्त पंचायत, श्रीमती वीणा घाणेकर, समन्वयक, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम, श्रीमती रश्मि अरूण शमी, संचालक राजीव गांधी जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन श्री सचिन सिन्हा भी बैठक में उपस्थित थे।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत देश में प्रारंभ से ही अव्वल स्थान बनाये हुए है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में भी जल्द ही राजस्थान को पीछे छोड़ते हुए मध्यप्रदेश के शीर्ष स्थान पर पहुंचने की संभावना है। श्री सिंह ने राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरी का त्वरित भुगतान करने के निर्देश दिए। बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री को जानकारी दी गई कि कमी-कमी केन्द्र शासन से राशि मिलने में देर होने से भुगतान में विलम्ब हो जाता है अन्यथा मजदूरों को शीघ्र मजदूरी का भुगतान किया जाता है।

श्री सिंह ने बताया कि पिछले दिनों एक अशासकीय संस्था द्वारा राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में तथाकथित रूप से पांच जिलों को पिछड़ा घोषित करने के मामले में तथ्यों की जांच की जा रही है। इसके लिए समन्वयक, डीपीआईपी श्री रवीन्द्र पस्तोर, परियोजना समन्वयक ग्रामीण आजीविका परियोजना श्री जितेन्द्र अग्रवाल, संचालक राजीव गांधी जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन, श्री सचिन सिन्हा को शामिल करते हुए एक जांच समिति बनाई गई है। यह समिति 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। समिति के साथ स्टेट क्वालिटी मॉनिटर टीम भी सभी 125 गांवों का भ्रमण कर एक-एक हितग्राही का बयान लेगी। यदि किसी भी स्तर पर कोई त्रुटि पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति के विरूध्द कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में पंचायत विभाग की योजनाओं सहित राष्ट्रीय रोजगार गारंटी स्कीम, उपयोजना नंदन फलोद्यान, जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन, बैकवर्ड रीजन ग्रान्ट फण्ड, स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, मध्यान्ह भोजन योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, हरियाली महोत्सव, समग्र स्वच्छता अभियान, स्वजल धारा योजना और इंदिरा आवास योजना आदि की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

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