मंगलवार, 1 दिसंबर 2009

सोवरन सिंह मावई- चम्‍बल के क्षितिज से एक और दैदीप्‍यमान सितारा विलुप्‍त

सोवरन सिंह मावई- चम्‍बल के क्षितिज से एक और दैदीप्‍यमान सितारा विलुप्‍त

मुरैना 1 दिसम्‍बर 09, ग्‍वालियर टाइम्‍स, आज सबेरे जैसे ही कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता सोवरन सिंह मावई के देहावसान की खबर मुरैना आई वैसे ही जैसे जो भी जहॉं था सुनकर अवाक रह गया और भौंचक्‍क होकर इस खबर पर यकायक जैसे यकीन ही नहीं करना चाहता हों ।

स्‍वभाव से मिलनसार और जनता तथा सज्‍जनों से नजदीकी संबंध बना कर रखने वाले सोवरन सिंह मावई के दरवाजे पर पहुँचने वाले हर शख्‍स को मावई की आत्‍मीयता मिल जाती थी ।

अनेक लोगों से आत्‍मीय रूप से जुड़े सोवरन सिंह न केवल कांग्रेस के कद्दावर नेता थे बल्कि चम्‍बल की राजनीति पर खासी और गहरी पकड़ रखते थे ।

उन्‍होनें मण्‍डी से लेकर विधायकी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्‍ट्रीय राजनीति तक के सफर तय किये ।

हाल ही में विगत विधानसभा चुनाव भी उन्‍होंने कांग्रेस के टिकिट पर लड़ा । गुर्जर समाज के नेता से हर आम आदमी के नेता तक का सफरनामा मावई की जिन्‍दगी का प्रेरणादायी सफर है ।

सोवरन सिंह मावई का दिल्‍ली में आज रात या तड़के सुबह हृदय गति रूक जाने से निधन हो गया । उनका पुत्र प्रबल प्रताप सिंह उर्फ रिंकू मावई नगरपालिका चुनाव में मुरैना के गणेशपुरा वार्ड से कांग्रेस का उम्‍मीदवार है । रूवर्गीय मावई का शव दिल्‍ली से मुरैना लाया जा रहा है , मुरैना से उन्‍हें उनके पैतृक गॉंव चौखूटी ले जाया जाकर उनका अंतिम संस्‍कार किया जायेगा ।

मावई के निधन से राजनीतिक हल्‍कों में सन्‍नाटा और शोक व्‍याप्‍त है तथा मावई के विरोधी भी मावई के निधन से हतप्रभ और शोकग्रस्‍त हैं ।

मावई ने सदा जन समस्‍याओं को उठाने में, जनता की आवाज बुलन्‍द करने में सदैव ही तत्‍परता अग्रीयणता दिखाई । मावई के निधन से राजनीतिक जगत को जो अपूरणीय क्षति हुयी है उसके साथ ही चम्‍बल ने एक बेवाक और स्‍पष्‍टवादी तथा उदार हृदय संवेदनशील नेता खो दिया है । विस्‍तृत समाचार की प्रतीक्षा की जा रही है ।   

 

काँग्रेस नेता मावई का निधन

मुरैना 1 दिसम्बर 09 आज रात दिल्ली में वरिष्ठ काँग्रेसी नेता व मुरैना के पूर्व विधायक सोवरन सिंह मावई का हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया है । उनका शव मुरैना लाया जा रहा है । वे काँग्रेस के प्रदेश महामंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य भी रहे
--------------------------------------------------------------
Ovi Mail: Making email access easy
http://mail.ovi.com

सचिन को कुछ मत कहो - राकेश अचल

सचिन को कुछ मत कहो  -  राकेश अचल

विवाद

       शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को लेकर राजनीति कर रहे है। यह ठीक नहीं है। सचिन तेंदुलकर महाराष्ट्र का ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र का गौरव है, वे राजनीति के लिए कतई नहीं बने है।

शिवसेना मराठी मानस होते हुए भी सचिन रमेश तेंदुलकर से इसलिए नाराज है क्योकि सचिन ने सेना के सुर में सुर नहीं मिलाया। मराठी और महाराष्ट्र से ऊपर राष्ट्र को रखा। यह सचिन ही कर सकते है। वे राष्ट्र और महाराष्ट्र तथा मराठी, हिंदी के महत्व को समझते है।

मराठी में शपथ न लेने पर सेना का क्लोन मन से सपा विधायक अबू आजमी पर तो हाथ उठा सकती है लेकिन सचिन तेंदुलकर पर नहीं। दोनों ठाकरे सेनाओ को पता है कि सचिन की होना उनकी सेनओ से कही ज्यादा बडी और शक्तिशाली है। सचिन का नायकत्व किसी भी कार्टूनिस्ट से कही ज्यादा बड़ा है। सचिन को बोलने के लिए किसी सामना जैसे माउथ पीस की जरूरत नही है सचिन कम, उनका बल्ला ज्यादा बोलता है।

