शनिवार, 14 जनवरी 2012

म.प्र. में बनेगा युवा आयोग , कैरियर काउंसलिंग का बनेगा अलग से वेब पोर्टल

म.प्र. में बनेगा युवा आयोग , कैरियर काउंसलिंग का बनेगा अलग से वेब पोर्टल
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित विद्यार्थी पंचायत में विद्यार्थियों के कल्याण और उनके शैक्षणिक विकास के लिये अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस पर आयोजित विद्यार्थी पंचायत में आमंत्रित विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ सीधा संवाद करते हुये उच्च शिक्षा में सुधार और सुविधाओं एवं शैक्षणिक प्रक्रियाओं के संबंध में अपने सुझाव दिये। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सुझाव को गंभीरता से लेते हुये विद्यार्थियों के हित में अनेक घोषणाएं कीं।
·                     श्री चौहान ने कहा कि युवा आयोग का गठन किया जायेगा। यह आयोग युवाओं के सर्वांगीण विकास के संबंध में अपनी अनुशंसाएं देगा। जिसके आधार पर राज्य शासन कार्रवाई करेगी।
·                     विद्यार्थियों के लिये 50 करोड़ रूपये की राशि से शिक्षा कोष स्थापित किया जायेगा। भविष्य में और भी धनराशि दी जायेगी।
·                     प्रदेश में 41 कन्या छात्रावास भवनों के निर्माण हेतु 45 करोड़ रुपये दिये जाएंगें। जिन महाविद्यालयों में 500 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं उन महाविद्यालयों में छात्रावास बनाने हेतु प्राथमिकता दी जाएगी।
·                     भवनविहीन 25 शासकीय महाविद्यालयों के लिए 78.75 करोड़ रूपये स्वीकृत किए जाएंगें। ऐसे महाविद्यालय जिनके पास भूमि नहीं है उन्हें भूमि उपलब्ध कराने के प्रयास होंगे उसके पश्चात भवन भी बनाये जायेंगे।
·                     उच्च शिक्षा में सुधार की विभिन्न योजनाएं बनायी जायेंगी। प्रशासनिक सुधार, सार्वजनिक वित्त संस्थाओं में अच्छे प्रयास, ट्रेसर स्टडी एवं विद्यार्थियों/शिक्षकों का सर्वे कर रिपोर्ट बनवायी जाएगी जोकि उच्च शिक्षा में सुधार के लिये योजना तैयार करने में बेसलाईन होगी। इसमें विश्व बैंक की मदद भी ली जाएगी।
·                     गवर्नेस सुधारों के अंतर्गत मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन, नए विश्वविद्यालयों का अधोसंरचनात्मक विकास, प्रयोगशालाओं का उन्नयन, नए महाविद्यालयों के लिए भवन निर्माण, विश्वविद्यालयीन परीक्षा प्रणाली का पूर्ण आटोमेशन, ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के महाविद्यालयों की बालिकाओं को कंप्यूटर शिक्षा, वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के माध्यम से व्याख्यान आदि महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल होंगी।
·                     विक्रमादित्य योजना में संशोधन करते हुए शुल्क में छूट की अधिकतम सीमा 2500 रुपए प्रति छात्र प्रति वर्ष तक की जाएगी, साथ ही परिवार की वार्षिक आय भी 42,000 रुपए से बढ़ाकर 54,000 रूपए की जायेगी।
·                     एकीकृत छात्रवृत्ति योजना में स्नातक/संस्कृत महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को 500 रुपए प्रतिमाह एवं शोध कार्यो में संलग्न विद्यार्थियों को 600 रुपए प्रतिमाह के मान से छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस योजना में भी परिवार की वार्षिक आय की सीमा को 25,000 रुपए से बढ़ाकर 54,000 रुपए वार्षिक किया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा
·                     कैरियर काउंसलिंग एण्ड प्लेसमेंट सोसायटी की स्थापना की जायेगी। इसका अलग वेब पोर्टल होगा। विद्यार्थियों को उद्योग एवं व्यापार की मांग अनुसार रोजगार योग्य बनाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से ''फिनिशिंग स्कूल'' योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।
·                     पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के तहत उद्योगों के सहयोग से 10 नवीन पोलीटेकनिक महाविद्यालय प्रारंभ करने की योजना बनाई जायेगी।
·                     जिला मुख्यालय पर 50 संस्थाओं का आदर्श आईटीआई में उन्नयन किया जाएगा। विद्यमान 107 संस्थाओं की प्रवेश क्षमता बढ़ाई जाएगी। नवीन व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे तथा अल्प अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
·                     दस स्वशासी पॉलीटेक्निक एवं 4 इंजीनियरिंग महाविद्यालयों को क्षेत्र विशेष में सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने का प्रावधान किया जाएगा।
·                     इंडस्ट्री-एकाडमिया अगले माह फरवरी-2012 में फिक्की, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 2 दिवसीय ''इंडस्ट्री-एकाडमिया मीट'' का आयोजन होगा। इसमें 200 से अधिक देश-विदेश की कंपनियां भाग लेंगी।
चिकित्सा शिक्षा
·                     चिकित्सा महाविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण हेतु विशेष उपकरण क्रय किए जाएंगे।
·                     चिकित्सा महाविद्यालयों में वर्तमान में चालू स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की सीटों के अतिरिक्त 203 नई पी.जी. सीट्स बढ़ाई जाएंगी।
·                     आरक्षित श्रेणी एवं कमजोर वर्गों के छात्र-छात्राओं हेतु नियमित कॉलेज समय के अतिरिक्त समय में पठन-पाठन की व्यवस्था चिकित्सा शिक्षकों एवं अंग्रेजी विषय के शिक्षकों द्वारा आयोजित की जाएगी।
·                     आरक्षित वर्ग के सभी छात्र-छात्राओं को संपूर्ण पुस्तकों के पृथक-पृथक सेट प्रदान किये जायेंगे।
·                     चिकित्सा महाविद्यालयों के 32 छात्रावासों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। वहां शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था, मेस व्यवस्था तथा सौर उर्जा से चलित यंत्र द्वारा गर्म पानी की व्यवस्था की जाएगी।
·                     एम.सी.आई. के मापदण्डों के अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों की लाईब्रेरियांे का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
·                     चिकित्सा महाविद्यालयों में खेलकूद की गतिविधियांे को बढ़ावा देने तथा जिमनेजियम हेतु आधुनिक उपकरण प्रदान किए जाएंगे।
·                     प्रदेश के बाहर अन्य आधुनिक चिकित्सालयों में संचालित नई तकनीक एवं शोध प्रक्रिया को देखने हेतु प्रदेश के छात्रों के लिए भ्रमण कार्यक्रम बनाए जाएंगे।
·                     प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में छात्र/छात्राओं हेतु कंप्यूटर सेंटर की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
आयुष
·                     शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालयों, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा एवं भोपाल में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।
·                     शासकीय स्वशासी होम्योपैथिक महाविद्यालय भोपाल में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।
·                     शासकीय स्वशासी होम्योपैथिक महाविद्यालय भोपाल में बी.एच.एम.एस. प्रथम वर्ष में वर्तमान स्वीकृत प्रवेश क्षमता 70 को बढ़ाकर 100 किया जाएगा।
·                     आयुष चिकित्सा शिक्षा के स्तरोन्नयन हेतु भोपाल में आयुष अनुसंधान एवं प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना की जाएगी।
·                     600 आयुर्वेद चिकित्सकों की भरती की जाएगी एवं इन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ किया जाएगा। ये चिकित्सक केवल आयुर्वेद चिकित्सा करेंगे।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास
·                     किसानों के बच्चों को कृषि विश्वविद्यालयों में 5 प्रतिशत का आरक्षण दिया जायेगा।
पशुपालन विभाग
·                     पशु चिकित्सा इन्टर्नशिप कार्यक्रम में दी जाने वाली छात्रवृत्ति मेडिकल छात्रवृत्ति के बराबर की जाएगी।
·                     प्रत्येक महाविद्यालय में ई-पुस्तकालय की व्यवस्था की जाएगी जिसमें शोध-पत्र संकलन एवं नई अन्तर्राष्ट्रीय पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
·                     मध्यप्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के मध्य शैक्षणिक भ्रमण के कार्यक्रम प्रतिवर्ष आयोजित किये जायेंगे।
संस्कृति विभाग
·                     संगीत महाविद्यालयों एवं ललित कला संस्थानों में संकाय के रिक्त पदों को समय सीमा में भरकर शिक्षा उपलब्ध करायी जाएगी।
·                     ऋण गारंटी योजना का लाभ संगीत एवं ललित कला के विद्यार्थियों को भी उपलब्ध कराया जाएगा।
·                     संगीत एवं ललित कला के मेधावी विद्यार्थियों के लिये छात्रवृत्ति उपलब्ध करायी जाएगी।
 

बुधवार, 11 जनवरी 2012

खुदरा एकल ब्रांड में 100 प्रतिशत प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश को अधिसूचित किया गया

रिटेल एफ.डी.आई. को मंजूरी मिली  , अधिसूचना जारी हुयी
खुदरा एकल ब्रांड में 100 प्रतिशत प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश को अधिसूचित किया गया
नई दिल्ली 11 जनवरी , वाणिज्‍य और उद्योग मंत्रालय भारत सरकार  के औद्योगिक नीति और संवर्द्धन विभाग ने आज खुदरा में एकल ब्रांड में 100 प्रतिशत के प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश के निर्णय को अधिसूचित कर दिया। केंद्रीय वाणिज्‍य उद्योग और कपड़ा मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल ने खुदरा क्षेत्र एकल ब्रांड में प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश की नीति में उदारीकरण लाने के लिए यह महत्‍वपूर्ण फैसला लिया है। एकल ब्रांड में प्रत्‍यक्ष निवेश की स्‍वीकृति के बाद भारतीय बाजार में कुछ प्रमुख अंतर्राष्‍ट्रीय कंपनियों के लिए मार्ग प्रशस्‍त हो गया है।

मंत्री महोदय ने बताया कि 100 प्रतिशत तक के प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश को इस शर्त के साथ स्‍वीकृति दी गई है कि 51 प्रतिशत से अधिक के निवेश पर यह आवश्‍यक होगा कि विक्रय किए जाने वाले उत्‍पादों के कुल मूल्‍य का कम से कम 30 प्रतिशत उत्‍पाद भारतीय लघु उद्योगों/ग्राम और कुटीर उद्योगों, शिल्पियों और हस्‍तशिल्पियों से लिया जाएगा। इस कदम से जहां एक तरफ घरेलू निर्माण को प्रोत्‍साहन मिलेगा, तो वहीं दूसरी ओर देश के स्‍थानीय लघु उद्योग के तकनीकी उन्‍नयन में भी मदद मिलेगी।

मंगलवार, 10 जनवरी 2012

सायबर पुलिस द्वारा 23 प्रकरणों में 32 लोग गिरफ्तार, देश का ‘बेस्ट सायबर कॉप ऑफ इंडिया’ अवार्ड मिला

