शनिवार, 5 जून 2010

जनगणना 2011: जनगणना के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी नियुक्त

जनगणना 2011

जनगणना के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी नियुक्त

ग्वालियर दिनांक 04 जून 2010- जनगणना 2011 कार्य के लिये प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं नगर निगम आयुक्त एन.बी.एस. राजपूत द्वारा क्षेत्रवाईज निरीक्षणकर्ता अधिकारी नियुक्त किये जो कि अपने अधीनस्थ अधिकारी के साथ संबंधित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्डों की जनगणना कार्य का रेण्डम निरीक्षक करेंगे एवं जनगणना कार्य की गुणवत्ता बनाये रखने की जिम्मेदारी निरीक्षणकर्ता अधिकारी की होंगी।

       जनगणना कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जोन क्र.1 के अंतर्गत वार्ड क्र.1, 4 एवं 5 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी कीर्तिवर्धन मिश्रा, सहायकयंत्री को नियुक्त किया गया है। जोन क्र.2 के अंतर्गत वार्ड क्र.6, 9 एवं 10 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी ए.पी.एस. जादौन, सहायकयंत्री को नियुक्त किया गया। जोन क्र.3 के अंतर्गत वार्ड क्र.7, 8 एवं 15 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी महेन्द्र अग्रवाल, सहायकयंत्री को नियुक्त किया गया। जोन क्र.4 के अंतर्गत वार्ड क्र.11, 13 एवं 14 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी गुलाबराव काले, प्रभारी उपायुक्त को नियुक्त किया गया। जोन क्र.5 के अंतर्गत वार्ड क्र.12, 16 एवं 17 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी बृजेश श्रीवास्तव, सचिव को नियुक्त किया गया। जोन क्र.6 के अंतर्गत वार्ड क्र. 31 व 32 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी केशव सिंह चौहान, प्रभारी मदाखलत अधिकारी को नियुक्त किया गया। जोन क्र.7 के अंतर्गत वार्ड क्र.2, 3, 33 एवं 36 के लिये निरीक्षण्ाकर्ता अधिकारी दिग्विजय सिंह जादौन, प्रभारी मदाखलत अधिकारी को नियुक्त किया गया। जोन क्र. 8 के अंतर्गत वार्ड क्र.18, 19 एवं 25 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी अतिबल सिंह यादव, कार्यपालनयंत्री विद्युत को नियुक्त किया गया। जोन क्र.9 के अंतर्गत वार्ड क्र.20, 26 एवं 27 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी सुशील कटारे, सहायकयंत्री को नियुक्त किया गया। जोन क्र.10 के अंतर्गत वार्ड क्र. 21, 22 एवं 23 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी पवन सिंघल, सहायकयंत्री को नियुक्त किया गया। जोन क्र.11 के अंतर्गत वार्ड क्र.24, 28 एवं 30 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी विष्णु खरे, सिटीप्लानर को नियुक्त किया गया। जोन क्र.12 के अंतर्गत वार्ड क्र.45 एवं 56 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी श्रीकांत कांटे, कार्यशाला अधिकारी को नियुक्त किया गया। जोन क्र.13 के अंतर्गत वार्ड क्र.57, 58 एवं 59 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी सुरेन्द्र सिंह भदौरिया, उपायुक्त राजस्व को नियुक्त किया गया। जोन क्र.14 के अंतर्गत वार्ड क्र. 29 एवं 60 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी राजेन्द्र सिंह प्रभारी चिड़ियाघर अधिकारी को नियुक्त किया गया। जोन क्र.15 के अंतर्गत वार्ड क्र. 42, 43 एवं 34 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी दिनेश अग्रवाल, कार्यपालनयंत्री को नियुक्त किया गया। जोन क्र.16 के अंतर्गत वार्ड क्र. 37, 41 एवं 35 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी प्रेम पचौरी, प्रभारी कार्यपालनयंत्री को नियुक्त किया गया।

       जोन क्र.17 के अंतर्गत वार्ड क्र. 38 एवं 39 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी जगदीश शर्मा, प्रभारी उपायुक्त को नियुक्त किया गया। जोन क्र.18 के अंतर्गत वार्ड क्र.40 एवं 49 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी सत्यपाल सिंह चौहान, खेल अधिकारी को नियुक्त किया गया। जोन क्र.19 के अंतर्गत वार्ड क्र. 44, 46 एवं 50 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी बिनोद शर्मा, सहायक लेखाधिकारी को नियुक्त किया गया। जोन क्र.20 के अंतर्गत वार्ड क्र. 47, 48, 51 एवं 53 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी              ओ.पी. कौरव, स्वास्थ्य अधिकारी को नियुक्त किया गया। जोन क्र.21 के अंतर्गत वार्ड क्र.52, 54, 55 के लिये निरीक्षणकर्ता अधिकारी अशोक कुलश्रेष्ठ, अधीक्षणयंत्री को नियुक्त किया गया।

 

अस्थाई अतिक्रमण हटाया गया

अस्थाई अतिक्रमण हटाया गया

ग्वालियर दिनांक 04 जून 2010- मदाखलत विभाग द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि मुरारी हुरावली रोड, बारादरी चौराहा से सड़क किनारे खड़े ठेलों को हटवाकर रामलीला मैदान के बाहर बने हॉकर्स जोन में भिजवाया गया। ठाटीपुर क्षेत्र में लगे ठेलों को हटवाकर अम्बेडकर पार्क के पास हॉकर्स जोन में भिजवाया गया।

       पड़ाव, फूलबाग से ठेले वालों को फायर बिग्रेड कॉलोनी के पास हॉकर्स जोन में भेजा गया। हजीरा एवं ग्वालियर क्षेत्र में लगे ठेले वालों को जे.सी. मील मनोरंजनालय के पास हॉकर्स जोन में भेजा। शिन्दे की छावनी में खड़े ठेले वालों को व्यवस्थित रूप से लगवाया गया एवं समस्त रूटों से अस्थाई अतिक्रमणों को हटवाया गया। मांडरे की माता रोड, के.आर.जी. कॉलेज रोड, रॉक्सी एवं बाड़े पर सड़क किनारे खड़े ठेलों को कम्पू हॉकर्स जोन में भिजवाया गया। बाड़ा, गोरखी से ठेले हटवाये। मंसूर बाबा की दरगाह के पास अवैध रूप से खड़े ठेलों को व काउण्टर को जप्त किया गया।

 

वार्ड समिति क्र.3 की बैठक सम्पन्न

वार्ड समिति क्र.3 की बैठक सम्पन्न

ग्वालियर दिनांक 04 जून 2010- वार्ड समिति क्र.3 की बैठक की आज तानसेन नगर स्थित वार्ड समिति कार्यालय पर समिति अध्यक्ष प्रकाश कोरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि समिति अंतर्गत आने वाले विभिन्न वार्डों में दीपावली से पूर्व प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिये 5 लाख रू. की सोडियम क्रय की जावे तथा दीनदयाल नगर, गोले का मंदिर वार्ड क्र.18, 21, 17 एवं 15 20 पेयजल की व्यवस्था के लिये जहां-जहां आवश्यकता महसूस की जाये वहां वार्ड समिति के बजट से टयूवबैलों का खनन कराया जाये तथा दीनदयाल नगर वार्ड क्र.21 एवं वार्ड क्र.17 के विभिन्न क्षेत्रों में टूटी फूटी सीवर लाईन की मरम्मत का कार्य भी कराया जावे।

वार्ड समिति के अध्यक्ष द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वर्षात् से पूर्व समिति अंतर्गत सभी वार्डों में नाला सफाई का कार्य जहां ठेकेदार से कराया जा रहा है। वहां ठेकेदारों से तथा जहां क्षेत्राधिकारी द्वारा कराया जा रहा है वहां लेबर लगाकर तत्काल बोर कराया जावे। श्री कोरी द्वारा निर्देशित किया गया कि कचरा प्रबंधन के लिये आवश्यकतानुसार अमले की व्यवस्था निगमायुक्त द्वारा की जावे ताकि क्षेत्र में कहीं गंदगी न रहे।

