बंदियों के अधिकारों का संरक्षण आवयक
बंदियों के अधिकारों का संरक्षण संविधान आधारित है, जिसे प्रदान करने में न्यायालय की भूमिका प्रमुख होती है
केन्द्रीय जेल में विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न
ग्वालियर 13 नवम्बर 08। उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ग्वालियर के तत्वाधान में 13 नवम्बर 08 गुरूवार को प्रात: 11 बजे से राष्ट्रीय विधिक सेवा साक्षरता सप्ताह के तहत केन्द्रीय जेल ग्वालियर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। बंदियों को उनके अधिकारों एवं उन्हें प्राप्त होने वाली विभिन्न सहायता के सम्बन्ध में बी एम. सिंह, विधिक सहायता अधिकारी द्वारा विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान श्री के पी. श्रीवास्तव, अधीक्षक, केन्द्रीय जेल ग्वालियर ने कैदियों के प्रकरणों के संबंध में अपनाई जा रही प्रक्रिया में आ रही कठिनाइयों की चर्चा करते हुए प्रमुख रूप से यह भी कहा कि दण्डित बंदियों को दी जाने वाली सजा में न्यायालयीन निर्णय की प्रति उन्हें सहज में उपलब्ध नहीं हाने के कारण कतिपय बंदियों के अपील/ निगरानी आदि कार्य में बाधा आती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. महेन्द्र कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष, रोटरी क्लब, मिटटाउन ग्वालियर द्वारा जेल अधीक्षक की उक्त परिचर्चा के सुझाव में अपेक्षा की गई कि न्यायालय द्वारा सजा दिए गए प्रकरण में जेल वारंट जारी करते समय न्यायालय निर्णय की एक प्रति जेल प्रशासन को भी नियुक्त साथ में भेजे जावें। मुख्य अतिथि की आसंदी में श्री रामविलास शर्मा सहित अभिभाषक संघ ग्वा. ने व्यक्तव्य देते हुए न्याय प्रक्रिया में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयों की ओर ध्यान आकर्षित किया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रोटरी क्लब, मिटटाउन ग्वालियर पीठ के अनुभाग अधिकारी श्री ए के. शर्मा, श्री श्री अरूण सिंघल एडवोकेट, जेल प्रशासन के पदाधिकारीगण, बड़ी संख्या में बंदीगण, उच्च न्यायालय विधिक सेवा ग्वालियर का स्टाफ आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अवसर पर केन्द्रीय जेल ग्वालियर में निरूध्द बंदियों ने अतिथियों के स्वागत में संगीतमय गीत का आनंदविभोरकारी प्रस्तुतीकरण किया गया। डॉ. एम के. शर्मा ने उक्त जानकारी देने के साथ ही म प्र. उच्च न्यायालय द्वारा 01 नवम्बर 08 से अपील/ निगरानी के संबंध में संशोधित प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण जानकारी बंदियों को दी गई। कार्यक्रम के दौरान बंदियो के लिए उपयोगी जानकारी का हैन्डबिल का वितरण किया गया। कार्यक्रम में जेल अधीक्षक द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
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