सायबर पुलिस द्वारा 23 प्रकरणों में 32 लोग गिरफ्तार, देश का 'बेस्ट सायबर कॉप ऑफ इंडिया' अवार्ड मिला
Bhopal:Tuesday, January 10, 2012
राज्य सायबर पुलिस द्वारा वर्ष 2011-12 में 23 प्रकरणों में 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस वर्ष 63 प्रकरणों में एफ.आई.आर. दर्ज कर कार्रवाई की गयी। प्रदेश में बढ़ते हुए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं विवेचना के लिए भोपाल में सायबर पुलिस का गठन किया गया है। जिसका कार्य-क्षेत्र सम्पूर्ण मध्यप्रदेश है।
राज्य सायबर पुलिस में विभिन्न जिलों की सूचना प्रौद्योगिकी आधारित शिकायतों को पंजीबद्ध कर उन पर जाँच कर कार्यवाही की जाती है। राज्य सायबर पुलिस को वर्ष 2011-12 में कुल 1326 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें से 63 प्रकरणों में एफ.आई.आर. दर्ज की गयी। वर्ष 2011 में चर्चित रहे कोटक महिन्द्रा बैंक फ्रॉड प्रकरण में 17 लाख रूपये की धोखाधड़ी में शामिल 3 आरोपियों को 72 घण्टों में गिरफ्तार कर पूरी राशि बरामद कर ली गयी।
बेस्ट सायबर कॉप ऑफ इण्डिया
वर्ष 2011 में राज्य सायबर पुलिस द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी आधारित अपराधों की प्रभावी विवेचना करने पर देश का '' बेस्ट सायबर कॉप ऑफ इंडिया '' का अवार्ड दिया गया।
राज्य सायबर पुलिस द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी आधारित अपराधों से जन-सामान्य को जागरूक करने तथा अपनी समस्याएँ सीधे पुलिस तक पहुँचाने के लिए वेबपोर्टल की शुरूआत की जा रही है। इससे निकट भविष्य में जन-सामान्य सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करवाने के साथ ही जरूरी सूचनाएँ भी पुलिस को दे सकेंगे।
सायबर पुलिस द्वारा प्रदेश में विभिन्न जिलों के थानों में दर्ज प्रकरणों में जिला पुलिस बल को सहायता देने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।
राज्य सायबर पुलिस का उपकरणों से सुसज्जित भवन का निर्माण भी पूर्णता की ओर है।
 

बुधवार, 28 दिसम्बर 2011

भ्रष्‍टाचार से नि‍पटने और नागरि‍कों को तय समय पर सेवाएं प्रदान करने के लि‍ए ऐति‍हासि‍क वि‍धेयक लाए गए

भ्रष्‍टाचार से नि‍पटने और नागरि‍कों को तय समय पर सेवाएं प्रदान करने के लि‍ए ऐति‍हासि‍क वि‍धेयक लाए गए
वार्षि‍क समीक्षा
कार्मि‍क लोक शि‍कायत और पेंशन मंत्रालय
 
        कार्मि‍क लोक शि‍कायत और पेंशन मंत्रालय ने भ्रष्‍टाचार से नि‍टपने और नागरि‍कों को तय समय पर सेवाएं प्रदान करने के लि‍ए ऐति‍हासि‍क वि‍धेयक पेश कि‍ए। इसके अलावा सरकारी कर्मचारि‍यों को जवाबदेह बनाने के भी उपाय कि‍ए गए। मंत्रालय की वर्ष के दौरान प्रमुख पहल/उपलब्‍धि‍यां इस प्रकार हैं :
 
लोकपाल वि‍धेयक-2011
       सरकार ने लोकसभा में लोकपाल और लोकायुक्‍त वि‍धेयक 2011 पेश कि‍या। इसका उद्देश्‍य केन्‍द्र में लोकपाल और राज्‍यों में लोकायुक्‍त की नि‍युक्‍ति‍करना है। प्रस्‍तावि‍त स्‍वायत्‍त और स्‍वतंत्र नि‍काय, लोकपाल और लोकायुक्‍त के पास आरंभि‍क जांच के लि‍ए नि‍रीक्षण और नि‍र्देश देने, जांच के लि‍ए प्रेरि‍त करने और भ्रष्‍टाचार को रोकने के लि‍ए कि‍सी कानून के अंतर्गत दर्ज शि‍कायतों के संबंध में जुर्म के नि‍ष्‍पादन का अधि‍कार होगा। वि‍धेयक में केन्‍द्र और राज्‍यों के लि‍ए एक समान सतर्कता और भ्रष्‍टाचार वि‍रोधी खाका तैयार करने का प्रावधान है। वि‍धेयक में जांच को मुकदमे से अलग करने और दक्षता और वि‍शेषज्ञता का दायरा बढ़ाने में हि‍तों के टकराव को दूर करना शामि‍ल है।
 
