मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों को असरकारी बनाने के प्रयास - श्रीमती अर्चना चिटनीस
संस्कृत स्त्रोत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
भोपाल 06 सितम्बर 09। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों को असरकारी (प्रभावी) स्कूल बनाया जायेगा। राज्य सरकार ने इस ओर तेजी से प्रयास शुरू कर दिये हैं। यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस ने हाल में संस्कृत स्त्रोत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन करते हुए दी। प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता महर्षि पंतजलि संस्कृत संस्थान के सभापति डॉ. मिथिला प्रसाद त्रिपाठी ने की। विगत 28 अगस्त से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण 4 सितम्बर तक चला। इसमें संस्कृत के 71 स्त्रोत शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। अब ये स्त्रोत शिक्षक विभिन्न जिलों के 1500 संस्कृत शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
प्रशिक्षण के समापन को संबोधित करते हुए श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा कि मध्यप्रदेश में पहली बार निचले स्तर तक शिक्षकों का प्रशिक्षण हो रहा है। कमजोर परीक्षा परिणाम को दृष्टिगत रखते हुए शिक्षकों के सतत प्रशिक्षण को जरूरी पाया गया है। इसीलिए अब ब्लॉक स्तर से लेकर संभाग स्तर तक शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ऐसे प्रयास हो रहे हैं कि शिक्षकों को केवल शिक्षक ही नहीं बल्कि अन्य व्यक्ति भी प्रशिक्षित करें। उन्होंने शिक्षा के विकास हेतु सरकार और समाज के बीच विचारों के आदान-प्रदान को जरूरी बताया। श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा कि संस्कृत भारत की प्राचीन, गरिमामय भाषा है, जिससे बहुत सारा ज्ञान जुड़ा हुआ है। हर विषय के ज्ञान के साथ संस्कृत जुड़ी हुई है। इसलिए यह विश्व की गौरवमयी भाषा बन चुकी है। उन्होंने संस्कृत के विद्वानों का आव्हान किया कि वे सभ्यता के नव निर्माण में सहभागी बनें।
डा. मिथिला प्रसाद त्रिपाठी ने संस्कृत शिक्षा के प्रसार हेतु शिक्षक प्रशिक्षण को जरूरी बताया। संस्कृत भारती मध्यप्रदेश के संगठन मंत्री श्री जयप्रकाश गौतम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थी शिक्षकों ने भी अपने विचार व्यक्त किये। प्रारंभ में श्रीमती अर्चना चिटनीस ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया। अंत में संस्थान के निदेशक श्री पी.एल. अहिरवार ने आभार व्यक्त किया।
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