पर्वतीय एवं वनांचल क्षेत्र के गाँव कैथ में कलेक्टर ने लगाई रात्रिकालीन चौपाल
कैथ गाँव पुन: होगा रोशन तो 4 सहरिया युवकों को नौकरी सहित गांव को मिलीं कई सौगातें
ग्वालियर 12 सितम्बर 09। स्कूल के छोटे से दायरे में जमी साधारण लोगों की यह असाधारण चौपाल थी। अंधेरी रात में लगी इस चौपाल में रोशनी के नाम पर एक दो पेट्रोमेक्स तो फर्नीचर के नाम पर दो-तीन चारपाई और उसके सामने कुछ दरी पर तो कुछ घास व जमीन पर बैठे लोग। यह चौपाल असाधारण इस मायने में कही जायेगी कि इसमें गाँववासियों की वर्षों पुरानी ऐसी मुरादें पूरीं हुईं, जिनके पूरे होने की वे बड़ी शिद्दत से प्रतीक्षा कर रहे थे। यहां बात हो रही है ग्वालियर जिले के पर्वतीय एवं वनांचल क्षेत्र में बसे आदिवासी बहुल गांव कैथ की, जहां जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी द्वारा बीती रात चौपाल लगाई गई। इस चौपाल में गांव को विद्युत लाइन से जोड़ने के लिये बीते 15 वर्षों से चली आ रही ग्रामीणों की बहुप्रतिक्षित मांग तो पूरी हुई। साथ ही चार सहरिया युवकों को सरकारी नौकरी, 10 सहरिया परिवारों को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिये 20-20 हजार रूपये का अनुदान, करीबन तीन दर्जन परिवारों को शौचालय, आधा दर्जन सहरिया हितग्राहियो को सिंचाई कुए, पढ़े-लिखे युवकों को जाति प्रमाण पत्र, पात्र महिलाओं को वृध्दावस्था पेंशन एवं जरूरतमंदों को गांव में ही रोजगार की सौगात मिली। कलेक्टर द्वारा लगाई गई यह जिले की दूसरी रात्रिकालीन चौपाल थी। पहली चौपाल भी आदिवासी बहुल गाँव हरसी में लगाई गई थी।
मध्यरात तक चली इस चौपाल की शुरूआत कलेक्टर श्री त्रिपाठी व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा ने सहरिया आदिवासियों का हाल-चाल पूछ कर की। उन्होंने जब गाँववासियों से पूछा कि आपकी सबसे बड़ी समस्या क्या है? इस पर गांववासी समवेत स्वर में बोले साहब बीते पन्द्रह सालों से हमारे गांव में बिजली नहीं है। उनका कहना था कि हमारे गांव की विद्युत लाइन के तार करीबन 15 वर्ष पूर्व चोरी हो गये। चूँकि हम लोगों ने विद्युत बिल जमा नहीं किये थे, इसलिये दुबारा लाइन नहीं जोड़ी गई। गाँववासियों ने कलेक्टर से एक स्वर में गुजारिश की साहब किसी तरह हमारे गांव की विद्युत लाइन जुड़वा दो। कलेक्टर ने गांववासियों की इस मांग को गंभीरता से लिया और उनसे कहा कि अगर आप सब नये विद्युत कनेक्शन लेने के लिये तैयार हो जायें तो आपकी लाइन जुड़वा दी जायेगी। ग्रामीण इस पर सहमत हो गये और इसी के साथ कैथ गांव के पुन: रोशन होने का रास्ता खुल गया। कलेक्टर ने चौपाल में मौजूद बिजली महकमे के सहायक यंत्री को विशेष प्रकरण मानते हुए कैथ गांव को पुन: विद्युतीकरण करने की हिदायत दी। कैथ गांव के बारहवीं कक्षा तक पढ़े लिखे सहरिया युवक सर्वश्री मलखान, रधुवीर, साकेत व श्री नागेश के लिये यह चौपाल सुनहरे भविष्य की सौगात लेकर आई। राज्य शासन की योजना के तहत इन युवकों को सीधे संविदा शिक्षक वर्ग-3 के पद पर नियुक्त करने के निर्देश कलेक्टर ने जनपद पंचायत घाटीगांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिये। इसी तरह यहां के आदिवासी हितग्राही सर्वश्री पंजाब, रामवरण, मान सिंह, रामचित्र व रूप किशोर को सिंचाई कूपों की सौगात मिली। सरकार की कपिल धारा योजना के तहत यह कुए तैयार करने के लिये हर हितग्राही को एक लाख साठ हजार रूपये की वित्तीय मदद दी जायेगी। इन हितग्राहियों सहित यहां के निवासी लोटन व बाबू सिंह को नंदन फलोद्यान