शि‍कायत नि‍वारक वि‍धेयक-2011
       सरकार ने तय समय पर सेवाएं प्रदान करने और नागरि‍कों की शि‍कायतें दूर करने के लि‍ए नागरि‍क अधि‍कार वि‍धेयक 2011 हाल ही में संसद में पेश कि‍या। वि‍धेयक के अंतर्गत्‍प्रत्‍येक नागरि‍क प्राधि‍कार को एक सि‍टीजन चार्टर प्रकाशि‍त करना होगा, जि‍समें माल की आपूर्ति‍की श्रेणी का वि‍स्‍तृत वि‍वरण देना होगा, नि‍यत समय की जानकारी देनी होगी जि‍समें माल की आपूर्ति‍की गयी या सेवाएं दी गयी और नागरि‍कों से प्राप्‍त शि‍कायतों के बारे में पूछताछ करने और उसे दूर करने के लि‍ए सभी जन प्राधि‍कारों में शि‍कायत नि‍वारण अधि‍कारि‍यों (जीआरओ) की नि‍युक्‍ति‍का प्रावधान है। वि‍धेयक में जीआरओ के फैसले और माल और सेवाएं प्रदान करने के लि‍ए नामजद अधि‍कारी के अपने काम में वि‍फल रहने की स्‍थि‍ति‍में जुर्माना लागू करने के फैसले के खि‍लाफ अपीलों के लि‍ए राज्‍य लोक शि‍कायत नि‍वारण आयोग और केन्‍द्रीय लोक शि‍कायत नि‍वारण आयोग के गठन का प्रावधान है। नि‍चले स्‍तर पर नि‍युक्‍त अधि‍कारी के पास जि‍ला और उप जि‍ला स्‍तर पर अधि‍कतर शि‍कायतों को दूर करने का अधि‍कार होगा।
 
वि‍देशों में रि‍श्‍वतखोरी वि‍धेयक
       वि‍देशों में सार्वजनि‍क अधि‍कारि‍यों और सार्वजनि‍क अंतर्राष्‍ट्रीय संगठनों के अधि‍कारि‍यों के रि‍श्‍वत लेने से रोकने संबंधी वि‍धेयक 2011 को संसद के मानसून सत्र में पेश कि‍या गया और इस समय यह वि‍भाग की संसद की स्‍थाई समि‍ति‍के समक्ष है। प्रस्‍तावि‍त कानून के अनुसार कोई भी व्‍यक्‍ति‍'जो वि‍देश में वि‍धायी, कार्यकारी, प्रशासनि‍क या न्‍यायि‍क अधि‍कारी के पद पर है' यदि‍उसे भारत में ठेका प्राप्‍त करने के लि‍ए रि‍श्‍वत लेते हुए या देते हुए पाया जाता है तो उसे भारत में सात साल की सजा दी जाएगी। प्रस्‍तावि‍त वि‍धेयक के अंतर्गत इस तरह के अपराधों के लि‍ए 'उकसाने' को भी अपराध माना जाएगा।
 
भ्रष्‍टाचार से नि‍पटने के लि‍ए मंत्रि‍यों का समूह
       सरकार ने भ्रष्‍टाचार से नि‍पटने के उपायों पर वि‍चार करने के लि‍ए जनवरी 2011 में मंत्रि‍यों के एक समूह का गठन कि‍या। मंत्री समूह ने अपनी पहली रि‍पोर्ट दे दी है जि‍से सरकार ने कुछ मामूली बदलाओं के बाद स्‍वीकार कर लि‍या है। स्‍वीकृत सि‍फारि‍शों को लागू करने के लि‍ए सरकार ने कदम उठाया है।
 
