सुशासन अभियान जारी , जन समस्याओं के समाधान के लिए अभियान दलों द्वारा गाँव-गाँव में दस्तक
ग्वालियर 10 जनवरी 09। सुशासन अभियान के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों की अगुआई में गठित दलों द्वारा गाँव-गाँव में दस्तक दी जा रही है। गौरतलब है कि जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी की पहल पर जिले में यह अभियान प्रशासनिक कामकाज में कसावट लाने, जन समस्याओं का समाधान करने एवं प्रदेश सरकार के सात संकल्पों को अमलीजामा पहनाने के मकसद से चलाया जा रहा है। गत 9 जनवरी से शुरू हुआ यह अभियान 20 जनवरी तक जारी रहेगा।
इस अभियान के सुखद परिणाम भी सामने आ रहे हैं। मसलन अभियान के तहत तैनात अधिकारियों द्वारा गाँव भ्रमण के समय भरे गये प्रपत्रों से ऐसे हितग्राहियों का पता चल रहा है जिन्हें छोटी-मोटी तकनीकी औपचारिकताओं को पूर्ण कर शासन की योजनाओं का त्वरित लाभ दिया जा सकेगा। सुशासन अभियान के तहत जनपद पंचायत मुरार के ग्राम हस्तिनापुर में गये दल ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत ऐसे पात्र प्रकरणों का पता लगाया है, जिनके फॉर्म भरे जा चुके हैं। इन प्रकरणों में अब शेष कागजी खानापूर्ति जल्द हो सकेगी और संबंधित को लाभान्वित कराया जा सकेगा। इसी तरह मुरार जनपद पंचायत के ही ग्राम सौसा व टिहोली तथा घाटीगांव जनपद पंचायत के ग्राम आरौन में ऐसे हितग्राही चिन्हित किये गये हैं जिन्हें कागजी खानापूर्ति के अभाव में लाभ प्राप्त करने में देरी नहीं होगी। भ्रमण दलों ने विभिन्न शासकीय संस्थाओं में अनियमित रूप से जाने वाले शासकीय कर्मचारी भी खोजे हैं, इनके खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है साथ ही ग्राम स्तर की शिक्षा, स्वास्थ्य व आंगनवाड़ी आदि संस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए भी जिला प्रशासन द्वारा भ्रमण दलों के प्रतिवेदन के आधार पर प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। भ्रमण दलों द्वारा विद्युत , पेयजल व स्वास्थ्य से संबंधित जो कठिनाइयां बताईं हैं उन्हें दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने योजनाबध्द कार्यक्रम बनाया है।
उल्लेखनीय है कि सुशासन अभियान को अंजाम देने के लिए जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने जिला स्तरीय अधिकारियों के नेतृत्व में 38 दल गठित किये हैं। प्रत्येक दल में दो वरिष्ठ अधिकारी एवं एक सहायक अधिकारी इस प्रकार कुल तीन अधिकारी शामिल किये गये है। यह दल आगामी 20 जनवरी तक बिना बताये अपने प्रभाव के गांवों में पहुंचेंगे और जिला प्रशासन द्वारा दिये गये प्रपत्र को ग्रामीणों से चर्चा उपरान्त भर कर लायेंगे। इस दौरान वे शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत जानेंगे। साथ ही शासकीय संस्थाओं का अवलोकन भी करेंगे। प्रत्येक दल को 12 से लेकर 18 ग्रामों की जवाबदेही सोंपी गई है।
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