मंगलवार, 17 अप्रैल 2007

मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में ग्रामीण आवास योजना के कार्यान्वयन का मूल्यांकन

मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में ग्रामीण आवास योजना के कार्यान्वयन का मूल्यांकन

  मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण आवास योजना के कार्यान्वयन के अध्ययन के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित विकास सुविधा प्रदाता को परियोजना की कुल लागत के 20 प्रतिशत के रूप में अंतिम किस्त के तौर पर 1.60 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं।

  ग्रामीण आवास, भारत निर्माण कार्यक्रम का ही एक हिस्सा है। इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत 2005 से 2009 तक की अवधि में 60 लाख आवासों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 23.68 लाख आवास वर्ष 2005-06 और 2006-07 के दौरान निर्मित किए जा चुके हैं और 9.14 लाख आवास निर्माणाधीन हैं। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के चयन के लिए एक स्थायी प्रतीक्षा सूची तैयार की जा रही है।

  इस संबंध में वर्ष 2006-07 के दौरान जिन राज्यों ने अपने निर्धरित लक्ष्य की 75 प्रतिशत तक सफलता हासिल कर ली है, उनमें आंध्र प्रदेश, असम, गोवा,जम्मू व कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, नगालैंड, सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और लक्षद्वीप शामिल हैं।

  50 प्रतिशत से अधिक और 75 प्रतिशत से कम सफलता प्राप्त करने वाले राज्य हैं, अरूणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ, ग़ुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मिजोरम, उड़ीसा और और उत्तर प्रदेश। अपने लक्ष्य के 50 प्रतिशत से कम सफलता प्राप्त करने वाले राज्यों में, महाराष्ट्र, मेघालय, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाड़ अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली, पांडिचेरी, त्रिपुरा और दमन व दीव शामिल हैं।

 

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