सोमवार, 29 दिसंबर 2008

शनिचरी अमावस्या पर प्राचीन सिध्द शनि मन्दिर में लाखों श्रध्दालुओं ने दर्शन किये

शनिचरी अमावस्या पर प्राचीन सिध्द शनि मन्दिर में लाखों श्रध्दालुओं ने दर्शन किये

 

ग्वालियर, 27 दिसम्बर 08/ ग्वालियर जिला मुख्यालय से लगभग 17 किलोमीटर दूर चंबल संभाग के मुरैना जिले के ग्राम एेंती में स्थित शनिचरा पर्वत पर देश के प्राचीन शनि मन्दिर में आज शनिचरी अमावस्या के दिन लाखों लोगों ने सिद्व शनिदेव प्रतिमा के दर्शन किये। शनिचरा पर्वत पर आने वाले श्रद्वालुओं ने यहाँ शनि देव की स्थापित प्रतिमा की प्रतिकृति पर तेल चढ़ाया । समूचा शनिचरा पर्वत सिध्दस्थल होने के कारण श्रध्दालुगण मुण्डन करवा रहे थे। शरीर पर सरसों का तेल मल रहे थे और स्नान कर शनिदेव का दर्शन लाभ लें स्वयं को कृतार्थ अनुभव कर रहे थे। शनिदेव के दर्शन उपरान्त श्रध्दालुगण अपने पुराने जूते, मौजे,वस्त्र आदि का भी वहाँ त्याग कर रहे थे । शनिचरा पर्वत पर यत्र तत्र श्रध्दालुओं के बाल तथा त्यागे हुए चप्पल जूते एवं वस्त्र आदि बिखरे पड़े थे । शनिदेव की प्रतिमा पर चढ़ावे के तेल के भी कई ड्रम भर चुके थे । कल रात्रि से ही श्रृद्वालुओं के मन्दिर पहुँचकर पूजा अर्चना का जो सिलसिला प्रारम्भ हुआ वो आज देर शाम तक भी निरन्तर चलता रहा ।

      जनश्रुति के अनुसार देश के इस अति प्राचीन शनि मन्दिर की स्थापना विक्रमादित्य द्वारा की गई थी । वीरान वन क्षेत्र में स्थापित यह मन्दिर कभी तन्त्र साधना का भी महत्वपूर्ण केन्द्र रहा था । कई राजवंशों ने यहां शनिदेव की अराधना की। एक जानकारी के अनुसार कुशवाह, चन्देल, जाट तथा सिंधिया राजघराने ने समय समय पर इस मन्दिर में पूजा अर्चना की व इसकी देखभाल पर भी ध्यान दिया। वर्तमान में इस मन्दिर की व्यवस्था राज्य शासन के औकाफ विभाग द्वारा की जा रही है। मुरैना जिला प्रशासन ने पूरी रूचि लेकर शनिचरी अमावस्या के मेले की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया है। अब यहां शनि दर्शन को आने वाले लाखों श्रध्दालुगण सुगमता से देव प्रतिमा का दर्शन लाभ ले रहे हैं। साथ ही अब तेल चढ़ाना भी आसान हो गया है। और दर्शन पूर्व पवित्र कुण्ड के जल का स्नान भी फुव्वारों के माध्यम से सरल हो सका है। पहले कांच की शीशियों के उपयोग के दौरान टूट जाने से बिखरने वाले कांच से बहुत से लोग जख्मी होते थे और तेल फिसलन का कारण बनता था। मेले में विगत तीन वर्षों से नाइयों का भी पंजीयन कराया जा रहा है तथा उन्हें ब्लेड भी दिये जा रहे हैं। उन्हें हर व्यक्ति के लिये नया ब्लेड इस्तेमाल करने की भी हिदायत दी गई है।

