गुरुवार, 29 अप्रैल 2010

ई-कोर्ट से बढेगी कार्यकुशलता - मुख्य न्यायाधिपति श्री एस. रफत आलम ई-कोर्ट से बढेगी कार्यकुशलता - मुख्य न्यायाधिपति श्री एस. रफत आलम

-कोर्ट से बढेगी कार्यकुशलता - मुख्य न्यायाधिपति श्री एस. रफत आलम

नवनिर्मित न्यायालयीन कक्ष लोकार्पित -कोर्ट प्रोजेक्ट का शुभारंभ 

ग्वालियर 27 अप्रैल 10 मध्य प्रदेश  उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री एस रफत आलम ने आज सांय यहाँ जिला न्यायालय परिसर में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में आठ नव निर्मित न्यायालयीन कक्षों का लोकार्पण किया तथा न्यायालयों के कम्प्यूटरीकरण वाली -कोर्ट परियोजना के पॉयलेट प्रोजेक्ट का भी शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि जिला न्यायालय ग्वालियर के कम्प्यूटरीकृत हो जाने से जहाँ कार्यकुशलता बढ़ेगी वहीं पारदर्शिता भी आयेगी। साथ ही उन्होंनें घोषणा की उच्च न्यायालय की प्रिंसिपल सीट जबलपुर, इंदौर ग्वालियर बैंच के फैसले भी अब जल्द ही ऑन लाइन देखे जा सकेंगे। उन्होंने राष्ट्रीय -कोर्ट प्रोजेक्ट की पॉयलेट परियोजना अन्तर्गत सेण्ट्रल इंडिया के इस अकेले कोचीन के बाद देश में तैयार होने वाले दूसरे केन्द्र का कार्य सम्पन्न कराने पर जिला सत्र न्यायाधीश श्री मिश्रा और एन आई सी के अधिकारियों को साधुवाद दिया।

       उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ई-कोर्ट परियोजना के पॉयलेट प्रोजेक्ट बतौर देश में छ: स्थानों का चयन किया गया। इनमें ग्वालियर के अलावा कोचीन, मुम्बई, चेन्नई, दीमापुर तथा देहरादून में कम्प्यूटरीकरण कर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाना शामिल है। इन छ: केन्द्रों में से कोचीन का कार्य सबसे पहले और अब दूसरे नंबर पर ग्वालियर में कार्य पूर्ण किया गया। जिसका आज से शुभारंभ कर दिया गया है। कल से यहां दो ई-गुमटियाँ भी काम करने लगेंगी।

       समारोह में राष्ट्रीय ई-कोर्ट प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री के के. लाहोटी ने एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के संबध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब कम्प्यूटरीकरण के फलस्वरूप इस सॉफ्टवेयर से न्यायालय के दिन-प्रतिदिन के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी मात्र कम्प्यूटर का बटन दबाने से ही ज्ञात हो जायेगी। किस कोर्ट में कब, कौनसा मुकदमा लगा, किस प्रकरण में अंतिम आदेश पारित किये गये और यहां तक कि क्या आदेश पारित हुआ वह भी इन्टरनेट की सहायता से कहीं भी देखा जा सकेगा। साथ ही नकल के लिये भी अब परेशान नहीं होना होगा। सूचना गुमटी से अथवा घर बैठे कम्प्यूटर और प्रिंटर का उपयोग कर नकल ली जा सकेगी। केवल प्रमाणित प्रतिलिपि हेतु ही न्यायालय आना होगा।

       न्यायमूर्ति श्री लाहोटी ने कहा कि इससे न्यायिक अधिकारियों, अभिभाषकों एवं न्याय प्रार्थी को लाभ पहुँचेगा। उन्होंने कभी पीपल बार के नाम से प्रसिध्द ग्वालियर की बार को पक्के सभागार में परिवर्तित होने व आज एडवोकट श्री रघुवंशी द्वारा बार के लिये कम्प्यूटर और प्रिंटर दिये जाने के अवसर पर कम्प्यूटरीकृत पक्का बार होने की बधाई दी।

       उच्च न्यायलय खण्डपीठ ग्वालियर की प्रशासनिक एवं पोर्टफोलियो न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री ए के. श्रीवास्तव ने मुख्य न्यायाधिपति मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय श्री एस. रफत आलम के पहली बार ग्वालियर आगमन पर स्वागत करते हुए उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व की प्रशंसा की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ग्वालियर श्री ए के. मिश्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए निर्माण कार्यों तथा ई-कोर्ट प्रोजेक्ट की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवीन न्यायालय कक्षों के निर्माण पर एक करोड़ 36 लाख रूपये की लागत आई है। साथ ही उन्होंने बताया कि पूरे राष्ट्रीय ई-कोर्टस प्रोजेक्ट की कुल लागत 1854 करोड़ है। जिला न्यायालय की वेबसाइट www.districtcourtgwalior.gov.in तथा -मेल एड्रेस dcourtgwa.mp@nic.in है। -कोर्ट प्रोजेक्ट का सॉफ्टवेयर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एन आई सी.) नई दिल्ली ने तैयार किया है।

       इस गरिमापूर्ण समारोह में न्यायमूर्तिगण श्री सर्वश्री एस के. गंगेले, एस एस. द्विवेदी, ए एम. नायक, एस सी. शर्मा, पी एस. माथुर तथा सुश्री इन्द्राणी दत्ता भी मंचासीन थीं। इस अवसर पर जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री ए सांई मनोहर, अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री श्याम बिहारी मिश्र सहित अन्य न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी, अभिभाषकगण, पत्रकार बन्धु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन रजिस्ट्रार जिला न्यायालय श्री सिध्दार्थ तिवारी के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

 

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