सोमवार, 12 जनवरी 2009

प्रदेश सरकार के संकल्पों को पूरा करने के लिए जिले में सुशासन अभियान शुरू

प्रदेश सरकार के संकल्पों को पूरा करने के लिए जिले में सुशासन अभियान शुरू

कलेक्टर ने लिया जायजा, कल्याणी ग्राम के सभी स्कूलों के समस्त शिक्षकों की दो-दो वेतन बृध्दि रोकने के निर्देश

ग्वालियर 9 जनवरी 09। प्रदेश सरकार के सात संकल्पों को जमीनी हकीकत बनाने के मकसद से ग्वालियर जिले में सुशासन अभियान के रूप में एक अभिनव पहल हुई है। जिला प्रशासन द्वारा शुरू किये गये इस अभियान के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों के नेतृत्व में बने 38 दलों ने आज जिले के विभिन्न ग्रामों में दस्तक दी। जिला प्रशासन की पहल पर शुरू हुआ यह अभियान आगामी 20 जनवरी तक चलेगा। आज से शुरू हुए सुशासन अभियान का जायजा लेने के लिए जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी भी जिला पंचायत के मख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा के साथ जनपद पंचायत डबरा व भितरवार के विभिन्न ग्रामों में पहुंचे। उन्होंने इस दौरान जनपद पंचायत डबरा के ग्राम कल्याणी में शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय तथा हाई स्कूल बंद मिलने पर उक्त तीनो विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व प्राचार्य सहित समस्त शिक्षकों की दो-दो वेतन वृध्दि रोकने की कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। जिला कलेक्टर ने इसी तरह जनपर पंचायत भितरवार के ग्राम लदवाया के माध्यमिक विद्यालय में लम्बे समय से अनुपस्थित रह रहे संविदा शिक्षक वर्ग -2 श्री पवन कुमार गुप्ता की सेवाएं समाप्त करने तथा यहां के  प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ संविदा शिक्षक वर्ग-3 सुश्री रेखा तिवारी के खिलाफ इसी तरह की सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है। श्री त्रिपाठी ने डबरा के खण्ड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की हिदायत दी है। उन्होंने ग्राम कल्याणी में अव्यवस्थित रूप में मिली आंगनवाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता श्रीमती सुनीता वैश्य का 10 दिवस का मानदेय काटने के निर्देश भी दिये हैं।

       कलेक्टर ने उक्त ग्रामों के स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों एवं उनके अभिभावकों से रूबरू होकर मध्यान्ह भोजन वितरण के बारे में पूंछा। बच्चों ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से मध्यान्ह भोजन मिल रहा है। श्री त्रिपाठी ने ग्राम लदवाया के स्कूल में पकाये जा रहे मध्यान्ह भोजन को स्वयं भी देखा। साथ ही स्कूल के बच्चों के शैक्षणिक ज्ञान का जायजा भी लिया। कक्षा 8 के एक विद्यार्थी मनोज सिंह ने कलेक्टर द्वारा पूछे गये तीन अंकों वाले गुणा के प्रश्न को श्याम पट पर आसानी से हल कर दिया। श्री त्रिपाठी ने इन ग्रामों में विद्युत आपूर्ति के बारे में भी ग्रामीणों से जानकारी ली। ग्रामीणों का कहना था कि उनके ग्राम में रात्रि के समय तीन घण्टे और दिन में चार से पांच घण्टे इस प्रकार एक दिन में करीबन सात से आठ घण्टे थ्री फेज बिजली सप्लाई हो रही है।

उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने प्रत्येक दल को 38 बिन्दुओं का प्रपत्र सोंपा है, जिसमें गाँव स्तर पर सरकार द्वारा मुहैया कराई जा रहीं सेवाओं की उपलब्धता व इनसे जुड़ीं समस्याओं को बिन्दुवार संकलित किया जा रहा है। साथ ही सरकार द्वारा संचालित हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ दूर-दराज के लोगों  तक सुगमता से पहुंचाना भी इस अभियान का अहम पहलू है। प्रशासनिक काम काज में कसावट लाने के लिए इस अभियान के माध्यम से ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दण्डित किया जायेगा, जो अपने दायित्वों का ठीक ढंग से निर्वहन न कर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा बन रहे हैं। कलेक्टर श्री त्रिपाठी का कहना है कि सुशासन अभियान शुरू करने के पीछे यह उद्देश्य है कि जिले में ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था कायम हो, जिससे योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही हम तक न आयें अपितु हम उन तक पहुंच कर उन्हें लाभान्वित करायें। अर्थात हितग्राही को अपने आवेदन लेकर, जिला व जनपद पंचायत, तहसील व कलेक्ट्रेट आदि कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। गाँव स्तर पर ग्राम पंचायत के दफ्तर नियमित रूप से खुलें, विभिन्न विभागों के मैदानी कर्मचारियों की गांव स्तर पर आसान उपलब्धता हो और सभी विभागों के गांव स्तर के कर्मचारियों के मध्य बेहतर समन्वय हो, जिससे गांव स्तर की समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो जाये। साथ ही यदि समस्या का निराकरण तहसील व जिला स्तर पर होना है  तो ऐसी स्थिति में भी आवेदन ग्राम पंचायत कार्यालय के माध्यम से आयें। कहने का आशय है कि गांववासियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। बुधवार के दिन जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत कार्यालय अनिवार्य रूप से खोलने और सभी विभागों से ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को इस दिन आवश्यक रूप से अपने ग्राम मुख्यालय पर मौजूद रहने के लिए  जिला कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं।

      सुशासन अभियान के लिए बनाये गये प्रपत्र का निर्माण प्रदेश सरकार के सात संकल्पों को केन्द्र में रखकर किया गया है। इस प्रकार प्रपत्र में अधोसंरचनागत विकास, कृषि को फायदे का धंधा बनाना, महिला सशक्तिकरण, निवेश समृध्दि, स्वास्थ्य व शिक्षा, सुशासन एवं संसाधन विकास तथा आंतरिक रक्षा व कानून व्यवस्था से संबंधित तकरीबन सभी बातें आ गईं हैं।

सरपंच व सचिवों की बैठक में बताईं प्राथमिकतायें

जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने आज डबरा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के सरपंच व सचिवों तथा यहां के खण्ड स्तरीय अधिकारियों की बैठक में राज्य शासन की प्राथमिकताओं को विस्तार से बताया। इस बैठक में उन्होंने साफतौर पर कहा कि राज्य शासन की पहल पर बनाई गई सौ दिवसीय कार्ययोजना के लक्ष्य हर हालत में प्राप्त किये जायें। उन्होने रोजगार गारण्टी योजना के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया और कहा कि जिन ग्राम पंचायतों के सरपचों की उदासीनता की वजह से कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं और जरूरतमंदों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है, उनके खिलाफ पंचायतराज अधिनियम की धारा-40 के तहत पद से प्रथक करने की कार्रवाई की जाये। साथ ही इन ग्राम पंचायत के सचिव के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाये। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा ने शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की ग्राम पंचायतवार समीक्षा की और योजनाओं का शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिये।

 

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