गलत छपी पुस्तकें बदल सकेंगे बच्चे
Due to Undeclared Day & Night Power Cut at Morena in
ग्वालियर, 29 मई 09/ मध्यप्रदेश के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क वितरित की जाने वाली पुस्तकों में अब वितरण के उपरांत बच्चों के हित में एक कदम और आगे बढ़कर स्कूल शिक्षा विभाग ने नया निर्णय लिया है । नि:शुल्क पाठय पुस्तक वितरण योजना के तहत बच्चों के उपयोग हेतु स्कूलों में पहुँचने वाली पुस्तकों में से अगर कुछ पुस्तकें मुद्रण, कर्टिग, बाइडिंग की दृष्टि से आंशिक त्रुटिपूर्ण भी हो अथवा पैकिंग, परिवहन या अन्य कारणों से मैली या कट-फट गयी हों तो संबंधित स्कूल ऐसी पुस्तकें पाठय पुस्तक निगम के डिपो से तत्काल बदल सकेंगे । पाठय पुस्तक निगम की अधिकारिक जानकारी के अनुसार जिन स्कूलों में इस तरह की कुछ किताबें प्राप्त हों वे, विद्यार्थियों को नि:शुल्क वितरित की जाने वाली पुस्तकों में मुद्रित सीरियल नम्बर के आधार पर पाठय पुस्तकें बदलकर निगम के संबंधित डिपों से नवीन पाठय पुस्तकें प्राप्त कर सकते हैं । इस सम्बन्ध में पूर्व में ही संबंधित डिपो अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है । पाठय पुस्तक निगम के द्वारा कक्षा एक से 8 तक की नि:शुल्क वितरित की जाने वाली समस्त पाठय पुस्तकें डिपो के माध्यम से समय सीमा में उपलब्ध करायी जा चुकी हैं । वहीं नवीं से बारहवीं कक्षाओं की भी सभी पाठय पुस्तकें लक्षित संख्या के अनुसार उपलब्ध करायी गई हैं । अभी तक इन कक्षाओं की 75 प्रतिशत से अधिक पुस्तकों की आपूर्ति निगम के द्वारा की जा चुकी है । जिनमें खुले बाजार की पुस्तकें भी शामिल हैं ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
ग्वालियर टाइम्स आपकी टिप्पणी का स्वागत करती है, टिप्पणी संयत एवं भद्र होना चाहिये अन्यथा आपकी टिप्पणी प्रकाशन से अवरूद्ध कर दी जायेगी व आपकी आई.डी ब्लाक कर दी जायेगी