रविवार, 3 जनवरी 2010

शौचालय में फ्लश करने पर ज्यादा पानी बर्बाद होता है, बिना पानी के भी अच्छी सेविंग हो सकती है-एस सी. वर्धन

शौचालय में फ्लश करने पर ज्यादा पानी बर्बाद होता है,  बिना पानी के भी अच्छी सेविंग हो सकती है

-एस सी. वर्धन

वरिष्ठ आई.ए.एस.ने अपनी दिनचर्या में बदलाव लाकर पानी और बिजली , की बर्बादी रोकने तथा पर्यावरण संतुलन बनाने के उपाय सुझाये

ग्वालियर 29 दिसम्बर 2009 । मध्य प्रदेश कैडर के एक वरिष्ठ आई.ए.एस.श्री एस.सी.वर्धन ने पर्यावरण के बिगड़ते संतुलन पर गहन चिन्ता व्यक्त की है । उन्होंने समाज के आम लोगो को अपनी दिनचर्या में बदलाव लाकर पर्यावरण संतुलन और पानी व बिजली की बचत के लिये उपाय अपनाने के सुझाव दिये है ।

अमूल्य पीने के पानी की बचत के आसान उपाय

       अभी विश्वभर में ग्लोबल वर्मिग के संबंध में गांव से लेकर शहर तक सभी को चिन्ता सता रही है । हमारी धरोहर हिमालय पर्वत से उद्गमित होने वाली पवित्र नदियां गंगा, यमुना आदि भी इससे प्रभावित हो रही है । वैज्ञानिको के द्वारा यह पाया गया है कि गंगा के स्त्रोत गोमुख (ढ़दृद्वत्त्ण्) ग्लोबल वर्मिग के कारण सिकुड़ता जा रहा है । जिससे गंगा नदी का प्रवाह भी प्रभावित हो रहा है ।

       जैसा कि हम सभी को पता है कि जल ही जीवन है और इसके बिना जिन्दगी नहीं जी सकते है । इसलिये हम सभी का यह परम कर्तव्य है कि हम अपने घरों, कार्यालयों कारखानों, रेल्वे एवं दुकान आदि में पानी की बचत करें । इसके लिए बहुत ही आसान उपाय अपनाये जा सकते है । जैसे कि:-

1- हमारे देश में समृद्व मध्यम वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक सभी के घरों में पानी की कमी महसूस की जा रही है । एक निजी विश्लेषण में यह पाया गया है कि हम प्रति व्यक्ति एक दिन में एक से दो लीटर पानी ही पी पाते है, जबकि अपने शौचालय में जब फलश करत है, तो उसमें एक ही फलश में 20 से 25 लीटर पानी बह जाता है इसमें आसानी से 10 से 15 लीटर पानी की बचत की जा सकती है । इसके लिये जिन घरों कार्यालयों कारखानों एवं दुकानों में अग्रेजी कम्बोड के साथ छोटी टंकी बाथरूम में लगी है, उस टंकी का ढक्कन आसानी से खुल जायेगा  जिसमें एक लीटर की दो-तीन खाली बोतल पानी से भरकर डाल दी जायें और यदि एक लीटर की बोतल नहीं डाली जा सकती हो तो उन्हें बीच में से काटकर डाला जा सकता है, प्रत्येक घरों में बोतल आसानी से मिल जाती है और यदि बोतल न हो तो उसमें पत्थर डाले जा सकते है । इससे फलश करने में उतना पानी कम बहेगा । इस प्रकार से एक दिन में 100 करोड लीटर से भी अधिक पानी की बचत बिना किसी प्रकार के खर्चे के की जा सकती है । और इस कार्य को घर का बच्चा भी आसानी से कर सकता है । इस सभी ने बचपन में एक कहानी पढ़ी होगी कि एक कौवा प्यासा था और बर्तन में पानी का स्तर बहुत नीचा था जहां कौवे की चोंच नहीं पहुंच रही थी  अत उसनें छोटे-छोटे कंकड पानी में डालना शुरू किया जिससे पानी का स्तर उपर आ गया और कौवे ने पानी पीकर अपनी प्यास बुझा ली।

2- पुराने घरों में इण्डियन टायलेट है जिनमें लोहे की बड़ी-बडी टंकियां लगी है, उन्हें भी आसानी से खोला जाकर पानी की बोतल अथवा पत्थर डाले जा सकते है ।

3- प्राय: शौच करने के बाद धोने के मग में लेकर पानी का उपयोग किया जा सकता है, जिसमें से कम एक-दो लीटर पानी बह जाता है । यदि जिन घरों कार्यालयों एवं कारखानों में वेस्टन कम्बोड है, उनमें मात्र 40/-से 50/-रूपये खर्च करके वाटर जेट लगाया जा सकता है और यह कार्य 10 से 15 मिनिट में हो जाता है । इससे हाथ खराब नहीं होगे और किसी प्रकार की बीमारी नहीं होगी । इसलिये जहां वाटर जेट लगाना स्वास्थ्य के लिये लाभ दायक हैं, वही करोडों लीटर पानी की बचत भी होगी । वर्तमान में इसका प्रयोग न्यायालय राजस्व मण्डल एवं बंगलो में किया जाकर सैकड़ो लीटर पानी की प्रतिदिन बचत की जा रही है । जिन घरों में इण्डियन टायलेट है, उन घरों में नल की टोटी में हैण्ड शावर लगाया जा सकता है । जिससे भी हाथ गंदे नहीं होंगे और व्यक्ति जहां स्वस्थ्य रहेगा वहीं करोडों लीटर पानी की बचत होगी । इस कार्य में भी लगभग 40 से 50 रूपये का व्यय आयेगा एवं 10 से 15 मिनिट का समय लगाने में लगेगा ।

4- प्रतिदिन लगभग हमारे देश में 30 करोड़ व्यक्ति शेविंग बनाते है, इसके लिए चेहरे पर साबुन लगाने ब्रश रेजर आदि धोने एवं शेविंग के बाद चेहरा धोने में लगभग प्रति व्यक्ति दो लीटर पानी बह जाता है । मेरा निजी अनुभव है कि यदि चेहरे पर घर में उपलब्ध तेल लगाकर शेविंग बनाने से जहां शेविंग अच्छी बनती है । वही न तो चेहरे पर साबुन लगाने की आवश्यकता रह जाती है, न ही चेहरे को धोने की आवश्यकता है और न ही रेजर को धोने की आवश्यकता है रेजर को पतली काडी से साफ किया जा सकता है । शेविंग के बाद किसी प्रकार की क्रीम की अथवा आफटर शेविंग लोशन लगाने की भी आवश्यकता रहती है । इससे कम से कम देश में 60 करोड लीटर पानी की बचत होगी । साथ ही ब्रश साबुन एवं क्रीम अथवा आफटर शेविंग लोशन क्रय नहीं करना पडेगा, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को 150/-रूपये प्रति माह की बचत होगी ।

5- नल की टोटी को अगर कारखाने में निर्माण के समय ही कम मोटाई का कर दिया जावे, तो करोड़ो लीटर पानी की बचत होगी ।

6- नगर निगम,नगर पालिका, पंचायत, शासकीय एवं निजी संस्थायें तथा हर नागरिक उपरोक्त कार्य आसानी से कर सकते है ।

Global worming में कमी करने बिजली बचायें, अमूल्य बिजली की बचत के आसान उपाय

जैसे कि सभी को जानकारी है कि देश में बिजली खपत ज्यादा एवं उत्पादन कम है । जिससे जहां शहरो में पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है, वहीं गांव में कृषि के लिए नाम मात्र की बिजली उपलब्ध हो रही है । ऐसी स्थिति में हम निम्न आसान उपाय कर बिजली की बचत कर सकते है:-

1- न्यायालयों में एक न्यायालय एवं पीठासीन अधिकारी/न्यायाधीश एक कक्ष होता है जब न्यायालय में सुनवाई हो रही हो, तब पीठासीन अधिकारी/न्यायाधीश कक्ष की बिजली बन्द कर देनी चाहिए । न्यायालय में चार से पांच घण्टे तक सुनवाई की जाती है । अत: चार से पांच घण्टे तक कक्ष की बिजली बन्द होने से कम से कम पाच-दस यूनिट बिजली की बचत आसानी से प्रतिदिन प्रति जज से होगी । हमारे देश में एक लाख से भी अधिक न्यायालय/ट्रिब्यूनल आदि कार्यरत है ।

2- कार्यालय में प्रात: 8 बजे ही पूरे कार्यालय की बिजली चालू कर दी जाती है जो कि शाम 6 बजे तक निरंतर जलती रहती है । यदि अधिकारी एवं कर्मचारी आवश्यकता होने पर बिजली एवं पंखे चलायें एवं जैसे ही अपने कक्ष से अन्य कार्य के लिए बाहर जाये कक्ष की बिजली स्वयं बंद कर दें तो बहुत हद तक बिजली की बचत की जा सकती है ।

3- घरों में टी.बी.को रिमोट से बन्द न कर सीधे स्विच से बन्द करने से भी बिजली की बचत होगी ।

4- घरों एवं कार्यालयों में सी.एफ.एल.का उपयोग करे ।

5- खाना बनाने के लिये घरों में solar cooker आसानी से व्यवहार मे लाया जा सकता है, जिससे गैस/लकड़ी/बिजली की बचत होगी । हमारे देश में अक्टूबर से जून तक पर्याप्त सूर्य की रोशनी मिलती है, जो मुक्त है solar cooker ज्यादा से 1500/-रूपये में मिल सकता है । स्कूल मे  त्ड्ड ड्डठ्ठ ङ्ढठ्ठथ् के लिये भी बड़ा solar cooker मंगाया जा सकता है ।

कागज की बचत के आसान उपाय

अभी विश्वभर में ग्लोबल वर्मिग के संबंध में गांव से लेकर शहर तक सभी को चिन्ता सता रही है कि कागज के अत्यधिक उपयोग से हजारो की तादाद में वृक्षों की कटाई हो रही है जिससे जहां वन प्रभावित हो रहे है वहीं पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है । ग्लोबल वार्मिग की कमी से देश को करोड़ो का आर्थिक लाभ भी मिलेगा । कागज की बचत के लिए आसान उपाय निम्नानुसार है जिन्हे अपनाने से वन एवं पर्यावरण की सुरक्षा आसानी से की जा सकती है ।

1- प्राय:न्यायालयों में प्रस्तुत प्रकरण में कागज का एक ही तरफ उपयोग किया जाता है न्यायालों में प्रतिदिन हजारो की संख्या में प्रकरण प्रस्तुत किये जाते है साथ में हजारो की संख्या में दस्तावेज भी प्रस्तुत किये जाते है । इन प्रकरणों एवं दस्तावेजो में कागज की एक साइड का ही उपयोग किया जाता है । यदि कागज के दोनो साइड का उपयोग किया जाये तो इसके लाखो टन की संख्या में कागज की बचत होगी । इससे लाखों एकड वन कटने से बचेगें ।

2- इसी प्रकार आदेश की सत्य प्रतिलिपि में भी कागज की एक साइड का ही उपयोग किया जाता है । कागज की दोनों साइड का उपयोग करने से हजारों टन की संख्या में कागज की बचत होगी ।

3- शासकीय अर्ध शासकीय बैंक एवं निजी कार्यालयों आदि में भी कागज की एक साइड का उपयोग ही किया जाता है । कागज की दोनों साइड का उपयोग करने से करोड़ो की संख्या में कागज की बचत की जा सकती है ।