आज की बैठक में समिति अध्यक्ष प्रकाशचन्द्र कोरी, श्रीमती पुष्पा शर्मा, श्रीमती पुष्पा माहौर, देवेन्द्र पाठक, निगम अधिकारी उपायुक्त डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, गुलाबराव काले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

नगर निगम परिषद की बैठक आज

नगर निगम परिषद की बैठक आज

 

ग्वालियर दिनांक- 04 जून 2010 - नगर निगम परिषद की बैठक दिनांक 05 जून 2010 को दोपहर 3.00 बजे महापौर कार्यालय के सभा भवन में आयाजित की जाएगी।

 

शुक्रवार, 4 जून 2010

ऐसा भी होता है - जिन्‍दगी मुर्दारो पे रहम नहीं खाती , घर बैठे मंजिल नहीं आती – भाग- 1

ऐसा भी होता है - जिन्‍दगी मुर्दारो पे रहम नहीं खाती , घर बैठे मंजिल नहीं आती – भाग- 1

(सच्‍चे घटनाक्रमों पर आधारित सच्‍ची वृत्तान्‍त श्रंखला , ये भी जिन्‍दगी जीने का एक स्‍टाइल है )

नरेन्‍द्र सिंह तोमर '''आनन्‍द''

अभी चन्‍द रोज पहले मुझे पॉंच ई मेल मिले जो कुछ अलग हट कर थे और अलग राम कहानी बयां कर रहे थे । दो ई मेल दो लड़कियों के थे, एक ई मेल एक वृद्ध का और एक दिल्‍ली या हरियाणा के किसी सज्‍जन का था । पॉंचों ई मेल में मुझसे अर्जेण्‍ट सहायता की गुहार की गयी थी ।

मैं सभी ई मेल को गौर से पढ़कर , हर जवाब देने लायक ई मेल का उत्‍तर भी देता हूं , मैंने उनके भी उत्‍तर दिये, हालांकि अधिक बिजली कटौती के चलते पिछले कुछ दिनों से यह क्रम भंग हो गया है ।

नवयुवतियों ने लिखा कि वे कुछ बोल्‍ड कदम उठाना चाहतीं हैं लेकिन सामाजिक परिवेश और संस्‍कृति उनकी राह में आड़े आ रही है , यदि मैं उनकी मदद करूं तो वे अपने मकसद आसानी से पा सकेगीं , इसी प्रकार वृद्ध सज्‍जन का कहना था कि उनके केवल एक पुत्र था , जिसका विवाह हुआ उसकी पत्‍नी और उसकी एक लड़की है , उनके पुत्र का एक झगड़े में लगी अन्‍दरूनी चोट के चलते काफी पहले निधन हो गया , अब उन्‍हें बहू की और उसकी बेटी जो कि 18 या 19 साल की है, की बेहद चिन्‍ता है , वे वृद्ध पति पत्‍नी अबकाफी वृद्ध हो चुके हैं और अब उनके जीवन का कोई भरोसा नहीं है , उनके पास बीच शहर में एक मकान, एक लायसेसी बन्‍दूक, और कुछ जमा पूंजी है, वे जल्‍दी से जल्‍दी अपनी सारी सम्‍पत्ति और बन्‍दूक आदि मेरे नाम करके मुझे देना चाहते हैं , वे चल फिर पाने में असमर्थ हैं, उन्‍होंने मेरे द्वारा उनकी पिछले समय में की गयीं कुछ विशेष मददों का हवाला दिया और मुझ पर विश्‍वास करने की लम्‍बी चौड़ी वजहें लिख डालीं , एवज में वे चाहते थे कि मैं उनकी बहू को और नातिन को अपने संरक्षण में ले लूं , उनकी बहू युवा और खूबसूरत है , नातिन भी खूबसूरत है , जिनकी रक्षा मैं ही कर सकता हूं ... वगैरह वगैरह  उनका पत्र लम्‍बा और बेहद मर्मस्‍पर्शी था । मैंने अपनी स्‍मृति पर जोर डाला तो कुछ साल पहले अपने रूटीन में मैंने उनकी मदद की थी , कुछ गुण्‍डे बदमाश उनकी संपत्ति पर कब्‍जा करना चाहते थे तो कुछ उनकी युवा बहू और नातिन के पीछे पड़े थे । मैंने उन्‍हें समस्‍या से छुटकारा दिलाया था , हालांकि तब भी शायद ऐसी ही बातें उन्होंने कीं थीं , लेकिन मैंने एक झटके में ही उनके आफर को ठुकरा दिया था, तब वे आये थे तो बेहद डरे ओर घबराये हुये थे , मेरे पास आते ही दोनों वृद्ध पति पत्‍नी सीधे ही मेरे पांवों में गिरकर बिलखने लगे, फूट फूट कर रोने लगे थे ।

