मुख्यमंत्री कन्यादान योजना : कन्या की आयु और वैवाहिक स्थिति की जांच के लिए आधार तय
ग्वालियर 4 सितम्बर 09। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत विवाह समारोह में शामिल होने वाली कन्या की आयु और वैवाहिक स्थिति के संबंध में आधार निर्धारित करने के लिए जांच प्रतिवेदन में महत्वपूर्ण संशोधन किये हैं। जांच प्रतिवेदन में अब कन्या की आयु एवं वैवाहिक स्थिति के संबंध में वांछित जानकारी स्पष्ट रूप परिलक्षित हो सकेगी। यह जानकारी बीते रोज सामाजिक न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती रंजना बघेल ने भोपाल में दी। श्रीमती रंजना बघेल ने बताया कि जांच प्रतिवेदन में हुए संशोधन के बाद कन्या की आयु के सत्यापन हेतु ऐसे प्रमाण पत्रों को मान्य किया जायेगा, जिसके आधार पर आयु की प्रमाणिकता सिध्द होगी। इन प्रमाण पत्रों में जन्म प्रमाण पत्र, अंक सूची, मतदाता परिचय पत्र, राशन कार्ड, मतदाता सूची, शपथ पत्र, शासन द्वारा प्रदत्त विभिन्न प्रकार के लायसेंस एवं अन्य कोई वैधानिक प्रमाण पत्र शामिल हैं। विवाहों में आवेदक कन्या की आयु का आकलन इन प्रमाण पत्रों के आधार होगा।
श्रीमती बघेल के अनुसार आवेदिका के विधवा/परित्यक्ता की श्रेणी में होने पर पति की मृत्यु का प्रमाण-पत्र, सक्षम न्यायालय का तलाक का आदेश, नगर पालिका/नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायत के प्रमाणीकरण का परीक्षण कर आवेदन पत्र में प्रमाण पत्र संलग्न करने होंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर योजना के क्रियान्वयन के संबंध में उत्पन्न विषम परिस्थिति की जानकारी भी तत्काल संचालनालय/शासन को दिये जाने के निर्देश समस्त संभागायुक्तों और कलेक्टरों को दिये गये हैं। जिससे शासन के पास स्थिति की पूर्ण जानकारी उपलब्ध रहे। साथ ही उन्हें जांच प्रतिवेदन में हुए संशोधनों के अनुसार कार्रवाई किये जाने हेतु संबंधितों को निर्देशित करने को कहा गया है। श्रीमती बघेल ने कहा कि विभागीय योजना का प्रभावी क्रियान्वयन निर्धारित प्रावधानों/दिशा-निर्देशों के आधार पर अनिवार्य रूप से किया जाये ताकि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो सके।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत निराश्रित/निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/परित्यक्ता के सामूहिक विवाह हेतु सहायता राशि के आवेदन पत्रों का चयन जिला स्तर पर दीनदयाल अंत्योदय मिशन की कार्यकारिणी समिति करती है। कार्यकारिणी समिति के सचिव द्वारा आवेदन पत्रों को पंजीकृत कराकर आवेदकों की पारिवारिक तथा आर्थिक स्थिति एवं कन्या की आयु की जांच संबंधी कार्यवाही जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगरीय क्षेत्र में कलेक्टर द्वारा प्राधिकृत अधिकारी से कराये जाने का प्रावधान है। इसके लिए जांच प्रतिवेदन निर्धारित है, जिसमें अब सरकार ने संशोधन कर दिये हैं। उन्होंने बताया कि संशोधित जांच प्रतिवेदन में कन्या/विधवा/परित्यक्ता और उसके अभिभावक का नाम और पता, उम्र, जन्म की तारीख, परिवार की आय के साधन और परिवार की वार्षिक आय आदि की जानकारी अंकित की जायेगी। जानकारी और निष्कर्ष के साथ जांच प्रतिवेदन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अथवा कलेक्टर द्वारा प्राधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर व सील होगी।
आयु के लिए प्रमाण-पत्र
· जन्म प्रमाण-पत्र
· अंक सूची
· मतदाता परिचय पत्र
· राशन कार्ड
· मतदाता सूची
· शपथ पत्र
· विभिन्न प्रकार के शासकीय लायसेंस
· अन्य वैधानिक प्रमाण-पत्र
वैवाहिक स्थिति
· विधवा होने पर पति की मृत्यु का प्रमाण-पत्र
· परित्यक्ता होने पर तलाक का आदेश
· नगर पालिका/नगर पंचायत/ग्राम पंचायत का प्रमाणीकरण
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