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बुधवार, 18 नवंबर 2020

संभागीय समीक्षा बैठक 20 नवम्बर को संभाग आयुक्त लेंगें , विद्युत विभाग की समीक्षा अनिवार्यत: की जायेगी

 विकास कार्यों की संभागीय समीक्षा बैठक संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना की अध्यक्षता में 20 नवम्बर को प्रात: 11 बजे से मोतीमहल के मानसभागार में आयोजित की गई है। बैठक में संभाग के सभी जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित संभाग स्तरीय विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

    संभाग आयुक्त द्वारा प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए 15 बिंदु एजेण्डे की समीक्षा के साथ-साथ नजूल भूमि के प्रबंधन एवं निर्वतन निर्देश 2020 की समीक्षा एवं आरसीएमएस प्रकरणों की भी समीक्षा की जायेगी। शासन द्वारा 15 बिंदु के एजेण्डे में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार, बाजरा खरीदी, कानून व्यवस्था, मिलावट से मुक्ति अभियान, मुख्यमंत्री किसान कल्यण योजना, नवीन पात्रता पर्ची धारियों को खाद्यान्न वितरण, पथ विक्रेता उत्थान योजना, स्व-सहायता समूहों का सशक्तिकरण, कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण, एक जिला एक उत्पाद योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की जायेगी।
    इसके साथ ही लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन पोर्टल पर परिसम्पत्तियों की जानकारी का अध्ययन करने के कार्य की समीक्षा, नगरीय निकायों में एकल खाता प्रणाली लागू करने के संबंध में समीक्षा, खाद्य आपूर्ति की समीक्षा के साथ-साथ विद्युत विभाग की भी समीक्षा की जायेगी।

संभाग आयुक्त आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा

 संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ग्वालियर संभाग में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा करेंगे। यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग 18 नवंबर को प्रातः 11 बजे से होगी। जिसमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर व दतिया जिले के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यपाल यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सहित संभाग की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भाग लेंगे।

   वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में खास तौर पर पथ विक्रेता उत्थान योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, स्वरोजगार मेला आयोजन/स्वरोजगार प्रदाय की स्थिति, स्व-सहायता समूहों का सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, जिलावार कार्ययोजना/क्रियान्वयन, मनरेगा योजना, गौशाला का निर्माण एवं संचालन, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, सीएम हैल्पलाइन, जवाब प्रस्तुत हेतु लंबित न्यायालयीन प्रकरण, पंच परमेश्वर योजना, ईओएल सर्वे की प्रगति, लंबित शिकायतें, सिंचाई जलाशयों को पट्टे पर दिए जाना, सांसद निधि, राज्यसभा निधि, विधायक निधि, जनभागीदारी, आदिम जाति कल्याण विभाग, आंगनबाड़ी निर्माण, किचन शेड निर्माण जिला एवं जनपद स्तरीय परफोरमेंस ग्रांट आदि, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के निर्माण कार्य एवं स्वच्छ भारत मिशन सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की कार्य योजना एवं प्रगति आदि योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी।
   संभाग के सभी जिलों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इन बिंदुओं से संबंधित जानकारी ई मेल के जरिये 16 नवंबर तक संभाग आयुक्त कार्यालय में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने दी मीडिया जगत को बधाई, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया का भी उल्लेख किया

 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नेशनल प्रेस दिवस पर पत्रकार भाई-बहनों को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संदेश में कहा कि समाज के नवनिर्माण में पत्रकार और कलमकार महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते हैं। किसी समय प्रेस से आशय सिर्फ पत्र-पत्रिकाओं से था। आज इस प्रेस का आशय मीडिया से है, जिसमें सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इन माध्यमों से जुड़े सभी साथियों को प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि पत्रकारिता से लोकतंत्र को नई शक्ति मिली है। समाज में नव चेतना जागृत हुई है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रेस ने आपातकाल में दमन का दौर भी देखा है। कोरोना महामारी के दौर में हमारे पत्रकार बंधुओं ने निर्भीक होकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। आज पत्रकारिता से जुड़े सभी लोग बेहतर वातावरण में कार्य कर रहे हैं। प्रेस ने अपनी भूमिका को स्वयं के प्रयासों से महत्वपूर्ण बनाया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कामना की है कि प्रेस प्रतिनिधि सशक्त होकर, समाज और राष्ट्र के नवनिर्माण में इसी तरह महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।

रविवार, 15 नवंबर 2020

भ्रष्ट बिजली कंपनी का स्तरहीन घटिया इन्फ्रारस्ट्रक्चर और निकम्मे तथा भ्रष्ट बिजली अफसरों की अयोग्य और नाकारा टीम की बदौलत चंबल अंधेरे में डूबी , शाम 6 बजे से मुरैना में बिजली गोल

शिकायतों को महज 500 से 800 रूपये लेकर करा दिया जाता है फोर्सली फर्जी तरीके से सी एम हेल्पलाइन में क्लोज

मुरैना, 15 नवम्बर ( ग्वालियर टाइम्स ) मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चंबल संभाग के वितरण में जो भी क्रम जारी है , उसमें कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में हुई अयोग्य व भ्रष्ट अफसरों और फील्ड में बिजली कर्मियों की पदस्थी तो खैर अपने आप में भ्रष्टाचार का एक नायाब नमूना रही है , सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों को महज 500 से 800 रूपये लेकर ( हमारी आंखों देखी ) मुरैना कलेक्ट्रेट के गेट स्थित एन आई सी के सेवा केन्द्र से हर शिकायत को फर्जी तरीके से फोर्सली क्लोज कर यह कहा जाता रहा कि (  कोई भी ) शिकायतकर्ता (साले ) को घुमाते रहेंगें एक नंबर से चार नंबर तक ऐसे ही , तुम पैसे दिये जाओ , हम यूं ही क्लोज करते रहेंगें ।

यह वाकया उस वक्त का है जब एक पुलिस शिकायत के संबंध में हम सी एस पी मुरैना को अपना बयान दर्ज कराने गये थे , तब संयोग से सी एस पी मुरैना ने हमें वहां उस कक्ष में भेज दिया था और दो चार घंटे हमने उस कक्ष की कार्यवाही और प्रणाली को खुद अपनी आंखों से देखा , संयोग से कक्ष प्रभारी हमें पहचानता नहीं था सो धड़ल्ले से हमारे सामने ही खेल करता और बताता रहा ।

बिजली कंपनी का भ्रष्टाचार और घटिया इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा अवैध व फोर्सली फर्जी बिल देना तो खैर किसी से छिपा नहीं है , न आम जनता से और न किसी राजनेता से , न न्यायालय से और न किसी भी जांच एजेंसी से । न थ्री फेज सप्लाई है कहीं और न किसी उपभोक्ता के थ्री फेज बिल लगातार भुगतान के बावजूद ही थ्री फेज सप्लाई ही मिल रही है , मटरूआ , करूआ हों या कोई और शराब में 24 घंटे मस्त पड़े बिजली अफसर और बिजली कर्मीयों के शौक और मौज केवल दारू तक ही हो ऐसा नहीं है , औरतखोरी और रिश्वत , भ्रष्टाचार के अलावा मांस , मुर्गा और बकरे के शौकीन , जहां फैक्ट्रियों और उद्योगों को जमकर बिजली चोरी करा कर रोजाना ही कंपनी को अपने बाप का माल समझ कर बेच रहे हैं तो उनके बिजली बिलों को घरेलू आम उपभोक्ताओं पर एडजस्टमेण्ट के नाम और आकलित खपत के नाम पर फर्जी तरीके से लाद देता है और चोरों को साहूकार तथा साहूकारों को चोर बनाता रहता है ।

भ्रष्टाचार और अंधेरगर्दी का आलम ये है कि घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली तो कभी मिलती ही नहीं है और केवल बिल मिलते हैं , जबकि उद्योगों और फैक्ट्रियों के हर महीने के लाखों करोड़ों के बिलों की चोरी करवा कर , एडजस्टमेण्ट के लिये आकलित खपत का फर्जी आंकड़ा बना कर धर दिये जाते हैं ।

बिजली आम आदमी को न तो कमलनाथ की कांग्रेस सरकार दे पाई और वही नतीजा भी हालिया उपचुनाव परिणामों में कमनाथ सरकार ने भोगा भी, और उन्हीं अंधेरगर्द और भ्रष्ट अफसरों तथा बिजली कर्मियों की तैनाती और उनकी अयोग्यता, नाकारा और निकम्मापन और भ्रष्टाचार  अब उपचुनाव होते ही फिर से सिरदर्द बन कर उठा है ।

उपचुनावों से पहले रोजाना की जा रही आठ दस घंटों की अघोषित अंधाधुंध  बिजली कटौती , उपचुनाव और दीवाली गुजरते ही फिर से आज 15 नवम्बर सेफिर से चालू हो गयी है , मुरैना में ( गांधी कालोनी . ग्वालियर टाइम्स के प्रधान कार्यालय के आसपास क्षेत्र की ) आज सुबह 9:30 बजे  बिजली काटने के बाद , शाम 6:15 बजे से बिजली फिर काट दी गयी  जो कि इस समय इस खबर के लिखे और प्रकाशित किये जाने के वक्त तक पूरी तरह बंद है , ग्वालियर टाइम्स के प्रधान कार्यालय पर हालांकि 3 फेज का कनेक्शन सन 1995 से है , और 3 फेज का ही बिजली भुगतान किया जाता रहा है मगर बिजली केवल सिंगल फेज के ही 3 फेज बनाकर दी जाती है अर्थात 3 फेज की केबल को पोल पर तीनों फेजों को एक ही सिंगल फेज से जोड़कर दी जाती है । जिसकी तमाम शिकायतें सी एम हेल्पलाइन में की गईं और पी जी पोर्टल भारत सरकार में की गईं , भ्रष्ट अफसरों ने सी एम हेल्पलाइन की सभी शिकायतें बिना किसी निराकरण के ही फोर्सली उटे सीधे जवाब देकर बंद करवा दीं और पी जी पोर्टल भारत सरकार की किसी भी शिकायत का आज तक जवाब ही नहीं दिया , वहां सभी शिकायतें आज दिनांक तक अनिराकृत और पेंडिंग तथा जवाबहीन हैं । जबकि भारत सरकार द्वारा म. प्र. शासन के प्रमुख सचिव ऊर्जा से तत्समय ही जवाब तलब किया जा चुका है लेकिन आज दिनांक तक किसी शिकायत का जवाब देने की जहमत म.प्र. शासन ने नहीं उठाई जिससे आगे हाई कोर्ट जाने का रास्ता खुले ।

इस भ्रष्टाचार की और निकम्मेपन तथा अयोग्यता की ही देन है कि आज चम्बल अंधेरे में डूबी हुई है ।  

शुक्रवार, 13 नवंबर 2020

जनसहभागिता और मॉनिटरिंग का नया ढाँचा बनाया जायेगा : मुख्यमंत्री - आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप - 2023 जारी

 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मिंटो हॉल में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के विकास का रोडमैप-2023 जारी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस ऐतिहासिक अवसर पर कहा कि विकास में जनसहभागिता और मॉनिटरिंग की व्यवस्था का नया ढाँचा खड़ा किया जायेगा। ग्राम, जनपद और जिला स्तर पर दीनदयाल समितियाँ गठित कर जनसहभागिता और मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जायेगी। आधुनिक टेक्नालॉजी का हर क्षेत्र में व्यापक उपयोग कर विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ायी जायेगी। खेती में आधुनिक ढंग से उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाकर खेती को लाभ का धंधा बनाया जायेगा। किसानों को पी.एम. सम्मान निधि और मुख्यमंत्री सम्मान निधि के रूप में हर साल कुल 10 हजार रूपये की सम्मान निधि दी जायेगी।

