शनिवार, 9 मई 2009

सब्जियों और फलों पर रंगों का प्रयोग ?

सब्जियों और फलों पर रंगों का प्रयोग ?

भोपाल 8 मई 09 । खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 का निरसन कर एक नया अधिनियम फुड सेफ्टी एंड स्टैंर्डड्र्स एक्ट 2006 पारित किया गया है । इस नये अधिनियम के तहत नियम बनाने की प्रक्रिया जारी है । इस आशय की जानकारी भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली ने एक पत्र द्वारा मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग को दी है ।

       ज्ञातव्य है कि समाचार पत्रों में सब्जियों और फलों पर रंगों का प्रयोग करने संबंधी कुछ समाचार प्रकाशित हुये थे । इन समाचारों में यह बताया गया था कि ये रासायनिक रंग मानव स्वास्थ्य पर खराब असर डालते हैं । मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने प्रकाशित समाचार पर संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी थी । इस संबंध में नगर पालिक निगम, भोपाल और मध्यप्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन से नियमों आदि की जानकारी ली गई । बाद में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली को भी इस संबंध मे बने खाद्य अपमिश्रण अधिनियम 1954 के प्रावधानों का खुलासा करने के लिए लिखा गया । भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने सूचित किया है कि पूर्ववर्ती अधिनियम का अनुपालन करने के लिए राज्य और केन्द्र शासित सरकारें उत्तरदायी हैं । प्राधिकरण ने यह भी बताया कि नये अधिनियम के लिए नियम बनाये जा रहे हैं । इस अधिनियम को प्राधिकरण वेबसाइट पर रखकर स्टेक होल्डरों से प्रतिपुष्टि राय मांगी जायेगी । प्राधिकरण ने मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग से भी बनाये जा रहे नियमों के संबंध में सुझाव मांगे हैं । प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक नया अधिनियम अमल में नहीं आता तब तक पुराना अधिनियम ही प्रभावशील रहेगा ।

       आयोग के अध्यक्ष जस्टिस श्री डी.एम.धर्माधिकारी ने प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन और आयुक्त भोपाल नगर निगम को पत्र लिखकर यह जानकारी चाही है कि वर्तमान में प्रचलित खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 के अर्न्तगत सब्जी और फलों में रंगों का प्रयोग नियंत्रित रखने के लिए क्या कार्रवाई की जा रही है ।

 

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