समूह ए केन्‍द्रीय सेवा अधि‍कारि‍यों के आईपीआर सार्वजनि‍क
       सरकार ने फैसला कि‍या कि‍प्रशासन में पारदर्शि‍ता और जवाबदेही तय करने के लि‍ए अखि‍ल भारतीय सेवा के अधि‍कारि‍यों और संगठि‍त समूह ए केन्‍द्रीय सेवाओं के अधि‍कारि‍यों की 01 जनवरी, 2011 तक की अचल संपत्‍ति‍के वार्षि‍क ब्‍यौरे सार्वजनि‍क कि‍या जाए।
       केन्‍द्रीय लोक सेवा/पदों के सभी सदस्‍यों के लि‍ए सतर्कता की मंजूरी के बारे में दि‍शा नि‍र्देशों में संशोधन कि‍या गया है। कि‍सी अधि‍कारी को सतर्कता को मंजूरी नहीं दी जाएगी अगर वह पि‍छले वर्ष के लि‍ए अपनी वार्षि‍क अचल संपत्‍ति‍का ब्‍यौरा अगले वर्ष 31 जनवरी तक नहीं देता।
 
 
 
जन शि‍कायतें
       प्रशासनि‍क सुधार और जन शि‍कायत वि‍भाग ने वर्ष के दौरान जन शि‍कायतों को दूर करने के संबंध में कुछ प्रमुख कदम उठाए हैं। सेवोत्‍तम तैयार कि‍या गया और प्रकाशि‍त कि‍या गया। इसके अलावा सेवोत्‍तम को लागू करने के लि‍ए दि‍शा नि‍र्देश सि‍तम्‍बर में तैयार कि‍ए गए। ये दस्‍तावेज वि‍भाग की वेबसाइट www.darpg.gov.in पर भी उपलब्‍ध है। केन्‍द्र सरकार के सभी मंत्रालयों/और राज्‍य सरकारों में केन्‍द्रीयकृत लोक शि‍कायत नि‍वारण और नि‍गरानी प्रणाली को मजबूत करने के लि‍ए वर्ष के दौरान अनेक कदम उठाए गए हैं :
·         सरकार के 62 मंत्रालयों/वि‍भागों/संगठनों के अधि‍कारि‍यों को प्रशि‍क्षण दि‍या गया।
·         प्रणाली से जुड़े फील्‍ड अधि‍कारि‍यों की संख्‍या बढ़ाकर 1500 से 6000 कर दी गयी।
·         स्‍थानीय भाषा के साथ अंतराफलक स्‍थापि‍त कि‍या गया और राजस्‍थान सरकार ने इसे व्‍यवहारि‍क बनाया। राज्‍य के मुख्‍य मंत्री ने इस प्रणाली का उद्घाटन कि‍या।
 
सेवोत्‍तम के लि‍ए क्षमता नि‍र्माण के बारे में कार्यशाला
       केन्‍द्र सरकार के सभी मंत्रालयों/वि‍भागों के लि‍ए क्षमता नि‍र्माण के बारे में दो कार्यशालाएं और सभी राज्‍यों/केन्‍द्रशासि‍त प्रदेशों के लि‍ए दो कार्यशालाए आयोजि‍त की गयीं। सार्वजनि‍क सेवा में उत्‍कृष्‍टता के लि‍ए पुरस्‍कार दि‍ए गए। इनमें चण्‍डीगढ़ में सार्वजनि‍क वि‍तरण प्रणाली, तमि‍लनाडु में कार्यकलाप आधारि‍त ज्ञान, गुजरात में प्राथमि‍क स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, कर्नाटक में आईसीडीएस, केरल में ग्राम पंचायत का सि‍टीजन चार्टर, नि‍गम मामलों के मंत्रालय में एमसीए 21, प्रारंभि‍क शि‍क्षा में जवाबदेही, सीबीडीटी में सेवोत्‍तम और सीबीईसी में सेवोत्‍तम शामि‍ल है। चार कार्यशालाओं में कुल मि‍लाकर केन्‍द्र, राज्‍य/केन्‍द्रशासि‍त प्रशासन के 450 अधि‍कारि‍यों ने भाग लि‍या।
सरकारी कार्यालयों का आधुनि‍कीकरण
       वर्ष के दौरान प्रशासनि‍क सुधार और लोक शि‍कायत वि‍भाग ने नि‍र्धारि‍त लक्ष्‍य को हासि‍ल करने के लि‍ए 9 मंत्रालयों/वि‍भागों/कार्यालयों के लि‍ए 6.50 करोड़ रुपये जारी कि‍ये। इससे लाभांवि‍त होने वाले संगठनों के साथ नि‍यमि‍त बैठकें की जाती हैं ताकि‍तय समय के अनुसार इन्‍हें लागू कि‍या जा सके।
 
