गुरुवार, 13 नवंबर 2008

निगमायुक्त ने आदर्श आचार संहिता के पालन हेतु अधिकारियों को निर्देश दिये

निगमायुक्त ने आदर्श आचार संहिता के पालन हेतु अधिकारियों को निर्देश दिये

निजी बिल्डिंगों पर लगे होर्डिंग/बैनर भी हटायेगी नगर निगम 

 

ग्वालियर दिनांक 11 नवम्बर 2008:   निगमायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा द्वारा आज अपने अधीनस्थ अधिकारियों की बैठक लेकर आचार संहिता के पालन को सुनिश्चित करने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किये ।

       उन्होंने अधिकारियों को सम्बोधित करते हुये बताया कि आचार संहिता के चलते कोई भी नवीन कार्य स्वीकृत न किया जावे और न ही कोई टेण्डर आंमत्रित किया जाये, जो टेण्डर पूर्व में बुलाये जा चुके हैं उन्हें भी आचार संहिता के पश्चात ही खोला जाये। कोई भी अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त अथवा अन्य कोई वरिष्ठ अधिकारी किसी भी प्रकार ऐसी कोई बैठक नहीं करे जिसमें नीति निर्धारण संबंधी कार्य हो।

       उन्होंने पी.एच.ई. के कार्यपालनयंत्री को निर्देशित किया कि पी.एच.ई. विभाग यह सुनिश्चित करें कि आचार संहिता के चलते किसी भी सार्वजनिक भूमि पर नलकूप इत्यादि का किसी भी प्रकार का खनन नहीं हो। न ही जनकार्य विभाग से संबंधित निर्माण हो।

       उन्होंने बताया कि आचार संहिता की आड़ में नागरिकों द्वारा यह मानकर कि प्रशासन निर्वाचन में व्यवस्त है, अतिक्रमण किये जाने की शिकायतें बहुतायत में प्राप्त हो रही हैं। अत: जनकार्य विभाग के इंजीनियर इस अवधि में अतिक्रमण पर विशेष निगाह रखें। यदि किसी सार्वजनिक भूमि पर किसी व्यक्तिगत संस्था द्वारा भी कार्य किया जाये तो उससे भी तत्काल रूकायें तथा उन्होंने अधीक्षणयंत्री जनकार्य को यह भी निर्देशित किया कि सभी ठेकेदारों को पत्र जारी कर निर्देशित करें कि जिन कार्यों के कार्यादेश हो चुके हैं किन्तु कार्य प्रांरभ नहीं हुये हैं ऐसे कार्य आचार संहिता के पश्चात ही प्रांरभ किये जाये। उन्होनें अधीक्षणयंत्री को यह भी निर्देश दिये कि जो कार्य आचार संहिता लागू होने से पूर्व से गतिशील हैं तथा ठेकेदारों द्वारा कार्य प्रांरभ किये जा चुके हैं, वे ही कार्य गतिशील रहेंगे। अधीक्षणयंत्री को यह भी निर्देशित किया गया है कि नागरिकों को चैम्बर कवर के संबंध में प्राप्त होने वाली शिकायतों में केवल उन चैम्बर कवरों को बदला जाये जो किसी कारण से टूट गये हैं, कोई भी नया चैम्बर बनाने का कार्य इस अवधि में नहीं किया जायेगा। उन्होंने कार्यशाला विभाग को निर्देशित किया कि सम्पत्ति विरूपण अधिनियम को प्रभावी करने हेतु मदाखलत शाखा को दो और वाहन उपलब्ध कराये जायें, इन वाहनों की मदद से चारों उपायुक्त क्षेत्रों में मदाखलत द्वारा नियुक्त अधिकारी सम्पत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्यवाही करें तथा जनसम्पर्क अधिकारी को निर्देशित किया गया कि चारों उपायुक्त क्षेत्रों में एक-एक वीडियों केमरा उपलब्ध कराया जाये ताकि सम्पत्ति विरूपण अधिनियम का उल्लंघन करने वाले राजनीतिक दलों के विरूद्व वैधानिक कार्यवाही के प्रमाण जुटाये जा सके ।

       निगमायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने विज्ञापन प्रभारी अभय राजनगांवकर को निर्देशित किया कि वे चारों उपायुक्त कार्यालयों पर निगम द्वारा जारी किये गये लायसेंसी होर्डिंगों की सूची तत्काल उपलब्ध करावें। निगम द्वारा जारी 351 होर्डिंगों के अतिरिक्त अन्य सभी होर्डिंग भले ही वे निजी बिल्डिंगों व स्थानों पर अवैध माने जाकर निर्वाचन नियमों तथा सम्पत्ति विरूपण अधिनियम के तहत तत्काल हटाये जावें।

विद्युत विभाग के कार्यपालनंयत्री श्री कौचर को निर्देशित किया गया कि पूर्व में लगी लाईटों का ही संधारण उनके विभाग द्वारा किया जाये, कोई नई सोडियम अथवा खम्बे इत्यादि लगाने की कार्यवाही इस अवधि में नहीं की जाये। ना ही किसी पार्षद की मौलिक निधि से पूर्व में क्रय की गई कोई विद्युत सामग्री की स्थापना भी की जाये।

       आज की बैठक में अपर आयुक्त कौशलेन्द्र सिंह भदौरिया, सुरेश शर्मा, उपायुक्त अभय राजनगांवकर, देवेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, अधीक्षणयंत्री जनकार्य चतुर सिंह यादव, अधीक्षणयंत्री विद्युत एच.एस. कौचर, कार्यपालनयंत्री पी.एच.ई. गौड़िया, कचरा प्रंबंधन अधिकारी के.के. श्रीवास्तव, रामू शुक्ला आदि उपस्थित थे।

 

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