मंगलवार, 18 नवंबर 2008

नौ फर्मों के घी के नमूने अमानक

नौ फर्मों के घी के नमूने अमानक

ग्वालियर 17 नवम्बर 08। जिले में मिलावटी खाद्य सामग्री खासतौर पर मिलावटी घी के निर्माण और विक्रय पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाये हैं। जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने जांच दल गठित कर बीते दिनों विभिन्न फर्मों से खाद्य सामग्री खासकर घी के नमूने लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की भोपाल स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए भिजवाये थे। भोपाल जांच के लिए भेजे गये नौ फर्मों के विभिन्न ब्राण्डो के नमूने अमानक पाये गये हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात संबंधित फर्म मालिकों के खिलाफ वैधानिक पुलिस कार्रवाई की गई है। साथ ही अमानक खाद्य सामग्री (घी) का विनिष्टीकरण भी किया गया है। कलेक्टर श्री त्रिपाठी ने साफ तौर पर कहा है कि जिले में अपमिश्रित घी का निर्माण रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सहायक कलेक्टर एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी कुमारी स्वाती मीणा ने बताया कि प्रयोगशाला में हुई जांच में ट्रान्सपोर्ट नगर स्थित श्री राधेश्याम अग्रवाल की फर्म से लिया गया केशर प्योर देशी घी व श्री संजय अग्रवाल की फर्म द्वारा निर्मित बृजराज प्योर घी का नमूना अमानक पाया गया है। इसी तरह प्रयोगशाला में हुई जांच में ए बी रोड गिरवई में स्थित श्री चन्द्रेश दुबे की फर्म अचलनाथ फूड प्रोडक्ट से लिया गया लूज घी का नमूना, महाराज पुरा स्थित श्री अमित बंसल की फर्म भोलेनाथ मिल्क फूड के मंगलम प्योर घी व कार्तिक, ट्रान्सपोर्ट नगर स्थित श्री विजय राजौरिया की फर्म आर के. डेयरी का श्री केसरी व डेयरी मिल्क प्रीमियम ब्राण्ड, ट्रान्सपोर्ट नगर स्थित श्री मनोज अग्रवाल की फर्म पंकज डेयरी एण्ड फूड प्रोडक्टस का मिल्काना प्योर घी व पनघट स्पेशल ब्राण्ड प्योर घी, ट्रान्सपोर्ट नगर स्थित जितेन्द्र सिंह कुशवाह की फर्म सर्वोत्तम मिल्क फूड का सारथी ब्राण्ड, महाराज पुरा स्थित श्री ब्रजेश दुबे की फर्म हिन्द फूड एण्ड डेयरी प्रोडक्टस का अनमोल घी एवं दाल बाजार स्थित नरेन्द्र कुमार अग्रवाल की फर्म एन के फूड प्रोडक्टस से लिये गये घी के नमूने अमानक पाये गये हैं।

 

1 टिप्पणी:

Sadhak Ummedsingh Baid "Saadhak " ने कहा…

सरकारें खुद कर रही, वही कराती मिलावट.
स्वार्थ किसी ना सधे, तभी जाँच की अहट.
तभी जाँच की आहट, मीडीया को मिलती है.
मिलीभागत में मीडीया का भी पेट भरती है.
कह साधक कवि, जनता तो बेवकूफ़ बन रही.
मिलावटी धन्धा सरकारें खुद कर रही.