 
ई-गवर्नेंस की दि‍शा में कदम
       वि‍भाग और महाराष्‍ट्र सरकार ने संयुक्‍त रूप से औरंगाबाद में ई-गवर्नेंस के बारे में 14वें राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का आयोजन कि‍या। इस सम्‍मेलन में 'ग्रामीण ई सेवा देने : स्‍थि‍ति‍और चुनौति‍यां' वि‍षय पर वि‍स्‍तृत वि‍चार वि‍मर्श कि‍या गया। सम्‍मेलन के दौरान ई-गवर्नेंस के लि‍ए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार भी प्रदान कि‍ए गए।
       राष्‍ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के अंतर्गत ई-कार्यालय मि‍शन मोड परि‍योजनाओं में से एक है। इस परि‍योजना का केन्‍द्र सरकार के मंत्रालयों और वि‍भागों के कामकाज में सुधार लाना है। ई-मैनुअल जरि‍ए फाइलों और दस्‍तावेजों का तेजी से नि‍पटारा कि‍या जा सकता है।
 
सीएपीएएम नेतृत्व विकास कार्यक्रम
विभाग ने 2011 में राष्ट्रमंडल लोक प्रशासन एवं प्रबंधन संघ (सीएपीएएम) नेतृत्व विकास कार्यक्रम का भारतीय लोक प्रशासन संस्थान में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आज के प्रतिस्पर्धात्मक विश्व में कुशल नेतृत्व का विकास करना था जो कि सीखने की प्रायोगिक पद्धति पर आधारित था और जिसका उद्देश्य फैसलों में स्व-जागरूकता, भावनात्मक कुशाग्रता तथा रणनीतिक विचार विकसित करना था। इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय मंत्रालयों व विभागों तथा राज्य सरकारों से चुना गया था।
सम्मेलन का आयोजना
       मुख्य सचिवों का दूसरा वार्षिक सम्मेलन फरवरी 2011 में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन ने केन्द्र और राज्यों के विचारों के पारस्परिक आदान प्रदान के लिए स्थायी मंच की भूमिका निभाई।
       सभी राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों के प्रशासनिक सुधारों पर सचिवों का तीसरा सम्मेलन सितंबर 2011 में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं में सुधार, प्रशासन को प्रभावी, पारदर्शी तथा जवाबदेह एवं नागरिकों के अनुकूल बनाने के लिए राज्यों द्वारा किए गए सुधारों एवं पहल के उनके अनुभवों को बांटने के लिए एक राष्ट्रीय मंच तैयार करना था।
 
 
 
