प्रधानमंत्री ने ग्राम रोजगार पर ग्रामीण विकास मंत्रियों के सम्मेलन का उद्धाटन किया
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा है कि सरकार गरीबी उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और रोजगार सृजन एवं समृध्दि के लिए सार्वजनिक प्रणाली की गुणवत्ता और सार्वजनिक सेवाओं की सुपुर्दगी सुधारने के लिए सोद्देश्य कार्य करेगी। आज यहां विज्ञान भवन में राज्योंसंघीय क्षेत्रों के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्रियों के सम्मेलन का उद्धाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने सरकार के पऊलैगशिप कार्यक्रमों की डिजाइनिंग, नियोजन, निगरानी और कार्यान्वयन, गरीबी रोधी कार्यक्रम नरेगा और प्रस्तावित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में पंचायती राज संस्थाओं की दक्षता विकसित करने की आवश्यकता रेखांकित की। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रस्तावित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और नरेगा में उभरते मसलों पर चर्चा करने के लिए ग्राम विकास पर इस सम्मेलन का आयोजन किया है।
राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्यक्रम के तहत कार्य से हमारे प्राकृतिक संसाधनों को पुनरूध्दार और नवीकरण में मदद मिली है, इस तथ्य की सराहना करने हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें नरेगा से सबक सीखने चाहिए और पिछले पांच साल के अनुभवों के आधार पर संशोधित कार्यक्रम तैयार करने चाहिए जो हमारी ग्रामीण आबादी की आवश्यकता पूरी कर सके। इस क्षेत्र में सफलता की कहानियों और देश के विभिन्न भागों में निष्पक्ष कार्यनिष्पादन के अनेक उदाहरण हैं। उन्होंने इस सम्मेलन में उपस्थित मंत्रियों से ऐसे रास्ते तलाशने का आग्रह किया जिससे योजनाओ का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
एक दिन का यह सम्मेलन ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आयोजित किया है जिसमें विभिन्न राज्यों और संघीय क्षेत्रों के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री शामिल हुए। सम्मेलन को ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री डॉ. सी. पी. जोशी ने भी संबोधित किया।
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