बुधवार, 12 नवंबर 2008

विधिक साक्षरता सप्ताह शुरू कैदियों को दी गई जानकारी

विधिक साक्षरता सप्ताह शुरू कैदियों को दी गई जानकारी

 

ग्वालियर 10 नवम्बर 08। जिला न्यायाधीश श्री ए. के. मिश्रा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय विधिक साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में नौ नवम्बर से 16 नवम्बर तक विधिक साक्षरता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।

       इसी क्रम में गत दिवस केन्द्रीय जेल में साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में श्री ए. के. जैन, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , श्री जितेन्द्र सिंह कुशवाह, रेल्वे मजिस्ट्रेट, श्री अरूण प्रधान, जिला विधिक सहायता अधिकारी, जेल अधीक्षक, श्री के पी. श्रीवास्तव , उप अधीक्षक श्री ओ एन. शर्मा, सहायक अधीक्षक, श्री सुनीत वर्मा, सहायक अधीक्षक श्री आर के. शर्मा, परिवीक्षा अधिकारी, श्री आर डी. उमरई उपस्थित थे।

       बंदियों को संबोधित करते हुए श्री ए के. जैन ने कहा कि यदि संयम से काम किया जाये और कानून का पालन किया जाये तो बड़े बड़े अपराध नहीं होंगे। साथ ही उनका यह भी कहना था कि जब कोई व्यक्ति अभिरक्षा में होता है तो ऐसे प्रत्येक व्यक्ति को नि:शुल्क विधिक सेवा का प्रावधान है और उक्त नि:शुल्क विधिक सहायता निचली अदालतों से लेकर माननीय उच्चतम न्यायालय तक प्राप्त की जा सकती है। किसी व्यक्ति को किसी अपराध में गिरफ्तार किये जाने पर जब मजिस्ट्रेट के समक्ष ऐसे व्यक्ति को पेश किया जाता है तो उसी समय से ही वह नि:शुल्क विधिक सहायता पाने का अधिकारी है, अर्थात् रिमाण्ड की स्टेज पर भी विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है।

       रेल्वे मजिस्ट्रेट श्री जितेन्द्र कुशवाह के द्वारा बताया गया कि अधिकारों की प्राप्ति कानूनी दायरे में रहकर करना चाहिये। अधिकारों की प्राप्ति के लिये अपराध का सहारा नहीं लेना चाहिये और समाज में भाई-चारे के साथ रहकर सामाजिक समरसता कायम करना चाहिये।

       विधिक सहायता अधिकारी, श्री अरूण प्रधान ने अपराधियों से संबंधित विधि के विभिन्न प्रावधानों एवं सजा होने पर निर्धारित अवधि में अपील करने की सलाह दी। जेल अधीक्षक श्री के. पी. श्रीवास्तव ने विधिक सहायता शिविरों के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुये समय-समय पर ऐसे शिविर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री विनोद श्रीवास्तव ने बन्दियों के अधिकारों के सम्बन्ध में जानकारी दी।

 

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