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग
       भारत और सिंगापुर के बीच कार्मिक प्रबंधन एवं लोक प्रशासन के क्षेत्र में नवंबर 2011 में एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये। एमओयू में निम्नलिखित बिंदु सम्मिलित थे। (i) क्षमता विकास एवं कौशल सुधार, लोक सेवा वितरण प्रणाली में सुधार (ग्राहकों उन्मुखी सेवाएं, कुल गुणवत्ता प्रबंधन, सिटीजन चार्टर पहल, लोक शिकायत निवारण तंत्र) (ii) मानव संसाधन प्रबंधन (iii) सार्वजनिक क्षेत्र सुधार (iv) नेतृत्व/प्रतिभा विकास
       संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और रायल सिविल सर्विस कमीशन, भूटान के बीच एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये जिसमें लोक सेवा मामलों पर अनुभवों का आदान प्रदान किया जाएगा। यूपीएससी और कनाडा लोक सेवा आयोग के बीच भी एक एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय आदान प्रदान के द्वारा बेहतर परम्पराओं को प्रोत्साहित करना एवं एक दूसरे से बांटना है।
खाली आरक्षित पदों को भरने के लिए विशेष अभियान का आरंभ
       अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग तथा शारीरिक विकलांगों के लिए आरक्षित खाली पड़े पदों को भरने के लिए सरकार ने एक अभियान शुरू किया। खाली पड़े पदों की संख्या 57947 है, जिसमें अनुसूचित जाति के लिए 15323, अनुसूचित जनजाति के लिए 20301, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 15323 और शारीरिक विकलांगों के लिए 7000 पद हैं। सभी मंत्रालय एवं विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे उक्त श्रेणियों के पदों को 31 मार्च 2012 तक भरें।
 
भर्ती
       लोक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षाओं के लिए सिलेबस और पैटर्न में 2011 में संशोधन किया गया जिसके मुताबिक अब वस्तुनिष्ठ प्रकार (बहुविकल्पीय) के दो प्रश्नपत्र होंगे। प्रत्येक प्रश्नपत्र 200 अंकों के होंगे और प्रत्येक के लिए दो घंटे का समय निर्धारित होगा।
       यूपीएससी ने इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा के लिए फरवरी 2011 से आवेदन आनलाइन स्वीकार करना शुरू कर दिया है। आनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाने से न केवल समय की बचत हो रही है बल्कि फार्म में दिए गए विवरण के अधिक सटीक होने की संभावना है क्योंकि सभी जानकारियां आवेदक स्वयं भरता है।
       यूपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण हुए आवेदकों के लिए 2011 से केवल आनलाइन मोड में ही फार्म उपलब्ध कराना शुरू किया है।
       आयोग ने सभी प्रकार की परीक्षाओं के संपन्न होने के बाद प्रश्नपत्रों के आदान-प्रदान की व्यवस्था शुरू की है। परीक्षा में सफल एवं असफल आवेदकों को मूल्यांकन प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद प्राप्त अंकों की विवरण की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी शुरू की है।
       आयोग ने हाल ही में ई-एडमिट कार्ड के लिए सरल साफ्टवेयर विकसित किया है जिससे आयोग की वेबसाइट पर जाकर आवेदक अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। यह प्रणाली जल्दी ही काम करना शुरू कर देगी।
       इस साल के दौरान कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने अखिल भारतीय स्तर पर 9 मुक्त प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन किया। इन परीक्षाओं में रिकार्ड 19,42,289 लोगों ने आवेदन किया और 13,83,281 आवेदक परीक्षा में सम्मिलित हुए। एसएससी ने सभी के परिणाम घोषित किए और 67,861 आवेदकों की नियुक्तियों की सिफारिश की।
       एसएससी को सीपीओ में 53,188 कांस्टेबलों (जीडी) की भर्ती के लिए कहा गया है। एसएससी ने बहुत ही कम समय में इस चुनौती को स्वीकार किया है और भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
 
विविध
       विभाग द्वारा 21 अप्रैल 2011 को छठें नागरिक सेवा दिवस का आयोजन किया गया। इस दिन सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए लोक सेवक स्वयं को नागरिकों के प्रति एक बार फिर समर्पित करने का व्रत लेते हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2009-10 में तीन श्रेणियों (व्यक्तिगत, समूह एवं संगठन) में पुरस्कार वितरित किए।
       लोकसभा की विशेषाधिकार समिति से विचार विमर्श के बाद प्रशासन, संसद सदस्य और राज्य विधानसभाओं के बीच आधिकारिक कामकाज के लिए दिशा-निर्देश में संशोधन किया गया।