      मेला स्थान पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के शासकीय चिकित्सक डॉ. एल आर. किसानिया के मार्ग दर्शन में चिकित्सा दल श्रध्दालुओं के उपचार के लिये सेवारत है। चिकित्सा दल के पास ओ आर एस. , मलेरिया रोधक दवाएं, दर्द निवारक दवाएं, ऐन्टी बॉयोटिक, पेट दर्द, उल्टी, बुखार, अस्थमा सहित विविध रोगों के उपचार, मरहम पट्टी और ड्रिप सैट आदि लगाने की पूरी व्यवस्थाएं सुलभ हैं। देर शाम तक लगभग दो सौ श्रध्दालु रोगी उनकी सेवाओं का लाभ उठा चुके थे। समाज सेवी संस्थाएं भी चिकित्सा के क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं। ग्वालियर की गोल्डन ऑर्गेनाइजेशन समिति वैद्यराज डॉ. पुष्पराज जैन की देखरेख में श्रध्दालुओं को आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा सुलभ करवा रही है। डॉ. पुष्पराज जैन का कहना है कि वह  वर्षों से हर शनिचरी अमावस्या पर आकर श्रध्दालुओं की मुफ्त सेवा करते हैं। ग्वालियर की कई आयुर्वेदिक दवा कम्पनियां भी उन्हें इस अवसर पर मुफ्त वितरण हेतु दवाएं सुलभ कराती हैं। उनके इस कार्य में श्री विशिष्ठ राम एवं श्री बृजमोहन अग्रवाल भी पूरा सहयोग कर रहे थे।

      मेला क्षेत्र में कानून व्यवस्था की दृष्टि से चौकस बन्दोबस्त किये गये हैं। स्थान-स्थान पर कार्यकारी मैजिस्ट्रैट तथा पुलिस अधिकारी तैनात हैं। जिला कलेक्टर मुरैना श्री एम के. अग्रवाल तथा पुलिस अधीक्षक श्री सन्तोष कुमार सिंह भी निरन्तर सुबह से ही मन्दिर परिसर में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। साथ ही यातायात की दृष्टि से भी पूर्व वर्षों की तुलना में बेहतर इन्तजाम किये गये हैं।

 

श्री शनिदेव मंदिर एेंती, जिला मुरैना

ग्राम एेंती, तहसील व जिला मुरैना में शनि पर्वत क्षेत्र में विश्व प्रसिध्द श्री शनिदेव महाराज का मंदिर अति-प्राचीनकाल से स्थापित है । मंदिर के निर्माण का निश्चित समय यद्यपि ज्ञात नहीं है , किन्तु किवदंतियों के अनुसार इसकी स्थापना त्रेताकालीन मानी जाती है। मुगलकाल में अनेक हिन्दू देवस्थानों की भांति इस प्राचीन मंदिर को भी ध्वस्त करने का प्रयत्न किया गया था । ग्वालियर राज्य के सिंधिया शासकों ने मंदिर का नवनिर्माण कराया तथा मंदिर की देखरेख के लिये आराजी एवं नगदी नेमणूक कायम किया । शनि पर्वत पर स्थित पांच मंदिरों की देखरेख मंहत श्री लक्ष्मण दास करते थे, जिनकी भक्ति से प्रभावित होकर तत्कालीन शासक दौलतराव सिंधिया द्वारा सम्वत् 1865 सन् 1808 में ग्राम एेंती की जागीर प्रदान की गई। बाद में मंहत बालकदास के अयोग्य हो जाने से सन् 1945 में जागीर जब्त कर मंदिर औकाफ के प्रबंधन को सौंप दिये गये तथा इनकी स्थानीय निगरानी का दायित्व तहसील मुरैना को सौंपा गया ।

 

खगोलविदों के अनुसार...

खगोलविदों के अनुसार शनि सौर मण्डल का सबसे सुन्दर और मनोरम पिण्ड है। शनि के चारों तरफ नीले वलय घूमते रहते हैं। पृथ्वी से 700 गुना विशाल गृह व 75 गुना भारी शनि मन्दगति से सूर्य की परिक्रमा करता है। एक शनि वर्ष पृथ्वी के 25 हजार दिन जितना लम्बा होता है।

 

ज्योतिष एवं धर्मग्रन्थों के अनुसार ....