4- स्कूल महा विद्यायों में कागज की दोनो साइडों का उपयोग करने से भी बड़ी तादाद में कागज की बचत होगी ।

 

प्रेमनगर नाले पर बने भवन के स्वामियों को नोटिस

प्रेमनगर नाले पर बने भवन के स्वामियों को नोटिस

ग्वालियर दिनांक 29.12.2009-  माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशों के पालन में विशेष न्यायाधीश न्यायिक मजिस्टे्रट आलोक मिश्रा द्वारा पूर्व में प्रेमनगर नाले का निरीक्षण का सीमांकन कर जमीन पर अतिक्रमण कर बनाये गये गृहस्वामियों को नगर निगम द्वारा नोटिस दिये गये थे। भू-आवंटन एवं टाऊन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग एवं नगर निगम से स्वीकृति दस्तावेज मांगे गये जो उनके द्वारा प्रस्तुत उपरांत आज दिनांक       29.12.2009 विशेष न्यायिक मजिस्टे्रट के निर्देशन में मौके पर भवनों का निरीक्षण कर उनका माप किया गया।

       निरीक्षण के दौरान नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुभाष गुप्ता, सिटीप्लानर दिनेश अग्रवाल सिटीप्लानर एवं श्री रावत ए.ई. उपस्थित रहे।

 

शनिवार, 2 जनवरी 2010

नव वर्ष पर कुछ यूं मिलीं शुभकामनायें........भाग-1

नव वर्ष पर कुछ यूं मिलीं शुभकामनायें........भाग-1

हमारे विशिष्‍ट मित्रों , सुधी पाठकों, इण्‍टरनेट व्‍यूअर्स तथा शुभेच्‍छुओं ने अपनी शुभकामनायें हमें कुछ मिलती जुलती तो कुछ टिपी टिपाई और कुछ ने कुछ अलग अंदाज में भेजीं । हमने कुछ शुभकामनायें सभी के साथ बांटने के लिये चुनीं हैं । सभी लोगों की शुभकामनायें कई कारणों से हम शामिल नहीं कर पा रहे हैं इसका हमें भी दुख है और मुख्‍य कारण है कि इनकी संख्‍या बहुत ज्‍यादा है और सबका यदि प्रकाशन हो तो करीब 4-6 महीने लग जायेंगें । अत: कुछ चुनिन्‍दा शुभकामनायें यहॉं प्रस्‍तुत हैं और इन शुभकामनाओं में झांकने से आपको लगेगा कि भारत किस तरह मजबूती से इस ध्‍ारा से उस धरा तक तमाम झंझांवातों के बावजूद जुड़ा हुआ है

 

इंगलैण्‍ड (यू.के.) से अनु नाओमी-

Anu Naomi Dearest friends, Wish you a very happy new year 2010! Love to you all..:))

 

पेरिस फ्रांस में एफ.एम हिन्‍दी रेडियो में कार्यरत निशा सिंह

सदा की तरह अपने शायराना अंदाज में

Nisha Singh The sun rises into the sky with the warmest smile, he wishes you a good morning, hoping that you have the perfect day. Take care & miss you. Gd morning God's blessings come as a surprise God's blessings come as a surprise but how much you receive depends on how much your heart believes !

 

nisha wishes all its listners and freinds a very hapy new year and may this new year bring you happiness and glow to u and your self I wish all of u a sweet smiling 2010 keep rocking

Karoge yaad ek din is pyar ke zamane ko, chale jayenge jab hum kabhi na vapas aane ko. Chalega mehfil me jab zikr hamara koi, to tum bhi tanhayi dhundoge aansu bahane ko.

 

अर्नाकुलम भारत से श्रॉफ जी- अपने पुराने सदाबहार अंदाज में

Sharroff Sharoff Friendship is a Rainbow between,
Two hearts, sharing seven feelings:
1....
Love
2....
Happiness
3....
Truth
4....
Faith
5....
Secret
6....
Trust &
7....
Sadness
Hope d Rainbow of our friendship 4ever
THANX FOR BECOME .
good morning my dear sweet friends..........