भारतीय रेल ने दूरतों नाम की रेल का लोकर्पण किया तो सचिन प्रेमी राकपा ने दूरन्तों का नाम सचिन के नाम पर रखने की मांग कर डाली। राकांपा की इस मांग के पीछे सचिन प्रेम है या राजनीति यह खोज का विषय है किंतु शिवसेना को तो यह राजनीति है लगी। इसीलिए उन्होने राकांपा की मांग का विरोध करते हुए सचिन को भी छोटा बनने की घटिया कोशिश कर डाली।

दुर्भाग्य देखिए कि शिवसेना वाले मीडिया को भगवान नहीं मानते और उनके माउथपीस सामना के संपादक संजय राउत सचिन को महान नहीं मानते। उस सचिन को जिसकी महानता को पूरी दूनिया सलाम करती है।

मुझे नही लगता कि सामना में लिखी ऊट पटांग टिप्पणी से सचिन तेंदुलकर का कुछ नुकसान होने वाला है। राउत को अपने लिखे पर भरोसा है तो वे सबसे पहले शिवसेनिको को सचिन का क्रिकेट देखने से मना कर देखे। असलियत का पता चल जाएगा।

सचिन को लेकर शिवसेना द्वारा शुरू की गई राजनीति से सचिन के साथ साथ उनके असंख्य प्रशांसक भी आहत हुए है। इनमें मराठी भी है और गैर मराठी भी। इसलिए बेहतर तो यही है कि शिवसेना पहले राजनीति का मतलब समझे फिर राजनीतिक व्यवहार करना सीखे। गुण्डे-मवालियों की भाषा और उन्ही जैसा व्यवहार कम से कम भारतीय राजनीति का हिस्सा तो नही हो सकता।

पिछले कुछ वर्षो में शिवसेना और उसके क्लोन मनसे की जो गतिविधिया रही है उनसे साबित हो गया है कि महाराष्ट्र की यह सेनाऐ बसपा के जातिवादी चरित्र से भी ज्यादा जहरीली और राष्ट्रघाती है। वोटों की खातिर केंद्र और राज्यों की सरकारें भले ही इन घातक संगठनों पर रोक न लगाएं, किंतु महाराष्ट्र की सुस्ंकारित जनता को तो इनका बहिष्कार करना ही चाहिए। इस पूरे विवाद में हम सचिन रमेश तेंदुलकर के सयंम की सराहना करना चाहते है कि उन्होने कोई प्रतिक्रिया नही की। उनके मौन ने ही ठाकरे सेना का पानी उतार दिया। सेना की टिप्पणी का न शिव सैनिको पर असर हुआ न मराठी मानस परं सब जानते है कि सचिन मराठी बाद मे है पहले सच्चे भारतीय है। उन तमाम सच्चे भारतीयों की तरह जो किसी सेना का अंग नही है। जिन्हे कोई ठाकरे निर्देशित नहीं करते।

इस देश ने बीते सालों में कितने ही भाषायी आंदोलन और भाषा के आधार पर बने राजनीतिक संगठन देखे है लेकिन कोई भी अजर-अमर नहीं हो सका। हिंदी का विरोध कर दस पांच तो सबकी राजनीति चली, लेकिन बाद मे सब धूल मे मिल गए। हिंदी से अलग रहकर न आज देष की राजनिति जीवित रह सकती है, न अर्थ व्यवस्था। समाज तो हिंदी के बिना रह ही नही सकता। कोई भी भाषा और क्षेत्र हो, हिंदी सबके लिए संपर्क की भाषा है। विचार विमर्श का माध्यम है। हिंदी की अस्मिता मराठी की अस्मिता से कतई अलग नहीं है, इसलिए जागो, सैनिकों जागो। (भावार्थ)

 

राजनैतिक विज्ञापन के लिये 115 होर्डिंगों की अनुमति जारी

राजनैतिक विज्ञापन के लिये 115 होर्डिंगों की अनुमति जारी

ग्वालियर दिनांक 30.11.2009- निगमायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा द्वारा आज राजनैतिक विज्ञापनों के लिये विभिन्न राजनैतिक दलों की मांग पर शहर में 115 होर्डिंग लगाये जाने के लिये अनुमति जारी की। नगर निगम ग्वालियर द्वारा स्थानीय निकायों के चुनाव हेतु विभिन्न अभ्यार्थियों, राजनैतिक दलों से 01 दिसम्बर से 09 दिसम्बर 2009 की रात्रि 10 बजे तक के लिये होर्डिंग लगाये जाने के लिये 29 नवम्बर 2009 को दोपहर 12 बजे तक आवेदन आंमत्रित किये गये थे। कुल 132 आवेदन प्राप्त हुये जिनमें 115 होर्डिंग लगाने की अनुमति जारी की गई है।