शनिदेव सूर्य की द्वितीय पत्नी छाया के पुत्र हैं । ज्योतिष की अवधारणा के अनुसार शनि एक राशि पर तीस माह तक भ्रमण करते हैं । शनि भगवान शंकर के शिष्य हैं । भैंसा शनि का वाहन है । कहते हैं कि हनुमान जी ने घायल शनि के जख्मों पर तिल्ली तथा सरसों के तेल के फोहे रखे जिससे उन्हें आराम मिला । तभी से शनिवार को शनिदेव के तैलाभिषेक की परम्परा प्रारंभ हुई ।

       ज्योतिषविद्ों का मानना है कि शनि न तो पीड़ादायक ग्रह और न ही भयभीत करने वाला। शनि वस्तुत: भक्तों को सौम्यता, शालीनता , न्याय प्रियता और अध्यात्मपरक मानसिकता का दाता है । शनि मकर और कुम्भ राशि का स्वामी है । मिथुन , कन्या, तुला और वृष राशियां इसकी मित्र हैं । गृहों में बुध और शुक्र शनि के मित्र गृह माने जाते हैं । शनि को नीलम, लोहा, काली उड़द, काले तिल, नमक, शीशम , काले रंग की वस्तुएं, तेल, नाग व भैंस आदि का स्वामी भी माना जाता है । शनि कल कारखानों व मशीनरी आदि सहित रहस्य विद्या और सफलता का द्योतक भी माना जाता है। 

 

 

नागरिकों से राशन कार्ड बनवाने की अपील

नागरिकों से राशन कार्ड बनवाने की अपील

ग्वालियर 27 दिसम्बर 08। जिला आपूर्ति अधिकारी ने नगर के छावनी क्षेत्र के नागरिकों से पात्रतानुसार ए.पी.एल. राशन कार्ड आगामी जनवरी माह में आवेदन पत्र प्रस्तुत कर अनिवार्य रू प से बनवाने की अपील की है।

 

छात्रवृत्ति के प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश

छात्रवृत्ति के प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश

ग्वालियर 27 दिसम्बर 08। जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण ने जिले की सभी शैक्षिक संस्थाओं को पत्र लिखकर अन्य पिछड़ी जातियां, अजा/अजजा विद्यार्थियों के लिये छात्रवृत्ति के प्रस्ताव तत्काल भेजने के लिए कहा है, जिससे वित्त वर्ष 2008-09 के छात्रवृत्ति के व्यय का आंकलन किया जा सके तथा पात्र विद्यार्थियों को यथासमय छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।

 

शांति समिति की बैठक 29 दिसम्बर को

शांति समिति की बैठक 29 दिसम्बर को

ग्वालियर 27 दिसम्बर 08। मोहर्रम को ध्यान में रखकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक 29 दिसम्बर को अपरान्ह 4 बजे बुलाई गई है। इस दिन यह बैठक राज्य स्तरीय स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में रखी गई है।

 

जिले के किसानों को 5446 मिनी किट वितरित

जिले के किसानों को 5446 मिनी किट वितरित

ग्वालियर 27 दिसम्बर 08। खेती-किसानी को लाभकारी व्यवसाय बनाने के मकसद से जिले में भी प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप कृषकों को मानक बीज के मिनीकिट मुहैया कराये जा रहे हैं। जिले को सरसों, चना, मटर व मसूर के कुल पांच हजार 615 मिनीकिट वितरित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसमें से पांच हजार 446 मिनी किट वितरित किये जा चुके हैं।

       किसान कल्याण तथा कृषि विभाग के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के विकास खण्ड मुरार में किसानों को सरसों के एक हजार 185, चना के 123, मटर के 24 व मसूर के 13 मिनीकिट वितरित किये गये हैं। घाटीगांव के किसानों को सरसों के एक हजार 245, चना के 122, मटर के 24 व मसूर के 14, डबरा के किसानों को सरसों के एक हजार 185, चना के 122, मटर के 24, व मसूर के 11 व विकास खण्ड भितरवार में सरसों के एक हजार 196, चना के 123, मटर के 23 व मसूर के 50 मिनीकिट बाँटे गये हैं।

 

वर्ष 84 के दंगा पीड़ितों को 7.34 लाख रूपये से अधिक सहायता मंजूर

वर्ष 84 के दंगा पीड़ितों को 7.34 लाख रूपये से अधिक सहायता मंजूर

ग्वालियर, 27 दिसम्बर 08/ वर्ष 1984 के दंगा पीड़ितों के लिए सात लाख 34 हजार रूपये से अधिक आर्थिक मदद मंजूर की गई है । जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने यह सहायता जिला स्तर पर गठित समिति की अनुशंसा एवं राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा जारी किये गये आदेश के परिपालन में स्वीकृत की है । उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा दंगा पीड़ितों के पुनर्वास एवं क्षतिपूर्ति के पुनरावलोकन के लिए जिला स्तर पर एक समिति गठित की गई थी । दंगा पीड़ितों को तात्कालिक रूप से भी अनुगृह राशि मुहैया कराई गई थी ।

       कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 84 में हुये दंगों के दौरान दुकान जलने एवं सामान नष्ट होने की क्षति पर श्री मुकुन्द लाल सचदेवा निवासी घासमण्डी छोटा बाजार ग्वालियर को 63 हजार रूपये की सहायता स्वीकृत की गई है । इसी तरह श्रीमती शान्ति देवी अरोरा निवासी घासमण्डी, श्री संतोख सिंह निवासी रविनगर खेड़ापति कॉलोनी व श्रीमती मंजीत कौर निवासी दाल बाजार तिराहा को 18-18 हजार रूपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है ।

       वर्ष 1984 के दंगों के मृतक स्वर्गीय सुखचेन सिंह के वारिस श्री गुरूमेज सिंह उर्फ गुरूबेज सिंह निवासी सेकरी जागीर डबरा को साढ़े तीन लाख रूपये की सहायता जिला कलेक्टर ने स्वीकृत की है । इस दंगे में चोटगस्त होने तथा दुकान व वर्कशाप में लूटपाट से पीड़ित श्री बलबिन्दर सिंह निवासी डबरा हाल निवासी मॉर्डन फास्ट नर्स प्रतापनगर गली नं.7 लुधियाना पंजाब को एक लाख 19 हजार रूपये की सहायता मंजूर हुई है। दंगे में घर-गृहस्थी का सामान लुटने से पीड़ित श्रीमती दलवीर कौर निवासी वकील गली, ठाकुर बाबा रोड डबरा को साढ़े 31 हजार व श्री सुरजीत सिंह निवासी ग्राम मसूदपुर, टेकनपुर को 18 हजार रूपये स्वीकृत किए गए हैं । दंगा के दौरान मकान जलने एवं सामान नष्ट होने की घटना से पीड़ित श्री निशान सिंह निवासी विनय नगर सेक्टर नम्बर तीन व सुश्री राजप्रीति निवासी विनय नगर सेक्टर नम्बर- तीन बहोड़ापुर को साढ़े 31-31 हजार रूपये की आर्थिक मदद स्वीकृत हुई है।

 

फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन 5 जनवरी को

फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन 5 जनवरी को

इसी दिन से होगी शेष व नये मतदाताओं की फोटोग्राफी

ग्वालियर, 27 दिसम्बर 08 भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एक जनवरी 2009 की स्थिति में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।  संभाग आयुक्त डॉ. कोमल सिंह ने संभाग के सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में दिशा- निर्देश जारी कर दिये हैं । साथ ही ग्वालियर के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आकाश त्रिपाठी ने भी इस तारत्म्य में समय-सारिणी के अनुसार सभी कार्रवाई समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये हैं ।

       जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन 5 जनवरी 2009 को होगा । इसी दिन से 30 जनवरी तक शेष तथा नये मतदाताओं की फोटोग्राफी की जायेगी । निर्वाचक नामावली से संबंधित दावे / आपत्तियाँ 5 जनवरी से 20 जनवरी तक प्रस्तुत की जा सकेंगी । नामावली का ग्राम सभा व स्थानीय निकायों में वाचन तथा नामों का सत्यापन 10 जनवरी व 11 जनवरी को किया जायेगा । राजनैतिक पार्टियों के बूथ लेवल एजेण्टस के साथ दावा / आपत्ति प्राप्त करने के लिए विशेष अभियान 17 जनवरी एवं 18 जनवरी को चलेगा । दावा आपत्तियों का निराकरण 30 जनवरी को किया जायेगा । डाटाबेस को अद्यतन करने, फोटोग्राफ की मर्जिंग, कण्ट्रोल टेबल का अद्यतन व पूरक सूची की तैयारी एवं मुद्रण के लिए 10 जनवरी से 5 फरवरी 2009 तक का समय निर्धारित किया गया है । फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 10 फरवरी 2009 को किया जायेगा।

       भारत निर्वाचन आयोग द्वारा फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली की रेण्डम चैकिंग व पर्यवेक्षण हेतु प्रेक्षक भी नियुक्त किये जायेंगे । आयोग ने नामावली तैयार करने की उक्त समय-सारिणी की जानकारी सभी राजनैतिक दलों को देने के निर्देश भी दिये हैं ।