फोटो पत्रकारिता पर कार्यशाला सम्पन्न
ग्वालियर 12 सितम्बर 09, जनसम्पर्क विभाग के मैदानीअधिकारीयों और फोटोग्राफरों को कैमरा संचालन और फोटो संप्रेषण की तकनीकी जानकारी देने के लिये ग्वालियर एवं चंबल संभाग की संभाग स्तरीय फोटो पत्रकारिता कार्यशाला आज ग्वालियर में आयोजित की गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर संचालक जनसंपर्क, भोपाल श्री आर एम पी. सिंह ने कहा कि समाचार में फोटो अंगूठी में नगीना है। बिना फोटो के खबर बिना नगीने की अंगूठी की तरह होती है। कार्यशाला में संयुक्त संचालक जनसंपर्क ग्वालियर श्री सुभाष चन्द्र अरोड़ा तथा भोपाल से आये विशेषज्ञ फोटोग्राफर श्री के ए. बहादुर और श्री प्रकाश हतवलले ने फोटो खींचने से लेकर ई-मेल के द्वारा भेजने तक की जानकारी दी।
इस अवसर पर श्री जी एस. बाधवा (गुना) श्री ओ पी. श्रीवास्तव (मुरैना), श्री दीनदयाल शाक्यवार (दतिया), श्री अनूप सिंह भारतीय (शिवपुरी), श्री जे पी. राठौर (श्योपुर), श्री अनिल वशिष्ठ (भिण्ड), श्री हितेन्द्र सिंह भदौरिया (ग्वालियर) और ब्रजेन्द्र शर्मा (अशोक नगर) तथा जिलों के फोटोग्राफर मौजूद थे।
अपर संचालक श्री आर एम पी. सिंह ने कहा कि विभाग में पहली बार जिला स्तर पर कैमरे उपलब्ध कराये गये हैं। लेकिन कतिपय जिलों में इन कैमरों का विभाग की मंशा के अनुरूप संचालन नहीं हो पा रहा है। इसलिये एक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित कर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण देने की महती आवश्यकता थी। इंदौर के बाद ग्वालियर में यह दूसरी कार्यशाला है। अन्य संभागों में भी इसी तरह की कार्यशाला आयोजित कर कर्मचारियों को फोटो तकनीक का प्रशिक्षण दिया जायेगा। श्री सिंह ने कहा कि फोटो खुद ही कहानी कहते हैं। पढ़ना कभी कभी नीरस भी हो सकता है, लेकिन देखना सदैव ही सरस होता है। इसलिये अधिकारियों और फोटोग्राफरों को चाहिये कि बोलते हुए छायाचित्र अधिक से अधिक खींचें और कार्यालय में फोटो बैंक बनायें। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में जिस तरह सिक्सर मारने के लिये शक्ति से ज्यादा टाइमिंग की जरूरत होती है, उसी प्रकार सही समय पर खींचा गया फोटो अपनी कहानी स्वयं कहता है।
श्री सिंह ने कहा कि जनसंपर्क विभाग द्वारा आगामी नवम्बर माह से फोटो पत्रिका का प्रकाशन किया जायेगा। इस पत्रिका में विभाग के अधिकारियों और फोटोग्राफरों द्वारा खींचे गये चित्रों का समावेश रहेगा और उत्कृष्ट फोटोज् के लिये अधिकारी अथवा फोटोग्राफर को पुरस्कृत किया जायेगा। फोटो पत्रिका के प्रथम अंक का विषय व्यक्तित्व, विरासत और विकास रहेगा। मैदानी अधिकारी और फोटोग्राफर पत्रिका के लिये फोटो भेजें। अच्छे फोटो का राज्य स्तर पर प्रदर्शन भी किया जायेगा।
प्रारंभ में संयुक्त संचालक श्री अरोड़ा ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि अच्छी तस्वीर अपनी कहानी खुद ही बयां करती है। फोटो से जहां समाचार का ग्लेमर बढ़ता है वहीं रिपोर्टिंग की पुष्टि भी इससे होती है। उन्होंने कहा कि फोटोग्राफी एक कला है और इस कला में डूबने का अपना एक अलग आनंद है। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के जीवन में अनेक अच्छे बुरे-दृश्य हमारी आंखों के सामने आते हैं, जरूरत इन्हें कैमरे में क्लिक करने की है।
वरिष्ठ फोटोग्राफर श्री के ए. बहादुर और श्री प्रकाश हतवलने ने कहा कि फोटोग्राफी का कार्य संसार को बदलने का नहीं अपितु बदलते हुए संसार को दिखाने का हैं। उन्होंने कहा कि फोटो से समाचार का वजन बढ़ जाता है और किसी समाचार की पुष्टि भी फोटो के जरिये की जा सकती है। उन्होंने कैमरा संचालन से लेकर फोटो खींचने और फोटो को ई-मेल के जरिये संप्रेषित करने की तकनीकी की जानकारी बताई तथा इससे संबंधित शंकाओं का समाधान किया।
अंत में उपसंचालक श्री जी एस. मौर्य ने सभी की उपस्थिति के प्रति आभार व्यक्त किया।
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