स्थापित करने के लिये भी आर्थिक मदद दी जायेगी। कैथ ग्राम के पढ़े- लिखे करीबन दो दर्जन युवकों को जल्द स्थाई जाति प्रमाण पत्र मिल जायेंगे। यहां के सभी आवेदन कर्ताओं के स्थाई जाति प्रमाण पत्र गांव में ही शिविर लगाकर बनवाने के निर्देश जिला कलेक्टर ने यहां के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) व तहसीलदार को दिये हैं। गांव के लगभग तीन दर्जन सहरिया व बी पी एल. परिवारों को अब शौच के लिये बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इन सबके घर में जल्द ही शत प्रतिशत अनुदान के आधार पर शौचालय बनवाने के निर्देश जनपद पंचायत के सी ई ओ. को दिये गये हैं। अर्ध्दरात्रि तक चली इस चौपाल में वृध्द आदिवासी महिलाओं मुन्नी बाई, राजकुमारी, रमको बाई, कण्ठो व अतको बाई आदि को वृध्दावस्था पेंशन मंजूर हुई तो इन्द्रभान के फोती लाइसेंस में नाम परिवर्तन के साथ उन्हें टोपीदार बंदूक के स्थान पर बारह बोर बंदूक लेने की मंजूरी दी गई। यहां स्कूल के समीप स्थित आदिवासी बस्ती में लगभग एक लाख रूपये की लागत से सीमेण्ट कांक्रीट खरंजे की स्वीकृति भी दी गई।
चौपाल में मिली रोजगार गारण्टी योजना की जानकारी से यहां के गाँववासी अपने ही गांव में काम करने के लिये तैयार हुए हैं। कलेक्टर ने यहां पूर्व से मंजूर खरंजा सहित अन्य रोजगार मूलक काम भोर होते ही शुरू करने के निर्देश पंचायत सचिव को दिये।
जब चौपाल बनी ग्राम सभा
बीती रात कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी की मौजूदगी में आदिवासी बहुल ग्राम कैथ में लगी चौपाल देखते ही ग्राम सभा में तब्दील हो गई और गांववासियों के लिये सौगातों का पिटारा खुल गया। आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक ने कलेक्टर के ध्यान में यह बात लाई कि अनुसूचित जन जाति के हितग्राहियों को कलस्टर (समूह) में परचून दुकान, चूड़ी व्यवसाय, सब्जी दुकान आदि के लिये मदद दी जानी है। योजना के तहत हर हितग्राही को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिये 20 हजार रूपये की राशि शत-प्रतिशत अनुदान के रूप में दी जाती है। लेकिन हितग्राहियों का चयन ग्राम सभा द्वारा किया जाता है। कलेक्टर ने ग्राम वासियों से कहा कि आप आज की चौपाल को ग्राम सभा मानने के लिये सहमत है। गांव वासियों की सहमति से यह चौपाल, ग्राम सभा के रूप में तब्दील हुई और गांव के अतर सिंह, रणवीर, सेवा, मुन्नी बाई, शांति , प्रेमी, रामरती, रामदेई, राम कुमारी, कस्तूरी आदि का चयन ग्राम सभा ने इस योजना का लाभ देने के लिये कर दिया। ग्राम सभा ने पात्र हितग्राहियों को वृध्दावस्था पेंशन देने के नाम भी सुझावे।
अनाथ बच्चे बढ़ेंगे आश्रम में
कैथ गांव में लगी रात्रि कालीन चौपाल में गांववासियों ने कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी से आग्रह किया कि साहब हमारे गांव में अनाथ बच्चे हैं, उन्हें कुछ मदद दिलवा दो। माँ-बाप गुजर जाने से लगभग 10 वर्षीय सोनेराम व 12 वर्ष के महेन्द्र अनाथ हो गये हैं। इन अनाथ बच्चों की बुआ अपने खुद के परिवार के साथ बड़ी दुस्वारियों के बीच इन बच्चों को रखे हुए है। कलेक्टर ने इन अनाथ बच्चों के रहने खाने व पढ़ाई का प्रबंध कर दिया है। उन्होंने इन बच्चों को आदिम जाति कल्याण विभाग के आश्रम में भर्ती कराने के निर्देश जिला संयोजक को दिये। अब यह बच्चे घाटीगांव स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग के आश्रम में पढ़ेंगे।
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