   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की रणनीति पर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप जारी करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप में अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, अर्थव्यवस्था एवं रोजगार और सुशासन पर स्पष्ट रणनीति तैयार की गई है। इस रोडमैप के आधार पर मंत्री अपने विभागों की योजना तैयार कर क्रियान्वित करेंगे। मंत्री एवं प्रशासन के हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जायेगी और उसकी प्रत्येक स्तर पर सख्त मॉनिटरिंग होगी।
   आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश रोडमैप-2023 के विमोचन अवसर पर विशिष्ट अतिथि सांसद श्री वी.डी. शर्मा, मिंटो हॉल में एवं भारत सरकार के नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमिताभ कांत वी.सी. के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रोडमैप का विमोचन कर उसके क्रियान्वयन के लिये रोडमैप की प्रति मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस को सौंपी। इस अवसर पर अनेक मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत ने कहा कि कोरोना कॉल में सिर्फ मध्यप्रदेश ने वेबिनार आयोजन की यह महत्वपूर्ण पहल की। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप को लागू कर मध्यप्रदेश देश के अग्रणी प्रांत की पहचान बनाएगा।
प्रधानमंत्री श्री मोदी हमारे प्रेरक
   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी हमारे प्रेरक हैं। उनसे सदैव उत्साह और ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कोरोना की चुनौती को अवसर में बदलने का आव्हान कर आत्मनिर्भर भारत के लिए सभी राज्यों से सहयोग की अपील की थी। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश आवश्यक है। इसके लिए किए गए प्रयास आज प्रदेश की जनता के सामने इस रोडमैप के रूप में रखे जा रहे हैं, क्योंकि मध्यप्रदेश की जनता मेरी आराध्य है। मध्यप्रदेश मेरा मंदिर है। यह जनता मेरे लिए भगवान है। इस मंदिर का पुजारी शिवराज सिंह चौहान है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना काल में आर्थिक संकट से लोगों को उबारना एक चुनौती थी। हमने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक राशि पहुंचाई। इन परिस्थितियों में मध्यप्रदेश का रोडमैप प्रस्तुत करना भी एक विशेष कार्य था, जिसे अपनी चाह से हमने पूरा किया। अब रोडमैप को लागू करने के लिए निरंतर कार्य होगा। धनराशि की व्यवस्था भी की जाएगी। निजी क्षेत्र की सहभागिता की सुनिश्चित की जायेगी।
मध्यप्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे
   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने इसके लिए आर्थिक गतिविधियों को और बढ़ावा देंगे। सड़कों के निर्माण के साथ ही अधोसंरचना संबंधी सभी कार्य और नर्मदा जल सहित पानी की एक-एक बूंद का उपयोग करते हुए कृषि क्षेत्र को भी लाभकारी व्यवसाय बनाने पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। थर्मल पावर के साथ ही सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग होगा। ओंकारेश्वर जलाशय में सोलर पेनल बिछाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों तक विद्यार्थियों को बसों से लाने की व्यवस्था होगी। पढ़ाई से कोई वंचित नहीं रहेगा। लघु जलसंरचनाओं का जाल बिछाया जाएगा। जहां पूर्व में 7 लाख हेक्टेयर से 31 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षेत्र बढ़ाया गया था, उसे 60 लाख तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) एक आंदोलन के रूप में विस्तार प्राप्त करेंगे। संसाधनों के बंटवारे का ध्यान रखते हुए जितनी आबादी उतनी राशि के सिद्धांत पर कार्यों का क्रियान्वयन होगा।
 वोकल को लोकल बनाने का ध्येय
   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में रोजगार के माध्यम से अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना एक प्रमुख कार्य रहेगा। वोकल को लोकल बनाने का ध्येय है। स्थानीय उत्पाद को बिक्री से जोड़ा जाएगा। महिला सशक्तिकरण भी स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री को प्रोत्साहन देते हुए बढ़ेगा। ग्रामीण महिलाओं के कौशल को निखार कर उनके व्यवसाय को लाभकारी बनाया जाएगा। इसी तरह सांस्कृतिक गतिविधियों से रोजगार वृद्धि के प्रयास होंगे। छोटे व्यापारियों को तकलीफ न हो, बड़े व्यापारी यदि बेईमानी करते हों, वे सावधान हो जाएं क्योंकि आम लोगों को परेशानी में डालने वाले छोड़े नहीं जाएंगे। अपराधी तत्व कुचल दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग प्राप्त किया जाएगा।
सहभागिता और सकारात्मक सोच आवश्यक
   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश गढ़ने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि विकास में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। इसके साथ ही सकारात्मक सोच का भी महत्व है। हम सभी सकारात्मक होकर प्रदेश के विकास में भागीदारी करें। एक जिद, जूनून और जज़्बे के साथ सभी प्रदेश की प्रगति के लिए कार्य करें। हमारा मध्यप्रदेश गान भी इसी भाव का परिचायक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नीति आयोग ने प्रदेश के रोडमेप के निर्माण में सहयोग किया है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग रोडमैप क्रियान्वयन में समवन्य करेगा। अन्य सभी विभाग सक्रिय भागीदारी करेंगे। दीनदयाल समितियों के माध्यम से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा। कोरोना के संदर्भ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अभी यह समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। मास्क ही वैक्सीन है। दीपावली भी सावधानी से सभी लोग मनाएं। कोरोना पूरी तरह समाप्त होगा। "ये रैन अंधेरी बीतेगी, पतवार चलाते जाएंगे, मंजिल आएगी, जरूर आएगी"। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी विवेकानन्द जी के कथन का स्मरण करते हुए कहा कि आज यह जरूरी है कि सभी उठें, जागें और तब-तक कार्य करें, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। क्योंकि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
रोड मैप में है विकास का विजन
   कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि रोडमैप- 2023 के विमोचन अवसर का यह कार्यक्रम अभिनव है क्योंकि इसमें प्रदेश के विकास के विजन को सामने रखते हुए ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर्स को लाभान्वित करने का महत्वपूर्ण कल्याणकारी यज्ञ भी पूरा हो रहा है। इस रोडमैप में एक विजन के दर्शन होते हैं। ये विकास का विजन है। मुख्यमंत्री श्री चौहान विकास के प्रति अत्यंत गंभीर और निरंतर कार्य करने वाले मुख्यमंत्री हैं।
मध्यप्रदेश ने कोरोना से निपटते हुए रोडमैप भी बना लिया - श्री अमिताभ कांत
   नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिताभ कांत ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विशिष्ट अतिथि के रूप में भागीदारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की रणनीति के अनुरूप मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने विभिन्न विषय-विशेषज्ञों से परामर्श कर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार किया है। इस रोडमैप को प्रदेशवासियों के सामने रखा गया है। जब सभी राज्य सिर्फ कोरोना से ही लड़ रहे थे, तब मध्यप्रदेश ने कोरोना से लोगों के बचाव के लिए अच्छे प्रबंध करते हुए प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए यह रोडमैप तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जो निश्चित ही प्रशंसनीय है। उल्लेखनीय है कि 7 से 11 अगस्त की अवधि में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप को तैयार करने के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चार मुख्य विषयों भौतिक अधोसंरचना, सुशासन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा और अर्थव्यवस्था एवं रोजगार पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किये। इन वेबिनार्स में नीति आयोग के प्रतिनिधि, सुशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषय-विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनके सुझाव प्राप्त किये गये। वेबिनार्स में प्राप्त सुझाव के आधार पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप की कार्ययोजना तैयार की।
   प्रारंभ में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के रोडमैप को तैयार करने का श्रेय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को है। मुख्यमंत्री श्री चौहान की उमंग, ऊर्जा और उत्साह के सामने सभी कठिनाईयां बौनी सिद्ध हुईं। जब देश-विदेश में कोविड-19 नियंत्रण से बाहर हो रहा था, तब मध्यप्रदेश में अच्छा प्रबंधन हुआ। प्रशासनिक व्यवस्था में एक आमूल-चूल परिवर्तन यह हुआ की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से निर्णय लेने का महत्वपूर्ण कार्य संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री चौहान के निश्चय से वेबिनार में करीब 650 विषय-विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। ऑन लाइन सुझाव भी प्राप्त हुए। मुख्य सचिव श्री बैंस ने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश की विकास यात्रा विभिन्न पड़ावों से होकर मंजिल तक पहुंचेगी। निष्ठा, परिश्रम और जिम्मेदारी से इस रोड मैप को सभी अंजाम तक पहुंचाएंगे। मुख्य सचिव श्री बैंस ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का उनकी नेतृत्व क्षमता से मिले इस लाभ के लिए आभार भी व्यक्त किया।
   आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप के विमोचन कार्यक्रम में मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष भी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त संभाग एवं जिलों से सांसद, विधायक, संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी भी कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल थे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण मध्यप्रदेश दूरदर्शन, क्षेत्रीय न्यूज चैनल्स एवं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर किया गया। कार्यक्रम का संचालन उप सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री सुधीर कोचर ने किया।
   यहाँ ग्वालियर में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना, आईजी श्री अविनाश शर्मा, कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री अमित सांघी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा, नगर निगम कमिश्नर श्री संदीप माकिन व एडीएम श्री किशोर कान्याल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश के इतिहास में 2789.55 लाख यूनिट बिजली सप्लाई का नया रिकार्ड कायम , ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न तोमर ने की अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यों की सराहना

 मध्यप्रदेश के इतिहास में 10 नवम्बर को बिजली सप्लाई का नया रिकार्ड कायम हुआ। इस दिन 2789.55 लाख यूनिट बिजली की सप्लाई पूरे प्रदेश में की गई। प्रदेश में पिछले पांच दिनों से बिजली की सप्लाई लगभग 2700 लाख यूनिट से अधिक हो रही है। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री आकाश त्रिपाठी ने जानकारी दी कि इससे पूर्व 21 नवम्बर 2018 को  प्रदेश में बिजली की एक दिन की सर्वाधिक सप्लाई 2658.69 लाख यूनिट हुई थी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अधिकतम विद्युत मांग की सफलतापूर्वक आपूर्ति पर सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की है।

प्रदेश में दो दिनों से बिजली की मांग पहुंची 14 हजार मेगावाट के ऊपर
   श्री त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि 10 नवम्बर को प्रदेश में बिजली की मांग 14 हजार 147 मेगावाट दर्ज हुई। इस रबी सीजन में पहली बार बिजली की मांग 14 हजार मेगावाट से ऊपर दर्ज हुई है, जो बढ़ कर 11 नवम्बर को प्रात:काल 14 हजार 190 मेगावाट बिजली तक पहुंच गई। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में इस रबी सीजन में दो माह पूर्व ही बिजली की मांग 14 हजार मेगावाट से ऊपर पहुंच गई, जबकि पिछले रबी सीजन में बिजली की मांग जनवरी-फरवरी माह में शीर्षतम स्तर पर पहुंचती थी।
प्रदेश के पश्चि‍म क्षेत्र में बिजली की मांग 5744 मेगावाट
   वर्तमान में प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर व उज्जैन) में सर्वाधिक 5,744 मेगावाट, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल व ग्वालियर) में बिजली की अधिकतम मांग 4,741 मेगावाट एवं पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, सागर व रीवा) में 3,663 मेगावाट दर्ज हुई।  
प्रदेश में बिजली सप्लाई कैसे हुई
   प्रदेश में 11 नवम्बर को जब बिजली की मांग 14 हजार 147 मेगावाट दर्ज हुई, उस समय बिजली की सप्लाई में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप व जल विद्युत गृहों को उत्पादन अंश 3,450 मेगावाट, इंदिरा सागर-सरदार सरोवर-ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना का अंश 436 मेगावाट, एनटीपीसी व नार्दन रीजन का अंश 3,955 मेगावाट, सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट का अंशदान 1,349 मेगावाट व आईपीपी का अंश 1,334 मेगावाट रहा और बिजली बैंकिंग से 1,948 मेगावाट व अन्य स्त्रोत, जिनमें नवकरणीय स्त्रोत भी शामिल हैं, से प्रदेश को 1,676 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई।

बुधवार, 11 नवंबर 2020

फतहयाबी के जश्न का नहीं राजनैतिक मुगालते और भ्रम दूर करने का पैगाम छिपा है , म प्र विधानसभा के उपचुनाव के परिणामों में

 भारतीय जनता पार्टी ने 19 सीटें जीत कर , कांग्रेस को 9 सीटें थमा कर दिये कूटनीतिक संदेश , कांग्रेस को प्राप्त 9 में से 7 सीटें बागीयों ( डकैत प्रभावित) ग्वालियर चम्बल क्षेत्र से मिलीं 

नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनंद’’

म प्र विधानसभा के उपचुनावों के परिणामों पर अगर एक सरसरी नजर डालकर सिंहावलोकन करें तो तमाम राजनीतिक परिप्रेक्ष्य स्पष्ट दृष्टिगोचर होते हैं जिनका विष्लेषण हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं ।

इस उपचुनाव में भाजपा ने 28 में से 19 सीटें जीत कर राजनीति की एक नई परिभाषा और अर्थ दे दिये हैं और केवल 9 सीटें कांग्रेस को देकर उसके 15 महीने के कार्यकाल पर प्रश्नचिह्न लगा दिये हैं या कांग्रेस की गलत चुनावी रणनीति और प्रदेश कांग्रेस की असफलता या उसके धार विहीन नेतृत्व को नख दंत विहीन घोषित कर दिया है , यह सब विश्लेषण इस आलेख में हम कर रहे हैं ।

चित्त भी मेरी पट्ट भी मेरी

अगर इन विधानसभा उपचुनावों के परिणामों पर गौर करें तो अधिकांश कांग्रेस सीटें वही निकली या जीती हैं कांग्रेस ने, जहां ज्योतिरादित्य  सिंधिया की ‘’बी’’ टीम यानि सिंधिया के पुराने खिदमतगार दरबारीयों ने चुनाव लड़ा । यानि इधर से भी सिंधिया और उधर से भी सिंधिया ने ही चुनाव लड़ा ।

इस संबंध में एक पोस्ट हमने उस समय टिकट सूची के वक्त लिखी थी सामायिक होने के कारण उल्लेखनीय है – इत हैं चमचा , उत हैं चमचा ..... वगैरह वगैरह

कांग्रेस को खुशी मनानी चाहिये कि आखिर फिर भी कांग्रेस नहीं , सिंधिया ही जीते , सिंधिया की कृपा से ही अंतत: कांग्रेस की कुछ सीटें आईं ।

मुरैना विधानसभा के चुनाव परिणाम की बात करें तो बसपा प्रत्याशी रामप्रकाश राजौरिया 20 वें राउंड तक करीब दस हजार वोटों से आगे चलते रहे , पहले कांग्रेस के राकेश मावई से फाइट करते रहे , उसके बाद भाजपा के रघुराज सिंह कंसाना से फाइट करने लगे और कांग्रेस तीसरे नंबर पर चली गई । अचानक ही केवल तीन राउंड में यानि 21, 22, 23 वें राउंड में पूरे परिणाम हैरतअंगेज तरीके से पलट गये और पूरे प्रदेश में केवल एक सीट बसपा की जो शो हो रही थी , अचानक शो होना बंद हो गई । इसके बाद , दूसरे नंबर पर सिंधिया के भाजपा से रघुराज कंसाना और पहले नंबर पर सिंधिया के बी टीम सदस्य राकेश मावई ( कांग्रेस ) दिखने लगे , गोया सिंधिया का प्रभाव ही मुरैना सीट पर अचानक ही भाजपा और कांग्रेस के रूप में महज तीन राउंड में नजर आने लगा , और पहले के 20 राउंड का इतिहास बिल्कुल उसी तरह से बदल गया या गायब कर दिया गया , जैसे भारत का इतिहास अंग्रेजों ने  बदल दिया और राम भी गायब हो गये , प्रकाश भी गायब और श्रीकृष्ण भी गायब , महाभारत , रामायण सब गायब हो गये भारत  के इतिहास में से ।

समान ही कहानी दिमनी विधानसभा सीट की है ।

केवल एक घंटे में भाजपा सें कांग्रेस में आकर टिकट ले आने वाले रवीन्द्र तोमर सिंधिया के खिदमतगारों के साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया के चरण सेवक बनकर कांग्रेस में शामिल होने से लेकर टिक्ट लेने तक ज्योतरादित्य सिंधिया के अंधभक्त रहे हैं ।

यह सिंघिया की कांग्रेस में ‘’बी टीम’’ के अहम और  खास नुमांइंदे हैं ।

खास बात है कि अपने नाम के साथ भिडोसा लिखने वाले रवीन्द्र तोमर का न तो भिडोसा से कोई ताल्लुक है और न कोई घर , जमीन या जायदाद ही भिडोसा में है – यह सब खुद ही रवीन्द्र तोमर ने इसी निर्वाचन में निर्वाचन आयोग को दिये गये शपथ पत्र में खुद ही लिख कर कहा और दिया है । मुरैना जिला में रवीन्द्र तोमर का न घर है और न चुनाव में मुरैना जिला का पता दिया है । रवीन्द्र तोमर के शपथपत्र के मुताबिक , उनके घर मकान संपत्ति सब इटावा जिला उत्तर प्रदेश में और भिण्ड तथा ग्वालियर में है । बैंक अकाउंट तमाम हैं मगर सब इटावा उत्तरप्रदेश और ग्वालियर में हैं । उसके बाद एक जगह बड़ा गांव में कुछ खेत होने का उल्लेख है । इसके सिवा कहीं कुछ नहीं है मुरैना जिला में । इसके बावजूद अपने नाम के आगे भिडोसा लिखना , यह समझ से परे है । बड़ा गांव नाम के साथ लिखते तो भी बात गले उतर जाती ।

खैर यह सीट भी सिंधिया के ही खाते में दूसरे तरीके से गई सिंधिया के ही कृपा पात्र और खास आदमी ने कांग्रेस की ओर से इस सीट पर सिंधिया का नाम इतिहास में पहली दफा लिख दिया ।

भाजपा की 19 और कांग्रेस की 9 सीटों के मायने और 7  सीटें कांग्रेस की क्षेत्र विशेष में के मायने

पूरी 28 विधानसभा सीटों में से 19 सीटें भाजपा ने और 9 सीटें कांग्रेस ने जीतीं हैं , सन 2018 में इनमें से 27 सीटें कांग्रेस जीती थी ।

अगर देखें तो 27 में से 19 सीटें कांग्रेस ने खो दी हैं ।

और 7 सीटें केवल क्षेत्र विशेष में कांग्रेस जीती है , जिनमें सुमावली , गोहद , ग्वालियर पूर्व की सीटें , ब्यावरा सीट , इस क्षेत्र विशेष में शुद्ध कांग्रेसी प्रत्याशीयों और कांग्रेस की स्पष्ट व शुद्ध जीत है , मेहगांव और जौरा सीट पर सभी राउंड पर नजर डाली जाये तो हर राउंड में जबरदस्त फाइट कांग्रेस ने भाजपा से की है , और मेहगांव विधानसभा सीट पर तो तमाम राउंड तक कांग्रेस निकटतम भाजपा प्रत्याशी से आगे बढ़त बनाये हुये रहे हैं ।

मेहगांव सीट पर भी शुद्ध कांग्रेसी से मुकाबला ज्योतिरादित्य सिंधिया से रहा है ,और हेमंत कटारे ने मार्केबल वोट और वोट प्रतिशत हासिल कर भिण्ड जिले की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा है और सिंधिया के अनुयायी कहे जाने वाले राकेश चौधरी को राजनीति के नेपथ्य में फेंक दिया है और राजनीति के अंतरिक्ष में उल्का पिंड के मानिंद लटका कर अप्रत्यक्ष रूप से भिंड जिला में राकेश चौधरी का प्रतिस्थापन खुद को स्थापित कर दिया है और स्वर्गीय सत्यदेव कटारे का असल उत्तराधिकारी ही नहीं बल्कि उनसे कहीं बढकर खुद को साबित कर दिया है , सत्यदेव कटारे अटेर विधानसभा से बाहर चुनाव नहीं लडे इसलिये वे जिले के सर्वव्यापी नेता नहीं बने , जबकि हेमंत कटारे ने इस मिथक को तोड़कर मेहगांव विधानसभा में दमदार और सशक्त जीतने वाली मौजूदगी दर्ज करा कर तमाम राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है , और भावी राजनीतिक विश्लेषणों में एक विषय बना दिया है । भले ही हेमंत कटारे ने मेहगांव विधानसभा न जीती हो मगर जीत का अंतर पहली बार एकदम घटा कर और लगातार बढ़त बना कर मेहगांव विधानसभा की राजनैतिक जमीन को कुछ सोचने का विषय कर दिया है ।

फूल सिंह बरैया की हार भी सम्मानित और प्रतिष्ठित है , मात्र 161 वोट के अंतर से भाजपा की रक्षा सिरोनिया से हारे कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया की हार का कोई भी विशेष राजनीतिक महत्व और अर्थ नहीं है , इस महज एक कुयोग और राजनीतिक दुर्घटना मात्र ही कहा जा सकता है , और विजयी रक्षा सिरोनिया को हमेशा ही सोचना पड़ेगा कि वह हारी है या जीती है ।

इसी तरह डबरा में इमरती देवी और विजई कांग्रेस प्रत्याशी भी 3 साल तक सोचते रहेंगें कि वे हारे हैं या जीते हैं । मगर लाख सोचने पर तमाम लोग इसे वोट नहीं देने वालों और नोटा को मिले वोटों को ही जिम्मेदार समझेंगें ।

राजनीतिक सियासतदानी में कौन कौन घटेगा और कौन कहां किस मुकाम की ओर जायेगा तथा बढ़ेगा

इस उपचुनाव के परिणामों के वैसे तो कोई सत्ता आने जाने से खास ताल्लुक नहीं है , भाजपा को महज 8 सीटें जीतनी थीं सो बहुत आसान थीं और सबको ही उम्मीद थी, सो वो तो दोपहर एक बजे तक सब साफ हो ही गया था , 8 सीट के बाद की कोई भी सीट भाजपा या शिवराज के लिये केवल प्लस मात्र थी और समर्थन से लंगड़ी लूली या दवाब में रहने वाली सरकार से बाहर मुक्त सरकार के रूप में उपलब्धि मात्र थी । सो 8 की जगह 19 सीटें जीत कर वह बात भी खत्म हो गई । मतलब कमलनाथ की सरकार के भी एक्स्ट्रा बल अब भाजपा में और शिवराज में आ गये । और अब शिवराज सरकार मनमर्जी से निर्णय ले सकती है और कायदे कानून बना सकती है और चला सकती है ।

इस सबके भी कुछ लंबी दूरी के मायने हैं , जिसमें बहुत से राजनेताओं का और राजनैतिक दलों का सुदीर्घ भविष्य और राजनीति तथा रणनीति छिपी हुई है ।

प्रदेश स्तर से स्थानीय जिला , तहसील व ब्लाक स्तर तक राजनैतिक चेहरे बदलने की दरकार सत्तारूढ़ भाजपा और अपदस्थ कांग्रेस दोनों को ही रहेगी तो बसपा और जैसी पार्टीयों का अभी अपनी खोई हुई जमीन तलाशनी होगी ।

इस विषय पर विश्लेषण करने से पहले यह जरूरी होगी कि कहां क्यों व कैसे कौन कौन हारे या जीते

सबसे पहले कांग्रेस की बात करें – तो कांग्रेस की सरकार अपदस्थी के बाद पुनर्वापसी की प्रायिकता पर बात करना लाजिमी होगा

कांग्रस को लौटा कर फरवरी 2020 और 8 मार्च तथा उसके बाद के घटनाक्रम में वापस लाना होगा , 23 फरवरी 20 तक कांग्रेस में मंत्री रहे तमाम लोग ट्विटर , फेसबुक पर खुद की और कांग्रेस सरकार की उपलब्धियां बता रहे थे , सार्वजनिक कार्यक्रम की तस्वीरें बढ़ा चढ़ा कर शेयर कर रहे थे और कांग्रेस सरकार को सबसे बेहतरीन सरकार बता और साबित करने में जुटे थे । यह सब कुल 22 कांग्रेसी अंतत: 25 फरवरी 2020 से लापता होने लगे और सोशल मीडिया पर इनके अपडेटस आने बंद हे गये । 28 फरवरी तक पूरी तरह से इनकी नेटवर्किंग जुदा ओर अलहदा होने लगी ।

मार्च 2020 में कांग्रेस तब तक मुंह पर ठीपुरी रखे मौन बैठी रही और महाराज के चरण चुबन में लगी रही जब तक खुद महाराज यानि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद ही इस्तीफा नहीं दे दिया और उसके बाद खुद ही अपने इस्तीफे को ट्विटर के जरिये सार्वजनिक नहीं कर दिया । तब तक कांग्रेस के सभी नेता प्रदेश स्तर से लेकर ( सिंधिया पीड़ित या प्रभावित जिलों के जिला स्तरीय और तहसील स्तर तक ) नीचे के स्तर तक के कांग्रेस नेता सिंधिया के अंधे चमचे और चरणदास तथा चरण भक्त थे ।

सिंधिया के इस्तीफे और खुद ही सबको बताने के लिये सवार्वजनिक कर देने की बाद भी अंधभक्त कांग्रेसी बेहद दहशतजदा और डरे हुये थे और तब भी कुछ बोलने या कहने या सोशल मीडिया पर कहने से भयभीत और मुंह बंद थे ।

जब सिंधिया शाम को भाजपा जाइन करने वाले थे तब उस वक्त हमने पहली पोस्ट लिखी फेसबुक पर और सिंधया को इस सबके राजनैतिक मायने समझा दिये , ज्योतिरादित्य तो खैर जब तब ही सोशल मीडिया पर आते हैं , उनके सोश मीडिया को उनकी पत्नी ही चलातीं हैं , और वे ही हर समय सोशल मीडिया के जरिये जन संपर्क में रहतीं हैं और पोस्ट , कमेंट और रिप्लाई करतीं हैं । अलबत्ता सिंधिया का सोशल मीडिया नेटवर्क प्लेटफार्म इसीलिये बेहद सशक्त और समर्थ है क्योंकि यह उनके किसी भी चमचे या कर्मचारी द्वारा नहीं चलाया जाता बल्कि उनकी पत्नी प्रियदर्शनी राजे द्वारा ही संचालित किया जाता है ।

खैर अंतत: कुछ समय पश्चात ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा ज्वाइन कर ली , बाद में उनके समर्थकों ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली । उधर दूसी ओर तत्समय बैंगलोर एपिसोड लगातार चल रहा था , लगातार वीडियो और तमाम लिखत दस्तावेजों के फोटोग्राफ और बयान वगैरह आ रहे थे , हमें भी मिल रहे थे , मगर कांग्रेस केवल इंतजार कर रही थी , कि कुछ नहीं होगा , कोई इस्तीफा नहीं देगा और सब कांग्रेस में ही रहेंगें ।

उधर दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से कांग्रेस के द्वितीय स्तर और कैडर के नेताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ  बयानों की  हवाई फायरिंग शुरू कर दी , और फिर उनसे नीचे तीसरे , चौथे और पांचवें छठे स्तर के नेताओं ने सोशल मीडिया पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ बम्बार्डमेंट शुरू कर दिया , उधर कांग्रेस बंगलौर में बागीयों को मनाने में लगी रही और इधर सिंधिया को गरियाती रही ।

अंतत: बंगलौर एपिसोड में हैरत अंगेज तरीके से मुरैना जिला के तीन लोग ऐदल सिंह कंसाना , रघुराज कंसाना और गिर्राज डंडोतिया भी जुड़ गये और अचानक बंगलौर पहुंच गये ।

कुल मिलाकर फिर सबको पता ही है कि क्या हुआ , कमलनाथ अपदस्थ हो गये , शिवराज पदस्थ हो गये । फिर कोरोना का ग्रहण लग गया और फिर अंतत: उपचुनाव का आगमन हो गया ।

अब इस सबमें ऊपर कुछ तो विश्लेषण लायक मिल ही गया होगा कि ऊपर क्या है जो सुधारा जाये ।   

 

क्रमश: जारी अगले अंक में ......

पूरे अंक हमारी वेबसाइट पर पढ़ें .....

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मंगलवार, 10 नवंबर 2020

मतगणना आज - फायनल रिहर्सल हुई, सभी तैयारियाँ पूर्ण, संभाग आयुक्त, आईजी, कलेक्टर एवं एसपी ने लिया जायजा

मतगणना की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत 10 नवम्बर को प्रात: 8 बजे से एमएलबी कॉलेज में जिले के तीनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना होगी। संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना, पुलिस महानिरीक्षक श्री अविनाश शर्मा, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह तथा पुलिस अधीक्षक श्री अमित सांघी ने सोमवार को मतगणना कक्ष एवं सम्पूर्ण मतगणना परिसर का जायजा लिया। साथ ही मतगणना व्यवस्था के प्रभारी श्री शिवम वर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आशीष तिवारी एवं अपर जिला दण्डाधिकारी श्री किशोर कान्याल भी इस अवसर पर मौजूद थे।
   मतगणना के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। बगैर प्रवेश पत्र के किसी को भी मतगणना परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मतगणना के प्रवेश द्वार पर हर व्यक्ति की बारीकी से जाँच की जायेगी। सोमवार को तीनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के गणना कक्षों में मतगणना की फायनल रिहर्सल हुई। सभी रिटर्निंग अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनर्स ने गणना पर्यवेक्षक व गणना सहायकों को विस्तारपूर्वक मतगणना की बारीकियाँ समझाईं।
     भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के मुताबिक 10 नवम्बर को प्रात: 8 बजे मतों की गिनती शुरू होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि सबसे पहले डाक मत पत्रों एवं सेवा मतदाताओं द्वारा भेजे गए मतों की गिनती शुरू होगी। इसके आधा घंटे बाद ईवीएम (इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन) के वोटों की गिनती शुरू की जायेगी। दोनों प्रकार के मतों की गिनती समानान्तर रूप से जारी रह सकेगी।      
    हर गणना टेबल पर एक - एक गणना पर्यवेक्षक, गणना सहायक व माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे। इस प्रकार एक टेबल पर तीन अधिकारी तैनात किए जायेंगे। माइक्रो ऑब्जर्वर सीधे निर्वाचन प्रेक्षक को अपनी रिपोर्ट देंगे। जिले के हर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 14 टेबलों पर मतगणना होगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो - दो कक्षों में मतगणना की जायेगी। ईवीएम के मतों की गिनती करने के लिये प्रत्येक कक्ष में 7 - 7 टेबल लगाई गई हैं।  

 मोबाइल फोन, बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू इत्यादि प्रतिबंधित रहेंगे

    मतगणना परिसर में मोबाइल फोन, बीड़ी, सिगरेट, माचिस, तम्बाकू व खाद्य पदार्थ प्रतिबंधित रहेंगे। दोनों प्रवेश द्वारों पर व्यक्तिश: इसकी सघन जाँच की जायेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा है कि गणना के दिन उक्त सामग्री कदापि लेकर न आएं। उन्होंने कहा मतगणना परिसर में गहन जाँच और प्रवेश पत्र देखने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जायेगी।

एमएलबी कॉलेज में होगी मतगणना

    जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 15-ग्वालियर, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 16-ग्वालियर पूर्व एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 19-डबरा (अजा) के मतों की गिनती एमएलबी कॉलेज परिसर में स्थित ए-ब्लॉक के प्रथम तल पर होगी।

मतगणना परिसर में प्रवेश व्यवस्था
  • मतगणना में लगे हुए शासकीय अधिकारी व कर्मचारीगण अचलेश्वर मंदिर के गेट की ओर से मतगणना परिसर में प्रवेश करेंगे। इसी गेट से विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 19-डबरा (अजा) के प्रत्याशी एवं उनके गणना अभिकर्ता प्रवेश कर सकेंगे।
  • एमएलबी कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार यानि कटोराताल के बगल में स्थित प्रवेश द्वार से  विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 15-ग्वालियर व 16-ग्वालियर पूर्व के प्रत्याशी एवं गणना अभिकर्ताओं को प्रवेश दिया जायेगा।
  • मतगणना भवन व परिसर में मोबाइल ले जाना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा तथा कैंची, ब्लेड, गुटका पाउच, पान, बीड़ी, सिगरेट, माचिस, लाईटर, खाद्य व पेय सामग्री ले जाना पूर्णत: प्रतिबंधित है। मतगणना स्थल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किया गया पहचान पत्र साथ में रखना आवश्यक होगा। बिना पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को मतगणना स्थल पर प्रवेश नहीं दिया जायेगा।
पार्किंग व्यवस्था 
  • मतगणना में लगे शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी तथा मीडिया प्रतिनिधिगण अपना प्रवेश पत्र दिखाकर वाहन की पार्किंग जीवायएमसी मैदान, उत्सव वाटिका, परिणय वाटिका एवं आशीर्वाद वाटिका में कर सकेंगे। शीतला सहाय चौराहे की तरफ से आने वाले शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी तथा मतगणना अभिकर्ता अपने वाहन पद्माराजे ट्रस्ट के मैदान पर पार्क कर सकेंगे।
  • विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 15 एवं 16 के प्रत्याशियों के मतगणना अभिकर्ता अपने वाहन सुविधा अनुसार पार्किंग स्थलों पर पार्क कर पैदल एमएलबी कॉलेज में प्रवेश कर सकेंगे।
  • थीम रोड़ एवं सनातन धर्म मंदिर तक के मार्ग पर आवागमन प्रतिबंधित रहेगा
  • मतगणना दिवस 10 नवम्बर को मतणना कर्मियों एवं मतगणना अभिकर्ताओं के एमएलबी कॉलेज में प्रवेश करने के बाद अचलेश्वर चौराहे से लेकर शीतला सहाय चौराहा (थीम रोड़) तथा अचलेश्वर चौराहे से सनातन धर्म मंदिर तक का मार्ग आवागमन के लिये पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। लोगों को समूह में खड़े होने एवं भीड़ एकत्रित करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

 

बुधवार, 4 नवंबर 2020

भ्रष्टाचार निवारणम : प्रभारी सीएमओ की 2 वेतन वृद्धि रोकने के आदेश

 भ्रष्टाचार निवारणम : प्रभारी सीएमओ की 2 वेतन वृद्धि रोकने के आदेश आयुक्त निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने झाबुआ जिले की नगर परिषद पेटलावद के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुरेशचन्द्र त्रिवेदी की दो वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने के आदेश दिये हैं। त्रिवेदी की वेतन वृद्धि शासकीय कार्यों में अनियमितता के कारण रोकी गयी हैं।

भ्रष्टाचारम निवारणम अभियान .... नामांतरण के लिए पैसे मांगने के प्रकरण में एक की सेवायें समाप्त, वार्ड प्रभारी निलंबित, जोनल अधिकारी को नोटिस

जैसी उम्मीद थी ,उपचुनाव का मतदान निबटते ही भ्रष्टों की खोपड़ी पर तलवार लटकी, शुरू हुआ ...... भ्रष्टाचारम निवारणम अभियान .... नामांतरण के लिए पैसे मांगने के प्रकरण में वार्ड प्रभारी निलंबित, जोनल अधिकारी को नोटिस
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर, भोपाल नगर निगम के अंतर्गत नामांतरण के एक प्रकरण में पैसे मांगे जाने की शिकायत प्रथम दृष्ट्या सही पाए जाने पर, वार्ड प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, वहीं जोनल अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है।
भोपाल नगर निगम के अंतर्गत जोन 12, वार्ड 69 निवासी श्री कृष्णचंद भार्गव के नामांतरण के प्रकरण में वार्ड कार्यालय द्वारा पैसे मांगने की शिकायत को प्रथम दृष्ट्या सही पाया गया। इस पर नगर निगम आयुक्त भोपाल द्वारा वार्ड क्रं-69 (अशोका गार्डन) इकबाल नगर वार्ड प्रभारी रमीजुद्दीन को निलंबित किया गया है, वहीं जोन-12 के जोनल अधिकारी उमाकांत शर्मा को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। एक अन्य कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
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सोमवार, 26 अक्टूबर 2020

भाण्डेर विधानसभा उपचुनाव हेतु नियुक्त सामान्य प्रेक्षक श्री प्रभाकर दतिया पहुंचे उपनिर्वाचन की अभी तक की गई तैयारियों की समीक्षा की

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दतिया जिले के भाण्डेर विधानसभा (अ.जा.) में उपनिर्वाचन हेतु सामान्य प्रेक्षक के रूप में नियुक्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री प्रभाकर ने रविवार को दतिया में भाण्डेर विधानसभा उपनिर्वाचन की अभीतक की गई तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर जानकारी ली।
    समीक्षा के दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बी. विजय दत्ता, पुलिस अधीक्षक श्री गुरूकरण सिंह, नवागत अपर कलेक्टर श्री सुजान सिंह रावत, उपजिला निर्वाचन अधिकारी श्री अशोक सिंह चौहान आदि उपस्थित थे।
    सामानय प्रेक्षक श्री प्रभाकर ने 3 नवम्बर 2020 को जिले की भाण्डेर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव की अभी तक की गई तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने मतदान कर्मियों एवं माईक्रोआब्जर्बर का प्रशिक्षण, ईव्हीएम मशीनों का रेण्ड़माईजेशन, कमीशनिंग का कार्य, निर्वाचन के दौरान आदर्श आचरण संहिता का पालन, कोविड-19 की गाईड लाईन का पालन के संबंध में भी जानकारी ली। श्री प्रभाकर ने निर्वाचन कार्य संपादित कराए जाने हेतु नियुक्त किए गए दलों के संबंध में भी चर्चा करते हुए निर्वाचन संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण की भी जानकारी प्राप्त की।
    सामानय प्रेक्षक ने कहा कि मतदान दल के सदस्यों को मतदान के दिन किए जाने वाले कार्यो के संबंध में द्धितीय चरण के प्रशिक्षण में मतदान कर्मियों से ईव्हीएम मशीन के साथ मतदान प्रक्रिया का संचालन करा कर भी देंखे। जिससे मतदान दल के सदस्य मतदान के दिन पूरे आत्म विश्वास के साथ मतदान करा सके। उन्हांेने कहा कि मतगणना स्थल पर सुरक्षा के साथ-साथ विद्युत की भी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जेनरेटर भी रखा जाए।
    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बी. विजय दत्ता ने भाण्डेर विधानसभा उपनिर्वाचन हेतु अभी तक किए गए कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि भाण्डेर विधानसभा उपनिर्वाचन क्षेत्र में 1 लाख 75 हजार 859 मतदाता है। इन मतदाताओं के लिए 260 मतदान केन्द्र बनाए गए है। उन्होंने बताया कि मतदान केन्द्रों का निरीक्षण कर आवश्यक मूलभूत सुविधायें भी सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर ने बताया कि भाण्डेर विधानसभ उप चुनाव में 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। उम्मीदवार एवं राजनैतिक दलों की स्टेडिंग कमेटी की बैठक आयोजित कर भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के साथ कोविड-19 की गाईड लाईन और आदर्श आचरण संहित के पालन कराने हेतु जानकारी दी गई है।
कलेक्टर श्री दत्ता ने बताया कि मतदान कर्मियों तथा माईक्रोआब्जर्बर का प्रथम चरण का प्रशिक्षण प्रदाय किया जा चुका है। द्धितीय चरण का प्रशिक्षण 26 से 28 अक्टूबर के बीच दिया जायेगा। जिसमें पीठासीन अधिकारी सहित मतदान दल के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बतया कि ईव्हीएम के रेण्ड़माईजेशन का कार्य किया जाकर ईव्ीएम की कमीशनिंग का कार्य रिटर्निग ऑफीसर की देखरेख में उम्मीदवारों की उपस्थिति में किया जा रहा है।
श्री दत्ता ने बताया कि भाण्डेर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 80 वर्ष से अधिक आयु के 595 वृद्ध मतदाता एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए डाकमत पत्र के माध्यम से घर से मतदान करने की सुविधा आज से दी गई है। डाकमत पत्र हेतु मतदान कर्मियों के 20 दल गठित किए गए है। जो डाकमत पत्र से मतदान करने वाले मतदाताओं के घर जाकर मतदान करायेंगे। जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि 10 नवम्बर को मतगणना शासकीय पॉलीटैक्निक कॉलेज दतिया में की जायेगी। मतगणना कार्य दो कक्षों में 7-7 टेबिलों पर किया जायेगा। जिसकी तैयारियां शुरू कर ली गई है।
पुलिस अधीक्षक श्री गुरूकरण सिंह ने मतदान केन्द्रों एवं मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यव्सथा की जानकारी देते हुए बताया कि जिलें में अंर्राज्यीय सीमाओं पर 11 वैरियर बनाये गए है एवं सीसीटीव्ही कैमरे भी लगाए गए है। इसी प्रकार 14 अंतरजिला नाके बनाए गए है। बाहर से आने वाले लोगों एवं वाहनों पर पुलिस द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है।