शुक्रवार, 28 मार्च 2008

ग्रामीण भूमिहीन परिवारों के लिये आम आदमी बीमा योजना (मंत्रिपरिषद के निर्णय)

ग्रामीण भूमिहीन परिवारों के लिये आम आदमी बीमा योजना (मंत्रिपरिषद के निर्णय)

भोपाल 27 मार्च 08 । मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि परिषद की बैठक में ग्रामीण भूमिहीन परिवारों के लिये आम आदमी बीमा योजना का अनुसमर्थन किया गया। बैठक में तय किया गया कि आम आदमी बीमा योजना के क्रियान्वयन के लिये राज्य स्तर पर सामाजिक न्याय विभाग को नोडल विभाग तथा जिला स्तर पर जिला पंचायतों को नोडल एजेंसी बनाया जाये। बैठक में तय किया गया कि विवेकानंद समूह बीमा योजना 31 मार्च, 2008 तक ही प्रभावशील रहेगी। अत: ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले गैर-भूमिहीन तथा शहरी क्षेत्रों के समस्त गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को जनश्री बीमा योजना के अंतर्गत वर्ष 2008-09 में शामिल किया जाये। जनश्री बीमा योजना का क्रियान्वयन भी आम आदमी बीमा योजना की भांति किया जाये।

भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से भूमिहीन ग्रामीण मजदूरों के लिये आम आदमी बीमा योजना दो अक्टूबर, 2007 से शुरू की गई है। भारत सरकार द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन के लिये प्रति सदस्य 200 रुपये का वार्षिक प्रीमियम तय किया गया है। इसमें से 100 रुपये प्रति सदस्य भारत सरकार द्वारा विशेष आर्थिक कोष से तथा 100 रुपये प्रति सदस्य का अंशदान राज्य सरकार द्वारा दिया जायेगा। योजनांतर्गत सदस्य की आयु 18 से 59 वर्ष तक रखी गई है। बीमित सदस्य ग्रामीण भूमिहीन परिवार का मुखिया अथवा परिवार में कार्य करते हुए आय कमाने वाला सदस्य होना चाहिये। योजनांतर्गत बीमित व्यक्ति की सामान्य मृत्यु होने पर 30 हजार रुपये, दुर्घटना में मृत्यु अथवा स्थायी पूर्ण अपंगता होने पर 75 हजार रुपये और दुर्घटना में एक आंख या एक हाथ या पांव अक्षम होने पर 37 हजार 500 रुपये का बीमा लाभ मिलेगा। बीमित सदस्यों के बच्चों के लिये एक मुफ्त एॅड-ऑन शिक्षावृत्ति भी दी जायेगी। इसमें नवमीं से बारहवीं तक के केवल दो विद्यार्थी प्रति परिवार 100 रुपये प्रतिमाह की शिष्यवृत्ति दी जायेगी।

 

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