 

लखनऊ उ.प्र. के एक महाविद्यालय में पदस्‍थ्‍ा ललिता पाण्‍डेय (मैं इन्‍हें प्‍यार से ललिता त्रिपुर सुन्‍दरी कहता हूँ) ने नववर्ष पर अपनी ढेर सारी गर्मा गर्म तस्‍वीरें रिलीज कर भरी ठण्‍ड में सबका नववर्ष गर्मा गर्म कर डाला .....जब मैंने तस्‍वीरों पर टिप्‍पणी की तों ललिता जी का जवाब था

You make me Laugh___

अब हमारा जवाब यहॉं हैं अंग्रजी के लाफ का मतलब यहॉं हम हँसी या हंसीन से लेकर चल रहे हैं

ललिता त्रिपुर सुन्‍दरी ये कहें कि हमने उन्‍हें हंसीं बना दिया अरे यार तुम्‍हें हंसी बनाने वाला कोई और है हमने तो सिर्फ कह भर दिया है

 

प्रथा प्रतिम कंजीलाल कोलकाता भारत से

Partha Pratim sent you a new year through New Year 2010!

Gift:new year

 

अंजली चास्‍कर मुम्‍बई भारत से  

Anjali sent you a Happy New Year! through Moving Candles & Other Cool Things!

Gift:Happy New Year!

कागद कारे अम्‍बाला भारत से

Kagad Kaare sent you a Happy New Year! through Happy New Year 2010 by Kari!

Gift:Happy New Year!

 

वास्‍तुविद अभियंता अम्‍बरीश श्रीवास्‍तव सीतापुर भारत से 30 जून 1965 में उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर के "सरैया-कायस्थान" गाँव में जन्मे कवि अम्बरीष श्रीवास्तव ने भारत के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान 'भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान' कानपुर से विशेषकर भूकंपरोधी डिजाईन व निर्माण के क्षेत्र में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। कवि जनपद सीतापुर के प्रख्यात वास्तुशिल्प अभियंता एवं मूल्यांकक होने के साथ राष्ट्रवादी विचारधारा के कवि हैं। कई प्रतिष्ठित स्थानीय व राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं व इन्टरनेट पर जैसे अनुभूति, हिंदयुग्म, साहित्य शिल्पी, साहित्य वैभव, स्वर्गविभा, हिन्दीमीडिया, विकिपीडिया, रेनेसा, ड्रीमस-इंडिया आदि पर अनेक रचनाएँ प्रकाशित हैं। ये देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित तकनीकी व्यवसायिक संस्थानों जैसे "भारतीय भवन कांग्रेस" , "भारतीय सड़क कांग्रेस", "भारतीय तकनीकी शिक्षा समिति", "भारतीय पुल अभियंता संस्थान" व अमेरिकन सोसायटी ऑफ़ सिविल इंजीनियर्स, आर्कीटेक्चरल इंजीनियरिग इंस्टीटयूट, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिग इंस्टीटयूट आदि व तथा साहित्य संस्थाओं जैसे "हिंदी सभा", हिंदी साहित्य परिषद्" (महामंत्री ) ,"संस्कार भारती"(जिला महामंत्री ) तथा "साहित्य उत्थान परिषद्" आदि के सदस्य हैं।

व्यवसाय : वास्तुशिल्पीय अभियंता
, अचल संपत्तियों के मूल्यांकक (वेबसाइट : www.ambarishsrivastav.com), तथा इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ़ बिल्डिंग डिजायनर्स एसोशिएशन" के वर्तमान अध्यक्ष |

Ambarish sent you a 2010 fireworks through New Year 2010!

Gift:2010 fireworks

 

Ambarish sent you a party hat through New Year 2010!

Gift:party hat

 

प्रवीण त्रिवेदी फतेहपुर भारत से

प्रवीण त्रिवेदी Praveen Trivedi

नये साल में रामजी, इतनी-सी फरियाद,
बना रहे ये आदमी
, बना रहे संवाद।
नये साल में रामजी
, बना रहे ये भाव,
डूबे ना हरदम
, रहे पानी ऊपर नाव ।
नये साल में रामजी
, इतना रखना ख्याल

पांव ना काटे रास्ता, गिरे न सिर पर डाल।
नये साल में रामजी
, करना बेड़ा पार,

क्या-क्या चाहते हैं
, क्या-क्या सोचते हैं, क्या फरियाद है हमारी हमारे राम से - कवि 'कैलाश गौतम' की रचनापांव ना काटे रास्ता, गिरे न सिर पर डाल।
नये साल में रामजी
, करना बेड़ा पार,

क्या-क्या चाहते हैं
, क्या-क्या सोचते हैं, क्या फरियाद है हमारी हमारे राम से - कवि 'कैलाश गौतम' की रचनापांव ना काटे रास्‍ता, गिरे न सिर पर डाल ।

नये साल में रामजी करना बेड़ापार ...

कवि कैलाश गौतम की रचना

 

भाई अमनदीप सिंह अमृतसर भारत से

Amandeep Singh सभी 2630 मेरे ऊचे मित्र हैं. क्या करें लिमिट कम है ...सभी को नए वर्ष की मेरी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं ..नया वर्ष सभी 2630 ऊचे मित्रों और दुनिया के हर प्राणी के लिए मंगलमय हो ...

 

अभी जारी है शेष अगले अंक में .....

 

शुक्रवार, 1 जनवरी 2010

नव वर्ष शुभ व मंगलमय हो - सादर सप्रेम सहर्ष स्‍वीकार सभी शुभकामना और उपहार

शुभकामनायें दे रहे, सारे मित्र सुजान ।
सबको मेरी यही कामना, खूब पाओ सम्मान ।।
बनें सभी धनवान, पूरण हों सब काज ।
मिश्रा जी तो छाप दिये, अब सबका नंबर आज ।।
आप सभी की शुभकामनायें व उपहार हम सिर माथे ग्रहण करते हुये अपनी वेबसाइट ग्वालियर टाइम्स तथा प्रिंट संस्करण में आलेख बद्द कर प्रकाशित कर इन्हें अविस्मरणीय कर लाखों लोगों में बांटने जा रहे हैं वह भी आपका संदेश आप ही के नाम के साथ । - Narendra Singh Tomar "Anand"

Naya varsh Shubh Mangalmay Ho !! - अतुल मिश्रा - स्‍टार न्‍यूज एजेन्‍सी

नया वर्ष शुभ मंगलमय हो !!
नया वर्ष शुभ मंगलमय हो !! 
सब्जी महंगी, आटा गीला, 
पर्स वृद्ध नेता सा ढीला, 
बिना दाल-चावल के, ऊपर- 
ताक रहा मुंह खोल पतीला ! 
महंगाई फिर कमर ना तोड़े, 
कमर-कमर की इतनी वय हो ! 
नया वर्ष शुभ, मंगलमय हो !!

बूढ़े सारे सांड हो गए, 
फिर भी कैसे कांड हो गये, 
जो पहले रसगुल्ला-रस थे- 
चावल-निकले मांड हो गए !
इन लोगों की करतूतों से, 
महिलाओं को भी ना भय हो ! 
नया वर्ष शुभ मंगलमय हो !!

नया वर्ष शुभ, मंगलमय हो ! 
भाई-भाई खुद में टकराकर, 
जन्म-भूमियों से घबराकर, 
नेताओं के कर्म देखकर- 
राम मिले मस्जिद में आकर ! 
सभी अजानों में मस्जिद की, 
मंदिर के घंटों की लय हो !
नया वर्ष शुभ, मंगलमय हो !!

                                         अतुल मिश्र. स्‍टार न्‍यूज एजेन्‍सी