लिंग आधारित परीक्षण अथवा गर्भपात: सूचनाकर्ता को एक लाख का इनाम
ग्वालियर 10 मई 09। भ्रूण लिंग परीक्षण एवं लिंग आधारित गर्भपात की सूचना देने वाले व्यक्ति को राज्य शासन द्वारा एक लाख रूपये का इनाम प्रदान किया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. अर्चना शिंगवेकर ने बताया कि भ्रूण लिंग परीक्षण एवं लिंग आधारित गर्भपात पर नियंत्रण हेतु भारत सरकार द्वारा वर्ष 1996 से पीसी एवं पीएनडीटी एक्ट लागू किया गया है । साथ ही इस ऐक्ट को और प्रभावी बनाने के लिये इसमें वर्ष 2002 में आवश्यक संसोधन किये गये हैं। पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के अन्तर्गत एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक्ट का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति की सूचना देने वाले सूचनाकर्ता को प्रोत्साहन स्वरूप एक लाख रूपये का पुरस्कार राज्य शासन प्रदान करता है। समाज से बालिकाओं की घटती हुई संख्या से उत्पन्न हुई लिंगानुपात की विषमता को ध्यान में रखकर मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने पी एन डी टी. ऐक्ट के उल्लंघन की सूचना देने वाले को प्रथम चरण में 50 हजार रूपये तथा द्वितीय चरण में अर्थात दोषी व्यक्ति के विरूध्द दंडात्मक कार्यवाही होने की दशा में 50 हजार रूपये पुरस्कार स्वरूप प्रदान किये जाने का निर्णय लिया है । पुरस्कार प्राप्त करने हेतु शिकायतकर्ता को आवश्यक साक्ष्य भी उपलब्ध कराने होते हैं। इस हेतु किये गये स्ंटिग आपरेशन को भी योजना के अन्तर्गत प्रभावी साक्ष्य के रूप में मान्य किया गया है साथ ही इसे प्रोत्साहित भी किया गया है ।
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