शुक्रवार, 30 अप्रैल 2010

व्यवसाय में दक्षता हेतु हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा

व्यवसाय में दक्षता हेतु हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा

ग्वालियर 28 अप्रैल 10। शासन की विभागीय ऋण योजनाओं के व्यवसाय में दक्षता उपलब्घ कराने के लिये सेन्ट्रल बैक ऑफ इंडिया, द्वारा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण (आर सेटी) ग्वालियर में क्षेत्रीय ग्रामीण विकास प्रशिक्षण केन्द्र परिसर न्यू हाई कोर्ट के पीछे महलगांव में प्रारंभ किया जा रहा है।

       इस प्रशिक्षण केन्द्र में कृषि, उत्पाद, प्रक्रिया तथा उद्यमिता विकास से संबंधित निर्धारित अवधि के प्रशिक्षण दिये जावेंगे। इस केन्द्र में ऐसे व्यक्तियों को प्रशिक्षण  दिया जावेगा, जो अपना व्यवसाय करना चाहतें हैं। प्रशिक्षण के लिये पात्रता में व्यक्ति की उम्र 18 से 35 वर्ष (भूतपूर्व सैनिकों के लिये 5 वर्ष की छूट) शिक्षा कम से कम आठवीं पास, प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में रूचि व उसमें स्वरोजगार स्थापित करने का निश्चय तथा जिले का स्थाई मूल निवासी होना आवश्यक है।

       लीड बैंक प्रबंधक श्री एस एस. चौधरी ने बताया कि प्रशिक्षण हेतु आवेदन करने हेतु सादा कागज या पोस्ट कार्ड पर अपना नाम, पता, आयु, शिक्षा, वर्ग एवं किसी एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का नाम लिखकर भेज सकते हैं। आवेदन पत्र के साथ स्वयं का पता लिखा एवं 5 रूपये का डाक टिकिट लगा लिफाफा पत्र व्यवहार हेतु संलग्न करें।

       उन्होंने बताया कि कृषि से संबंधित प्रशिक्षण में डेयरी प्रबंधन/ दुधारू पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, जैविक खेती, औषधीय पौधों की खेती, प्लान्ट नर्सरी, डेयरी प्रबंधन एवं जैविक खेती, मशरूम उत्पादन शामिल है। इसी प्रकार उत्पाद से संबंधित प्रशिक्षण में टेलरिंग एवं ड्रेस डिजाइनिंग (महिला एवं पुरूष) सॉकट   , अगरबत्ती निर्माण, लेदर/ रेक्जीनपर्स/ वेग निर्माण, फैशन डिजाइनिंग, आर्टीफिशियल ज्वेलरी निर्माण, आरी वर्क एवं जरदोजी वर्क, एम्व्राइडरी (कढ़ाई) एवं फैब्रिक पेंटिंग तथा हाथ एवं मशीन की कढ़ाई का प्रशिक्षण शामिल है।

       प्रक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण में मोटर रिवाइण्ंडिग एवं पम्पसेट मरम्मत, रेडियो एंव टी व्ही. मरम्मत, स्कूटर मोटर सायकिल मरम्मत, घरेलू विद्युत  उपकरणों की मरम्मत, फ्रिज/ ए सी. की मरम्मत, टेलीफोन/ मोबाइल की मरम्मत, इन्वर्टर/ यू पी एस. की मरम्मत, फोटोकॉपी एवं वीडियो ग्राफी की मरम्मत, ब्यूटी पार्लर प्रबंधन (महिला) कम्प्यूटर, टेलीविजन मरम्मत, स्क्रीन प्रिंटिंग, केटरिंग प्रबंधन तथा मल्टीपरपज मैकेनिज्म का प्रशिक्षण शामिल है।

       उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के तहत ग्रामीण उद्यमिता विकास तथा उद्योग सेवा एवं व्यापार का प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम कम से कम 6 दिवस का तथा अधिकतम 30 दिवस का रहेगा।

       इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये सलाहकार समिति का भी गठन किया गया है। सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महा प्रबंधक श्री एस सी. गुप्ता इसके अध्यक्ष होंगे। कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी मुख्य अतिथि तथा विभागीय अधिकारी सदस्य और अग्रणी जिला प्रबंधक श्री एस एस.  चौधरी सदस्य संयोजक होंगे।

 

फील्ड स्टाफ को भी जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश

फील्ड स्टाफ को भी जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश

ग्वालियर 28 अप्रैल 10। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा ने सभी विभाग कें जिला अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे उनके अधीनस्थ कार्यपालिक फील्ड स्टाफ को जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक में उपस्थित होने के लिये अपने स्तर से सूचित करें। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि बैठक के एजेण्डे में यदि संबंधित विभाग की समीक्षा रखी गई है तो अधीनस्थ कार्यपालिक फील्ड स्टाफ बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों।

       उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक में प्राय: देखने में आ रहा है कि जिन विभागों की समीक्षा की जाती है उनके जिलाधिकारी स्वयं उपस्थित होकर जिला पंचायत के सदस्यगणों को फील्ड की जानकारी के संबंध में संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाते हैं जिसके कारण विभाग की समीक्षा औचित्यपूर्ण होती है और सदस्यगण भी संतुष्ट नहीं होते है।

 

पक्षकारों को अब टच स्क्रीन से मिल सकेगी सुनवाई तारीख की जानकारी

पक्षकारों को अब टच स्क्रीन से मिल सकेगी सुनवाई तारीख की जानकारी

मुख्य न्यायाधिपति श्री एस. रफत आलम द्वारा उच्च न्यायालय
खण्डपीठ परिसर में दो क्वेस्क मशीन लोकार्पित

ग्वालियर 28 अप्रैल 10। प्रदेश के मुख्य न्यायाधिपति श्री एस. रफत आलम ने आज उच्च न्यायालय की ग्वालियर खण्डपीठ परिसर में पक्षकारों एवं अभिभाषकों की सुविधा के लिये लगाई गईं दो क्वेस्क मशीन का आज लोकार्पण किया। टच स्क्रीन सुविधायुक्त इन क्वेस्क मशीनों के लग जाने से अब पक्षकारों को सुनवाई तिथि आदि की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। यह क्वेस्क मशीनें ए टी एम. की तर्ज पर कार्य करतीं हैं और कम्प्यूटर का सामान्य ज्ञान रखने वाला कोई भी व्यक्ति क्वेस्क की टच स्क्रीन पर प्रकरण क्रमांक अथवा अभिभाषक का नाम आदि प्रदर्शित कर यह जान सकेगा कि किस तिथि को और किस बैंच में उसके प्रकरण की सुनवाई होगी।

       उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ के मुख्य भवन परिसर में क्वेस्क मशीनों के लोकार्पण अवसर पर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तिगण सर्वश्री के के. लाहौटी, ए के. श्रीवास्तव, एस के. गंगेले, पी के. जायसवाल, ए एम. नायक, एस एस. द्विवेदी, एस सी. शर्मा, श्रीमती इन्द्राणी दत्ता व श्री पीयूष माथुर तथा उच्च न्यायालय के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार श्री बी डी. राठी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, अभिभाषकगण एवं पक्षकार मौजूद थे।

       उच्च न्यायालय  खण्डपीठ परिसर के मुख्य भवन में यह क्वेस्क मशीनें आम पक्षकारों की पहुँच में लगाई गईं हैं। आज लगाई गई दो मशीनों को शामिल कर अब उच्च न्यायालय खण्डपीठ में क्वेस्क मशीनों की संख्या तीन हो गई है। विदित हो उच्च न्यायालय खण्डपीठ के मुख्य भवन परिसर के मुख्य द्वार में प्रवेश करते ही एक मशीन पूर्व से ही काम कर रही है। आज से उक्त क्वेस्क मशीन के सामने एक और नई मशीन ने काम शुरू कर दिया है। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा लोकार्पित दूसरी क्वेस्क मशीन मुख्य भवन परिसर के प्रथम तल पर लगाई गई है।

 

समाचार अपडेशन- बिजली कटोती के कारण नहीं

खेद सूचना
हमें खेद है कि मुरैना म.प्र. में चल रही रात्रिकालीन बिजली कटौती के कारण समाचार अद्यतन नहीं हो पा रहा है । फेलुअर विद्युत व्यवस्था सही होने पर पूर्ववत अद्यतन किया जा सकेगा । बिजली कटोती के कारणवश घण्टे दो घण्टे के लिये भी नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है हर दस पंद्रह मिनिट बाद बिजली गुल हो जाने पर जिसमें समाचार अद्यतन संभव नहीं है । फोटो एवं समाचारों का प्रकाशन भी बिजली बहाल होने पर किया जा सकेगा । इस समाचार के लिखे व प्रकाशित किये जाने के वक्त तक बिजली सप्लाई बन्द है ।
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गुरुवार, 29 अप्रैल 2010

ई-कोर्ट से बढेगी कार्यकुशलता - मुख्य न्यायाधिपति श्री एस. रफत आलम ई-कोर्ट से बढेगी कार्यकुशलता - मुख्य न्यायाधिपति श्री एस. रफत आलम

ई-कोर्ट से बढेगी कार्यकुशलता - मुख्य न्यायाधिपति श्री एस. रफत आलम

नवनिर्मित न्यायालयीन कक्ष लोकार्पित व ई-कोर्ट प्रोजेक्ट का शुभारंभ 

ग्वालियर 27 अप्रैल 10। मध्य प्रदेश  उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री एस रफत आलम ने आज सांय यहाँ जिला न्यायालय परिसर में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में आठ नव निर्मित न्यायालयीन कक्षों का लोकार्पण किया तथा न्यायालयों के कम्प्यूटरीकरण वाली ई-कोर्ट परियोजना के पॉयलेट प्रोजेक्ट का भी शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि जिला न्यायालय ग्वालियर के कम्प्यूटरीकृत हो जाने से जहाँ कार्यकुशलता बढ़ेगी वहीं पारदर्शिता भी आयेगी। साथ ही उन्होंनें घोषणा की उच्च न्यायालय की प्रिंसिपल सीट जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर बैंच के फैसले भी अब जल्द ही ऑन लाइन देखे जा सकेंगे। उन्होंने राष्ट्रीय ई-कोर्ट प्रोजेक्ट की पॉयलेट परियोजना अन्तर्गत सेण्ट्रल इंडिया के इस अकेले व कोचीन के बाद देश में तैयार होने वाले दूसरे केन्द्र का कार्य सम्पन्न कराने पर जिला सत्र न्यायाधीश श्री मिश्रा और एन आई सी के अधिकारियों को साधुवाद दिया।

       उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ई-कोर्ट परियोजना के पॉयलेट प्रोजेक्ट बतौर देश में छ: स्थानों का चयन किया गया। इनमें ग्वालियर के अलावा कोचीन, मुम्बई, चेन्नई, दीमापुर तथा देहरादून में कम्प्यूटरीकरण कर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाना शामिल है। इन छ: केन्द्रों में से कोचीन का कार्य सबसे पहले और अब दूसरे नंबर पर ग्वालियर में कार्य पूर्ण किया गया। जिसका आज से शुभारंभ कर दिया गया है। कल से यहां दो ई-गुमटियाँ भी काम करने लगेंगी।

       समारोह में राष्ट्रीय ई-कोर्ट प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री के के. लाहोटी ने एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के संबध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब कम्प्यूटरीकरण के फलस्वरूप इस सॉफ्टवेयर से न्यायालय के दिन-प्रतिदिन के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी मात्र कम्प्यूटर का बटन दबाने से ही ज्ञात हो जायेगी। किस कोर्ट में कब, कौनसा मुकदमा लगा, किस प्रकरण में अंतिम आदेश पारित किये गये और यहां तक कि क्या आदेश पारित हुआ वह भी इन्टरनेट की सहायता से कहीं भी देखा जा सकेगा। साथ ही नकल के लिये भी अब परेशान नहीं होना होगा। सूचना गुमटी से अथवा घर बैठे कम्प्यूटर और प्रिंटर का उपयोग कर नकल ली जा सकेगी। केवल प्रमाणित प्रतिलिपि हेतु ही न्यायालय आना होगा।

       न्यायमूर्ति श्री लाहोटी ने कहा कि इससे न्यायिक अधिकारियों, अभिभाषकों एवं न्याय प्रार्थी को लाभ पहुँचेगा। उन्होंने कभी पीपल बार के नाम से प्रसिध्द ग्वालियर की बार को पक्के सभागार में परिवर्तित होने व आज एडवोकट श्री रघुवंशी द्वारा बार के लिये कम्प्यूटर और प्रिंटर दिये जाने के अवसर पर कम्प्यूटरीकृत पक्का बार होने की बधाई दी।

       उच्च न्यायलय खण्डपीठ ग्वालियर की प्रशासनिक एवं पोर्टफोलियो न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री ए के. श्रीवास्तव ने मुख्य न्यायाधिपति मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय श्री एस. रफत आलम के पहली बार ग्वालियर आगमन पर स्वागत करते हुए उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व की प्रशंसा की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ग्वालियर श्री ए के. मिश्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए निर्माण कार्यों तथा ई-कोर्ट प्रोजेक्ट की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवीन न्यायालय कक्षों के निर्माण पर एक करोड़ 36 लाख रूपये की लागत आई है। साथ ही उन्होंने बताया कि पूरे राष्ट्रीय ई-कोर्टस प्रोजेक्ट की कुल लागत 1854 करोड़ है। जिला न्यायालय की वेबसाइट www.districtcourtgwalior.gov.in तथा ई-मेल एड्रेस dcourtgwa.mp@nic.in है। ई-कोर्ट प्रोजेक्ट का सॉफ्टवेयर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एन आई सी.) नई दिल्ली ने तैयार किया है।

       इस गरिमापूर्ण समारोह में न्यायमूर्तिगण श्री सर्वश्री एस के. गंगेले, एस एस. द्विवेदी, ए एम. नायक, एस सी. शर्मा, पी एस. माथुर तथा सुश्री इन्द्राणी दत्ता भी मंचासीन थीं। इस अवसर पर जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री ए सांई मनोहर, अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री श्याम बिहारी मिश्र सहित अन्य न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी, अभिभाषकगण, पत्रकार बन्धु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन रजिस्ट्रार जिला न्यायालय श्री सिध्दार्थ तिवारी के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।