सोमवार, 7 सितंबर 2009

पूरे भारत के नगर निगम के कामकाज और कायदों में एकरूपता जरूरी : महापौर विवेक नारायण शेजवलकर

पूरे भारत के नगर निगम के कामकाज और कायदों में एकरूपता जरूरी : महापौर विवेक नारायण शेजवलकर

ग्वालियर दिनांक 06.09.2009-  सेन्ट्रल पार्क ग्वालियर में आज ऑल इण्डिया काउंसिल ऑफ मेयर्स की बैठक महापौर विवेक नारायण शेजवलकर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में मेयर्स काउंसिल के सचिव पिनाकिन जोशी तथा देहरादून के महापौर विनोद चमोली उपस्थित हुये।

काउंसिल के सचिव पिनाकिन जोशी द्वारा बताया गया कि संस्था पूरे भारत वर्ष के महापौरों की परिषद है उसका संविधान सर्वप्रथम अगस्त 1978 में लागू हुआ था उसके बाद 1985 में और 2002 में उसमें सुधार किया गया था उसके बावजूद भी थोड़ी सी त्रुटिया रह गई थी उसमें सुधार करने के लिये ग्वालियर के महापौर विवेक नारायण शेजवलकर की अध्यक्षता में एक सबकमेटी का गत महीने गठन किया गया था और संविधान में संशोधन करने के लिये सब कमेटी की मीटिंग सेन्ट्रल पार्क में आज बुलाई गई थी इस कमेटी में 5 सदस्य भुवनेश्वर, वाराणसी, देहरादून, सागर, भोपाल के पूर्व महापौर और मेयर परिषद के सचिव समिति के सदस्य हैं।

       आज उपस्थित सदस्यों में संविधान के बारे में चर्चा हुई। भारत वर्ष के अन्य मेयरों द्वारा लाये गये सुझावों पर पूरा विचार विमर्श हुआ और इस समिति द्वारा सभी सुझाव के बाद जरूरी परिवर्तन करेंगे और मेयर-इन-काउंसिल की कार्यकारिणी समिति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

       आज की प्रेस कान्फ्रेंस में मान0 महापौर विवेक नारायण ने बताया कि ऑल इण्डिया काउंसिल ऑफ मेयर्स की सर्वप्रथम बैठक 1962 में हुई। आज 124 महापौर इस परिषद के सदस्य है और 29 पूर्व महापौर उसके एसोसियेट सदस्य हैं । संस्था का मुख्य कार्यालय दिल्ली में है और इसी साल अलीगढ़ के मेयर आशुतोष वर्षनी चेयरमेन के पद पर चुने गये हैं और ग्वालियर मेयर विवेक नारायण शेजवलकर को वरिष्ठ वाइस चेयरमेन पद पर नियुक्त किया गया है।

       श्री शेजवलकर ने प्रेस कांफ्रेन्स में बताया कि पूरे भारत वर्ष में नगर निगमों का कामकाज में एकरूपता है मगर कायदे में एकरूपता नहीं है। 74 वे संशोधन में नगर निगमों के एक्ट बनाने की सत्ता राज्यों में विहित कर दी गई इसलिये अलग-अलग राज्यों में मेयरों के कार्यकाल में भिन्नता है, विशेषाधिकारों में विभिन्नता है और अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग एक्ट है उसमें एकरूपता लाने के लिये पूरे भारत वर्ष के नगर निगमों के लिये एक मॉडल एक्ट बनाने के बारे में प्रयत्नशील है और काउंसिल द्वारा राज्य और राष्ट्र के समक्ष में ये बात पूरे जोर से रखी जा रही है।

       महापौर ने यह भी बताया कि शासन चलाने वाले अधिकारियों पर महापौरों का  वर्तमान स्थिति में पूर्ण नियंत्रण नहीं है। निगम आयुक्त की सी.आर. लिखने का अधिकार महापौरों को होना चाहिये। कांउसिल ऑफ मेयर राज्य सरकारों के समक्ष में यह मुद्दा पूरे जोर से रखने वाली है।

       देहरादून के महापौर विनोद चमोली ने बताया कि पंचायती राज नगर निगमों की कार्यवाही और उसके अधिकारों पर राज्य सरकारों को पूरा ध्यान देना चाहिये और जब तक राज्य सरकार पूर्ण अधिकार नगर निगमों को नहीं देगी तब तक नगर निगम की समस्याओं का हल होना मुश्किल है।

 

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