सहरिया हितग्राही की राय को सर्वोच्च प्राथमिकता दें-कलेक्टर
सहरिया परिवारों को खेती के लिए शत-प्रतिशत अनुदान पर मिलेंगे ट्रैक्टर
सहरिया विकास अभिकरण की नवगठित गवर्निंग बॉडी की प्रथम बैठक संपन्न
ग्वालियर 12 अगस्त/08। सहरिया परिवारों को शत-प्रतिशत अनुदान के आधार पर स्वयं का रोजगार स्थापित कराने में हितग्राही की राय, कौशल व उत्पाद की विपणन व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाये, जिससे सहरिया परिवारों को आय के स्थाई साधन मिल सकें। नव गठित सहरिया विकास अभिकरण की गवर्निंग बॉडी की प्रथम बैठक में ये निर्देश जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने संबधित अधिकारियों को दिये। राज्य शासन द्वारा मनोनीत सहरिया जन प्रतिनिधि श्री धुलईराम की अध्यक्षता में यह बैठक आज यहां राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में संपन्न हुई। इस बैठक में जिले के सैकड़ों सहरिया परिवारों को अभिकरण के माध्यम से संचालित विशेष केन्द्रीय सहायता योजना के अंतर्गत आय के साधन मुहैया कराने के लिए कार्ययोजना के अनुमोदन के साथ इसे मूर्त रूप देने के लिए रणनीति भी तय की गई ।
जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी के सुझाव पर गवर्निंग बॉडी ने सहरिया परिवारों की भूमि के सुधार व खेती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया हैं। जिसके तहत सहरिया परिवारों को 25-25 सदस्यों के स्व -सहायता समूहों में संगठित कर शत-प्रतिशत अनुदान पर ट्रैक्टर उपलब्ध कराया जाऐगा। इस ट्रैक्टर से सहरिया परिवार पट्टे पर मिली जमीन के साथ अपनी पुश्तैनी जमीन को सुधार सकेंगे और खेती भी कर सकेंगे। इसके अलावा अन्य आयमूलक गतिविधियों में भी इस ट्रैक्टर का वे इस्तेमाल कर सकेंगे। जिला कलेक्टर ने जनपद पंचायत बरई के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से घाटीगांव में पहुचकर यह समूह गठित कराने एवं बैंक में समूह का खाता खुलवाने के निर्देश दिये हैं। समूह गठन में गवर्निंग बॉडी के सदस्यगण भी प्रशासन की मदद करेंगें।
सहरिया विकास अभिकरण की गवर्निंग बॉडी की बैठक में निर्णय लिया गया कि अभिकरण की योजनाओं से सहरिया समुदाय के हर गांव को लाभान्वित कराया जाएगा। हितग्राहियों के चयन में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी और उनका चयन पर्ची डालकर लॉटरी पध्दति से किया जाएगा। सहरिया परिवारों को स्वरोजगार मुहैया कराने के लिए भूमि सुधार, भैंस व बकरी पालन, ईंट भट्टा, किराना स्टोर, टैंट हाउस, लघु वनोपज संग्रहण, मुर्गी पालन आदि आर्थिक गतिविधियों को समिति द्वारा अनुमोदित किया गया हैं। उक्त यूनिट समूह में व व्यक्तिगत रूप से स्थापित कराई जायेंगी और संपूर्ण खरीदी में हितग्राही की राय सर्वोच्च रहेगी। उनके तकनीकी सहयोग के लिए खासतौर पर भैंस व बकरी क्रय में सहयोग हेतु एक समिति गठित की गई हैं, जिसमें गवर्निंग बॉडी के सहरिया सदस्य, पशु चिकित्सा अधिकारी, आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी आदि शामिल किये गये हैं। बैठक में हरेक विकास खण्ड के सहरिया बहुल ग्रामों को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के लिए चिन्हित किया गया हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द समग्र कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश भी बैठक में दिये गये। ज्ञातव्य हो अभिकरण की विशेष केन्द्रीय सहायता योजनांतर्गत प्रतियूनिट 20 हजार रूपये का अनुदान दिया जाता हैं।
गवर्निंग बॉडी की बैठक में राज्य शासन द्वारा नामांकित सहरिया समुदाय के जनप्रतिनिधि सर्वश्री बावूलाल, रामदयाल व श्रीमती जानकी बाई सहित जिले की विभिन्न जनपद पंचायतों के मुख्यकार्यपालन अधिकारी तथा आदिम जाति कल्याण, पशु चिकित्सा, कृषि, उद्यानिकी, लोकस्वास्थ्य यात्रिंकी आदि विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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