महापौर पद के उम्मीदवार भाजपा की श्रीमती समीक्षा गुप्ता द्वारा 10 होर्डिंग, कांग्रेस की उमा सेंगर द्वारा 21 होर्डिंग तथा बसपा की स्नेहलता पत्नि मदन कुशवाह द्वारा 19 होर्डिंगों की मांग की गई थी। इन्हें मांगे गये स्थानों पर उपरोक्तानुसार होर्डिंग लगाये जाने की अनुमति आज जारी कर दी गई। पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में होर्डिंग लगाने के लिये अनुमति चाही। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार इस बार के निर्वाचन में पार्षद केवल अपने वार्ड में ही होर्डिंग लगाने के लिये अनुमति प्राप्त कर सकेगे। इस आदेश के पालन में 65 होर्डिंग विभिन्न वार्डों के 22 पार्षदों द्वारा दिये गये आवेदन के क्रम में आवंटित किये गये हैं।

निगमायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा के अनुसार महापौर के निर्वाचन व्यय में उक्त होर्डिंगों की राशि को शामिल किया जावेगा।

 

मानव अनुपयोगी पोलिथीन जप्त की गई

मानव अनुपयोगी पोलिथीन जप्त की गई

ग्वालियर दिनांक 30.11.2009- स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि अमानक पोलिथीन की 20 माइक्रोन से पतली 20, 22, 30 सेन्टीमीटर से छोटी एवं पुन:चक्रित प्लास्टिक की थैलियां नगर निगम प्रशासन एवं म0प्र0 बोर्ड के डॉ. पी.के. शर्मा एवं अन्य कर्मचारियों के साथ जप्त की गई। यह कार्यवाही आज मोर बाजार एवं चावड़ी बाजार में छापामार कार्यवाही के द्वारा की गई।

छापामार कार्यवाही के दौरान चावड़ी बाजार में मूल्यतान प्लास्टिक, ओमकार प्लास्टिक एवं पंकज प्लास्टिक, यमुना इंटरप्राइजेज, पप्पू एवं मोर बाजार एवं धीरज के प्रतिष्ठानों पर छापा मार कर प्लास्टिक 16 किलो अमानक प्रकार की जप्त की गई।

उक्त कार्यवाही में नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुभाष गुप्ता एवं पॉलुसन बोर्ड से पी.के. शर्मा एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

विभिन्न स्थानों से राजनैतिक बैनर हटाये गये

विभिन्न स्थानों से राजनैतिक बैनर हटाये गये

ग्वालियर दिनांक 30.11.2009- मदाखलत विभाग द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि फूलबाग चौराहा, नदी गेट, फालका बाजार, राममंदिर, दौलतगंज, बाड़ा, नई सड़क, जनकगंज, हनुमान चौराहा, कम्पू, आमखो, दाल बाजार, नया बाजार आदि स्थानों से राजनीतिक दलों के बैनर निकलवाये गये एवं विज्ञापन के बैनर निकलवाये गये। अचलेश्वर, आमखो, कम्पू, बाड़ा, सराफा, फूलबाग आदि स्थानों से अस्थाई अतिक्रमण हटवाये गये एवं ठेले वालों को हॉकर्स जोन में भेजा गया।

होर्डिंग प्रभारी अभय राजनगांवकर के निर्देशानुसार बलवंत नगर में बिना अनुमति के राजनीतिक दलों के बैनर लगे थे जिन्हें निकलवाया गया। गांधी रोड, स्टेशन बजरिया, पड़ाव, तानसेन नगर, गोसपुरा न.1 2 में लगे राजनीतिक दलों के बैनर निकलवाये गये एवं विज्ञापन के बैनर भी निकलवाये गये।

फूलबाग, पड़ाव, तानसेन नगर, हजीरा चौराहा, मुरार, ठाटीपुर आदि स्थानों से अस्थाई अतिक्रमण हटवाये गये एवं ठेले वालों को हॉकर्स जोन में भेजा गया।

 

2 एवं 3 दिसम्बर को कम दबाव से जलप्रदाय प्राप्त होगा

2 एवं 3 दिसम्बर को कम दबाव से जलप्रदाय प्राप्त होगा

ग्वालियर दिनांक 30.11.2009- जलप्रदाय संधारण उपखण्ड क्र.1, लश्कर पूर्व विभाग द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि समस्त जल उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है कि दिनांक 02.12.2009 (बुधवार) को प्रोजेक्ट उदय के तहत बहोड़ापुर पर 700 मि.मी. एवं 600 मि.मी. मैन पम्पिंग लाइन का मिलान कार्य कराये जाने के कारण दिनांक 02.12.2009 को लक्ष्मणतलैया पहाड़ी क्षेत्र, मुडिया पहाड़ तथा दिनांक 03.12.2009 को आमखो टंकी से होने वाला जलप्रदाय होना प्रभावित रहेगा। फलस्वरूप लश्कर पूर्व उपखण्ड के क्षेत्र नया बाजार, लोहिया बाजार, दाल बाजार, चना कोठार, जवाहर कॉलोनी एवं एस.ए.एफ. रोड आदि क्षेत्रों से जलप्रदाय कम मात्रा में एवं कम दबाव से हो सकेगा।