बुधवार, 14 जनवरी 2009

अस्पतालों के डेड स्टाक को सूचीबद्व करना 100 दिवसीय कार्य योजना में शामिल

अस्पतालों के डेड स्टाक को सूचीबद्व करना 100 दिवसीय कार्य योजना में शामिल

ग्वालियर,12 जनवरी 09। शासन की 100 दिवसीय कार्य योजना के अन्तर्गत अस्पतालों में डेड स्टाक की सूचीबद्व करना, अक्रियाशील सामान का अपलेखन नये उपकरणों की माँग एवं प्रस्ताव को लक्ष्य में शामिल किया गया है । मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने खण्ड चिकित्साधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थाओं में डेड स्टाक की जानकारी की सूचीबद्व करने के निर्देश दिये है । सूचीकरण का कार्य 20 जनवरी तक पूर्ण करने को कहा गया है ।

       मुख्य चिकित्साधिकारी ने निर्देशित किया है कि स्वास्थ्य संस्थाओं में अनुपयोगी सामग्री व उपकरणों के अपलेखन की कार्रवाई नियमानुसार तत्काल प्रारंभ की जाय । इसके लिये अंतिम समय सीमा 2 फरवरी नियत की गई है । उन्होंने निर्देश दिये हैं कि डेड स्टाक को सूचीबद्व करने एवं अनुपयोगी सामग्री व उपकरण के उपलेखन की कार्रवाई के पश्चात संस्था में शेष सामग्री व उपकरण की आवश्यकता के मान से समीक्षा की जाय तथा संस्था के लिये आवश्यक सामग्री की मांग औचित्य सहित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय को 10 फरवरी तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाय । मुख्य चिकित्साधिकारी ने जिले के चिकित्साधिकारियों को स्मरण दिलाया है कि शासन के निर्देशानुसार समस्त संस्थाओं के स्टोर के भौतिक सत्यापन का रोस्टर तैयार कर भौतिक सत्यापन की कार्रवाई 20 जनवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं । इसके लिये संबंधित अधिकारी संस्था के स्टोर के भौतिक सत्यापन के समय उपस्थित रहेंगे । भौतिक सत्यापन के समय उपलब्ध डेड स्टाक की सूची एवं अनुपयोगी सामग्री के अपलेखन की प्रस्तावित सूची अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाय।

       मुख्य चिकित्साधिकारी ने निर्देश दिये हैं कि भौतिक सत्यापन, डेड स्टाफ का सूचीबध्द किया जाना,अपलेखन की कार्रवाई एवं उपकरणों की मांग शासन की 100 दिवसीय कार्ययोजना में शामिल है। इसलिये सर्वोच्च प्राथमिकता के अधार पर कार्रवाई करते हुए पालन प्रतिवेदन निर्धारित समयावधि में पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य संस्था स्तर पर उपरोक्त समस्त कार्रवाई संपादित करने के लिये प्रभारी चिकित्साधिकारी व्यक्तिश: जिम्मेदार होंगे। साथ विकास खण्ड की समस्त संस्थाओं में समयबध्द कार्रवाई सुनिश्चित करना खण्ड चिकित्साधिकारियों का दायित्व होगा।

 

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