मैं उस दिन अपने रूटीन में बेठा अपना कामकाज निबटा रहा था, शायद हल्‍की सर्दियां थीं लोग काफी मेरे पास बैठे थे , मैं सबकी समस्‍यायें सुन कर उन्‍हें निबटाता जा रहा था । अचानक मेरी नजर दरवाजे के बाहर खड़े उन वृद्धों पर पड़ी, जो शायद मेरे पास तक आने में मेरा दरवाजा पार करने में डर रहे थे या संकोच कर रहे थे, या शायद बाहर वी.आई.पी. यों की गाडि़यों को देख कर अंदर आने में हिचकिचा रहे थे, मेरी जैसे ही उन पर नजर पड़ी, मैंने आवाज देकर उन्‍हें भीतर आने को कहा , उस समय कुछ वी.आई.पी. भी मेरे पास बैठे थे जिनके कुछ अर्जेण्‍ट काम निबटाने थे, ऐसे में उन वृद्धों को आवाज देकर बुलाना और सबसे पहले उनकी समस्‍या परेशानी पूछना, वी.आई.पी. को शायद अजीब लगा , लेकिन वे चुप रहे और शायद मेरी हरकत से उन्‍होंने अपने अपमान का घूंट ही पिया होगा । लेकिन उस वक्‍त मौन रहना उनकी मजबूरी थी वरना मेरे स्‍वभाव से सब भली भांति वाकिफ थे कि हम फिर क्‍या निर्णय लेते ।

वृद्ध पति पत्‍नी आते ही सीधे मेरे पॉंवों में गिरकर फूट फूट कर रोने लगे , मुझे वृद्धों के चरण स्‍पर्श करने और उनका आशीर्वाद लेने की आदत है लेकिन अचानक करिश्‍माई ढंग से उल्‍टा पुल्‍टा हो गया और वे मेरे पॉंवो से इस कदर लिपटे थे कि छोड़ ही नहीं रहे थे , बुरी तरह बिलख रहे थे । मुझे लगा कि इन्‍हें कुछ समय रो ही लेने दिया जायेगा तो ठीक रहेगा , इन्‍हें पहले इनके दुख के बांध तोड़ लेने दो, रो लेने दो जब बांध खाली हो जायेगा तभी ये अपनी बात मुझसे कह पायेंगे ।

कुछ समय जब वे नॉर्मल होकर चुप हुये तो मैंनें उन्‍हें बेठने को कहा , मेरे पास कुर्सी सोफे कम ही रहते हैं, और अधिक लोग आ जायें तो उनमें से कुछ को कुद समय बाहर ही इंतजार करना पड़ेगा, उस समय वी.आई.पी. कुर्सी सोफे घेरे बैठे थे, वृद्ध पति पत्‍नी लपक कर जमीन पर यानि फर्श पर बैठ गये ।  मुझे अजीब लगा, वी.आईपी. में से किसी ने भी उनके लिये जगह खाली नहीं की, मैंने यह बात गंभीरता से नोट की, हालांकि चेहरे पर कोई भाव नहीं प्रकट किये लेकिन तय कर लिया कि इन सालों को भी इन वृद्धों जैसे हाल में ले जाकर लटकाऊंगा । खैर वृद्धों ने अपनी समस्‍या , परेशानी रोते रोते बताई वही जो मै ऊपर लिख चुका हूं , साथ ही पूरी कहानी विस्‍तार से मैंनें अपने तरीके से उनके अन्‍दर से निकलवा ली , पता चला कि वे वृद्ध उ.प्र. पुलिस से सेवा निवृत्‍त हैं, इस दरम्‍यान हमारे वी.आई.पी. गण जिनके पास वक्त बेहद सीमित हुआ करता है , बुरी तरह पक गये , मैं उनकी कहानी को जानबूझ कर लम्‍बी और लम्‍बी करवाता जा रहा था और वी.आई.पी.यों की बैचैनी और बेकरारी का भरपूर मन ही मन आनन्‍द ले रहा था, बीच बीच में कई बार वी.आई.पी. बोले कि हम बाद में दोबारा आ जायेंगे आप इस इमरजेन्‍सी केस को निबटा लीजिये, और मैं बार बार उन्‍हें बैठने को की देता साथ ही अन्‍दर चाय और बनवाने की कह देता , वे चाय पी पी कर और गरीब वृद्धों की दुख व लाचारी भरी ट्रेजेडी सुन सुन कर भारी व्‍याकुल हो रहे थे और मैं उन्‍हें जाने भी नहीं दे रहा था ।

वी.आई.पी. की व्‍याकुलता मुझे बहुत आनन्‍द दे रही थी और जाहिर में मैं उन्‍हें बार बार ढाढ़स बंधा रहा था बार बार जबरदस्‍ती बिठाल लेता था , जाने भी नहीं दे रहा था एवं उनकी बात भी नहीं सुन रहा था , ऊपर से कह देता कि जैसे तैसे तो वी.आई.पी. चल कर इस गरीब के गरीबखाने तक आये हैं कुछ देर तो रौनक रहने दो हमारी भी महफिल में , इन कुर्सियों व सोफों के भाग जगने दो, इन्‍हें अपना मुकद्दर कुछ देर तो सराहने दो, हमें भी तो कुछ देर आपके दीदार होते रहने दो, आपसे मिलने तो हम जा नहीं पाते क्‍या करें यहॉं से निकल ही नहीं पाते , आज आप आये हैं बहार चली आयी है , इस मौसम को कुछ देर तो बना रहने दो, लोगों पर मोहल्‍ले वालों पर हमारा रौबदाब जरा जमने दो । वी.आई.पी. कसमसा कसमसा कर बिलबिला बिलबिला कर रह जाते , और अंग्रेजी व्हिस्‍की में आनन्‍द मस्‍त रहने वाले आज लगातार चाय पी पी कर पगलाये जा रहे थे ।

                           क्रमश: जारी अगले अंक में ....                               

 

Whole day and night, Power Supply failures and Power cuts at Morena , Sorry News & Photo Updates are not possible

Power Supply failures and Power cuts at Morena , Sorry News & Photo Updates are not possible

Heavy Voltage fluctuations and long term Electricity Shut Downs are continued

 

Morena (M.P.) India 4th June 10. we are sorry to declare news and photographs related to Bhind, Morena, Gwalior, Shivpuri, Guna is not possible to us due to very long duration power shut downs , power supply failures, Voltage fluctuations varies  60 to 280 volts. In present at Morena Power cuts are going whole of the Day and whole of the night.  

 

Although we are releasing detailed news in Hindi about these power problem in detail with conversation made by us with electricity company officials.

 

We also recorded some phone conversations with officials up to S.E. of company.

 

In further here at Morena there is no power supply available for working conditions, also at Bhind and Gwalior in same circumstances.

In present at Morena Power cuts are going whole of the Day and whole of the night.  

We will come back soon as early as failure power system starts work to normal. In same we are releasing Hindi news about the power supply failure conditions at Morena. 

It is requested till that please waits for conditions will normal.

 

गुरुवार, 3 जून 2010

आज आज्ञा दे, वीर बाना फिर पहना माँ -नरेन्द्र सिंह तोमर "आनन्द"

आज आज्ञा दे, वीर बाना फिर पहना माँ -नरेन्द्र सिंह तोमर "आनन्द"

 

- नरेन्द्र सिंह तोमर "आनन्द"

 

जिस भारत ने दी पहचान मुझे, मेरी जान मुझे ।
जिसने पल पल पाल मुझे, खडा किया, बडा किया ।
उस माटी को आज दूर से नित नित शीश झुकाता हूँ ।
एक तराना वतन हिन्द को दिल से आज सुनाता हूँ ।
यूँ होंगे तेरे लाल बहुत ओ माँ सुन भारत माता ।
तेरे सीने को जोत चीर उदर जिन्हें भरना आता ।
अपने ही सुख की खातिर जिनको खून बहाना आता ।
अपने अपनों का खून चूस भ्रष्टाचार जिन्हें है आता ।
रिश्वत जिनका दीन धरम है जिनकी आँखों से दूर शरम है ।
हुयी जहाँ रोटी भी मँहगी, मँहगाई जहाँ एक धरम है ।
जहाँ गरीब की लाज है सस्ती , नित जहँ इक उजडे बस्ती ।
आतंक है चारों ओर, मचा खून का खेल यहाँ ।
आई पी एल ताल ठोकती क्रिकेट कलंकी खेल यहाँ ।
तुझ पर माता खून चढाने वीरों की जो टोली निकली ।
तुझ पर शीष चढाने वाले वीर बांकुरे केसरिया बाने ।
महारण के महारथी हाथ जो वीर ध्वजायें ताने ।
सिंहनाद जहाँ जय भवानी, हर हर महादेव जयघोष ।
घोडे अंग अंग अंगडाते हाथी चीख चीख चिंघाडें ।
वीरों के चेहरे सजते, तन पर कवच ढाल हैं मढते ।
रमणी जिन पर वारि जायें, तिलक आरती बलि बलि जायें ।
भारत तेरे वीर सिंह जो धरा दहाडों से थर्राते, शत्रु काँप काँप मर जाँय ।
चेहरे पर जिनके अतुल तेज वाणी में है अदभुत ओज जिनके नेत्रों में नेत्र मिलाते स्वयं महाकाल थर्रांय ।
जिन पर सदा चढी भवानी पूरी जिनकी होती वाणी नाम से जिनके काल थम जाय ।
एक को मारें, दो मर जावें तीजो दहशत सो मर जाय ।
ईंट फूट के गुटई हो जाय, गुटईं फूट छार हो जाय ।
छार फूट के रेता हो जाय रेता आसमान मंडराय ।
रणभूमि में शीष यूं कटते जैसे फसल काटते आज ।
रक्त चंदन से धरा रंगी वीरों ने पावन करदी जैसे आज ।
उस पावन धरणी पर माता जिस पर वीर हुये कुर्बान ।
पापी पाप अब सिर चढ बोले वीर भूमि पे चढा मसान ।
जाग जाग ओ भारत माता तेरी पावन लाज को खतरा है फिर आज ।
अपने वीरों को दे आज्ञा माता फिर दे केसरिया बाना हो फिर नया रण इक आज ।
अंदर बाहर सारे दुश्मन हम मारें फिर काट कमान ।
फिर धरा पावन करें तुझे दें दुष्ट पापीयों के बलिदान ।
भ्रष्टों की गर्दन हम तोडें पापीयों के लें शीष उतार ।
आतंक अन्याय, शोषण जिन्दा फूंकें कुछ तो कम करें तेरा भार ।
जाग जाग हे सिंह भवानी सजा आरती का फिर थाल ।
माँ अब तिलक भाल पर करदे तरसा माँ ये कईयों साल ।

- नरेन्द्र सिंह तोमर "आनन्द"