अधिकारी राज्य शासन की सात प्राथमिकता वाले कार्यों को मुस्तैदी से अंजाम दें
संभागायुक्त द्वारा कलेक्टर कान्फ्रेन्स में निर्देश
ग्वालियर 13 जनवरी 09। संभागायुक्त डा. कोमल सिंह ने आज संभाग के जिला कलेक्टरों, आयुक्त नगर निगम ग्वालियर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, नगरीय कल्याण, , कृषि, उद्यानिकी, सिंचाई, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय, ट्राईबल, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, सहकारिता, महिला बाल विकास सहित राज्य शासन की सात प्राथमिकता से संबध्द विभागों के संभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें तेजी से कार्य सम्पादित करने की हिदायत दी । उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों से संबंधित विभागों के जिला अधिकारियों को भी सक्रिय बनाने तथा कार्य प्रगति की सतत समीक्षा करते रहने को कहा । उन्होंने ग्वालियर जिले में चलाये जा रहे सुशासन अभियान व इसी तर्ज पर संभाग के अन्य जिले में चलाये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुये इसे अभियान का रूप देने की सलाह दी ।
संभागायुक्त ने कहा कि शासकीय अमला गांव-गांव पहुंचे इसकी पूर्व जानकारी प्रकाशित एवं प्रसारित की जावे ताकि ग्रामीणजन शिविर का पूरा-पूरा लाभ उठा सकें । संभागायुक्त ने कहा कि राजस्व निरीक्षक के सर्किलवार विशेष शिविर लगाकर राजस्व प्रकरणों का निराकरण हो । नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन,ऋण पुस्तिका प्रदाय एवं नकल आदि ग्रामीणों को सरलता से सुलभ हो जावें । उन्होंने इस दिशा में दतिया के एक लापरवाह कर्मचारी के निलंबनल का दृष्टांत देते हुये पूरी सख्ती बरतने की हिदायत दी ।
संभागायुक्त डा. कोमल सिंह ने वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि दोनो विभागों की भूमि के कॉमन नक्शे बनाये जाना है । इन नक्शों में वन भूमि अधिकार अधिनियम के तहत जिन लोगों को भू अधिकार पत्र दिये गये हैं, उसे भी दर्शाया जाये । उन्होंने निर्देश दिये कि राजस्व विभाग नक्शा एवं भू अधिकार पत्र की प्रति वन विभाग को अवश्य दे । साथ ही अधिनियम से संबंधित लंबित प्रकरणों का निराकरण तेजी से किया जाये। इसी प्रकार इन क्षेत्रों के सामुदायिक उपयोग वाली भूमि के प्रकरण भी बनाये जायें।
संभागायुक्त डॉ. कोमल सिहं ने कृषि को फायदे का धंधा बनाने के लिये मिट्टी की किस्म के आधार पर विकास खण्ड स्तर पर विशेष फसल चक्र योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि सूखा क्षेत्र, सिंचाई साधन एवं मिट्टी की किस्म के आधार पर जिस क्षेत्र के लिये जो फसल अधिक उपयुक्त है , उसे कार्य योजना में शामिल किया जाय। उन्होंने कहा कि ग्वालियर एवं दतिया में फूलों की मण्डी बनाई जाय। उद्यान विभाग इस पर तत्परता से कार्रवाई करे । बैठक में जानकारी दी गई कि गुना एवं ग्वालियर जिलों को उद्यानिकी मिशन में शामिल किया गया है। इस पर भी कार्य शुरू करने के उन्होंने निर्देश दिये। साथ ही कृषि एवं उद्यानिकी की योजनाओं का कृषकों को अधिक से अधिक लाभ आश्वस्त करने पर भी जोर दिया ।
बैठक में शिक्षा पर हुई समीक्षा के दौरान कलेक्टर ग्वालियर द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में अध्यापकों द्वारा अनियमित रहने तथा समय पालन न करने एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में कमी की तरफ ध्यान दिलाया गया। संभागायुक्त ने इन कमियों को दूर करने हेतु संयुक्त संचालक शिक्षा को अधीनस्थ अधिकारियों सहित सतत निरीक्षण करने की हिदायत दी । साथ ही डाइट के सहयोग से शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के सिलसिलेवार प्रयासों को भी अपनाने को कहा गया।
बैठक में ग्रामीण विकास के कार्यों की भी बिन्दुवार समीक्षा की गई । संभागायुक्त ने हितग्राही मूलक कार्यों पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही । बैठक में सिंचाई, पेयजल, अधोसरंचना विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण सहित ग्वालियर नगर की सड़कों का चौड़ीकरण बिजली के खम्बों को शिफ्ट कराने सहित नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को निरंतर रोजगार के अवसर सुलभ कराने को कहा गया ताकि लोगों को काम की तलाश में बाहर न जाना पड़े । संभागायुक्त ने निर्वाचन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य मसलन फोटो परिचय पत्र आदि के काम को भी समय सीमा में पूरा करवाने के निर्देश दिये ।
भू अभिलेखों से छेड़छाड बर्दाश्त नहीं
संभागायुक्त डा. कोमल सिंह ने बैठक में जानकारी देते हुये कहा कि कतिपय राजस्व अधिकारियों द्वारा संभाग में शासकीय भूमि के अभिलेखों में गड़बड़ी करके हजारों एकड़ सरकारी भूमि को निजी दर्शाते हुये अवैध पंजीयन किया गया । ऐसे 15 हजार 800 प्रकरणों का पता लगाया जा चुका है । इनमें से 6 हजार 240 प्रकरणों का निराकरण करते हुये 4,500 एकड़ भूमि पुन: शासकीय अधिकार में ले ली गई है । साथ ही दोष सिध्द पाये गये अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही भी की गई है । उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को अपने कार्य निष्पादन में पूरी सजगता बरतने की हिदायत दी तथा कहा कि भू अभिलेखों से छेड़छाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जावेगा ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें