जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकिज बनाने के निर्देश
कृषि योजनाओं में गति देने हेतु कलेक्टर श्री त्रिपाठी के अधिकारियों को निर्देश
ग्वालियर 13 अगस्त/08। कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने जैविक खेती का बढ़ावा देने के लिए व्यापक पैमाने पर बर्मीकम्पोस्ट बनाने के लिए विशेष पैकिज बनाने के निर्देश कृषि विभाग के अधिकारियों को दिये हैं। श्री त्रिपाठी आज अपने कक्ष में कृषि उत्पादन से जुड़े विभागो की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में कृषि , पशुपालन उद्यानिकी, मत्स्यपालन , सहकारिता कॉपरेटिव बैंक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है कि विभाग वर्मी कम्पोस्ट बनायें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान के यहां दो -दो वर्मी यूनिट वने, इसके लिए विशेष पैकिज बनाया जाये। इसमें सहरिया कृषकों को भी जोड़ें उन्हें अनुदान राशि की भी व्यवस्था की जायेगी। कलेक्टर श्री त्रिपाठी ने जैविक खेती पर प्रकाश डालते हुये कहा कि कृषकों को जैविक खेती के महत्व को बताते हुए जैविक खेती अपनाने के लिए कृषकों को प्रेरित किया जाये। इस कार्य में विभागीय मैदानी अमले का भी उपयोग किया जाये।
कृषि विभाग द्वारा किसानों के हितों में संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी योजनाओं में गति लाने के निर्देश देते हुए कहा कि टैक्ट्रर, उन्नत कृषि यंत्रों का वितरण पौध संरक्षण जैसे उपकरणों का वितरण सुनिश्चित किया जावे। इसी तरह खेत तालाब, बलराम तालाव, नलकूप, बायौगैस जैसे प्रकरणों में अधिक से अधिक स्वीकृति प्रदान की जावे।
नाडेपटांका की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि ब्लॉक वार लक्ष्य को विभाजित करके प्रगति लाई जावे। इसी तरह अगली बैठक तक सभी 17 टैक्ट्रर वितरण में स्वीकृति जारी की जावे। इसी तरह वायौगैस सयंत्रों के कार्यों में प्रगति लाई जाये। इसके लिए उन्होंने एम.पी.एग्रो को एजेन्सी नियुक्त करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने भितरवार और डवरा में 75-75 और मुरार घाटीगांव में 50-50 वायौगैस निर्मित करने का लक्ष्य तय किया। खेत तालाब और बलराम तालाब योजना के लिए किसानों को प्रेरित करने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि मालवा क्षेत्र में वड़ी संख्या में बने तालावों की विजिट यहां के किसानों को कराई जावे । कलेक्टर ने नलकूप खनन पर जोर देते हुए कहा कि इस पर लगी रोक भी शीघ्र हटा दी जायेगी। इसके पूर्व नलकूप खनन के लिए पंजीयन कार्य शुरू कर दे। कलेक्टर ने स्प्रिकलर योजना में भी गति लाने के निर्देश दिये।
बैठक में आगामी रवी सीजन की तैयारियों पर भी कलेक्टर ने समीक्षा की। कलेक्टर ने पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए सभी लक्ष्यों को निर्धारित समय अवधि में पूर्ण करने तथा पशुओं में फैलने वाली बीमारियों के प्रति सचेत रहते हुए उनका टीकाकरण करने तथा ग्रामीण स्तर पर पशु उपचार शिविर आयोजिन करने के निर्देश दिये । कलेक्टर ने पशुपालन विभाग में लागू की गई बैंक ऋण पर बकरी पालन योजना और डेयरी हेतु भैंस पालन योजना में लक्ष्य के अनुरूप प्रकरणों में स्वीकृति के निर्देश दिये।
1 टिप्पणी:
भैया कुछ काम हो तो बात बनें। जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाना नितांत आवश्यक है।
बधाई।
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