गुरुवार, 13 नवंबर 2008

केंचुआ खाद खेती के लिये वरदान- प्रो. तोमर

केंचुआ खाद खेती के लिये वरदान- प्रो. तोमर

 

ग्वालियर 12 नवम्बर 08। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय द्वारा ग्राम मुस्तुरा विकासखण्ड भितरवार में किसानों के लिये एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों और वैज्ञानिकों को सम्बोधित करते हुए विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. विजय सिंह तोमर ने कहा कि केंचुआ खाद खेती के लिये वरदान है। इसे किसान छायादार पेड़ के नीचे खुद तैयार कर सकते हैं तथा इससे जहां एक ओर रासायनिक खाद की खपत कम होगी, वहीं दूसरी ओर खेती में लागत कम आयेगी।

       उन्होंने कहा कि केंचुआ खाद गोबर से बनाई जाती है तथा एक प्राकृतिक खाद है। इसे 5 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर के मान से इस्तेमाल किया जाता है। केंचुआ को किसानों का मित्र भी कहा गया है।

       इस प्रशिक्षण शिविर में सम्बोधित करते हुए विश्वविद्यालय शोध निर्देशक डा. एस के श्रीवास्तव ने कहा कि केंचुआ खाद निर्माण एक सस्ती तकनीक है। कार्यक्रम को सम्बोंधित करते हुए प्रो एच.  एस. यादव ने किसानों से अधिक उत्पादन वाली फसलें बोने की सलाह दी।

       कार्यक्रम में डॉ. वाय. एम. कूल, डॉ. शैलेन्द्र सिंह कुशवाह, डॉ. राज सिंह ने भी सम्बोधित किया।

 

कोई टिप्पणी नहीं: