शुक्रवार, 8 अगस्त 2008

इन्वेस्टर मीट में हुए एम.ओ.यू.के लिए भी भूमि आरक्षित करें -कलेक्टर

इन्वेस्टर मीट में हुए एम.ओ.यू.के लिए भी भूमि आरक्षित करें -कलेक्टर

राजस्व अधिकारियों की बैठक में निर्देश

ग्वालियर 7 अगस्त 08 । विशेष राजस्व अभियान के पंचम चरण में विभिन्न सार्वजिनिक प्रयोजनों के लिये भूमि आरक्षित करते समय इन्वेस्टर्स मीट मे हुये करारनामों (एमओयू) का ध्यान रखें और संबंधित क्षेत्र में भूमि आरक्षित करें । इस आशय के निर्देश जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने आज यहां राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में संपन्न हुई बैठक में राजस्व अधिकारियों को दिये । ज्ञातव्य हो कि राज्य शासन ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए पूर्व की भाँति गत एक अगस्त से विशेष राजस्व अभियान का  पंचम चरण शुरू किया है ।बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा, अपर जिला दण्डाधिकारी श्री वेद प्रकाश एवं जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार व नायब तहसीलदार मौजूद थे।

 जिला कलेक्टर ने भू स्वामियों को नि:शुल्क रूप से प्रदाय की गई खसरा-बी वन की नकलों का सत्यापन करने पर भी जोर दिया । उन्होंने कहा कि किसानों को नि:शुल्क रूप से यह अभिलेख मुहैया कराना मुख्यमंत्री की उच्च प्राथमिकता में है, अत: इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।   श्री त्रिपाठी ने हिदायत दी कि विशेष राजस्व अभियान के दौरान गांव-गांव में खसरा बी वन वितरण की सूची पढ़कर सुनायें, ताकि अगर कोई किसान शेष रह गया हो तो उसे भी यह अभिलेख प्रदान किये जा सकें । उन्होने वन, राजस्व, सीमा विवाद संबंधी प्रकरणों के निराकरण का सत्यापन करने की भी हिदायत दी । कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देश दिये कि जिले में वन, राजस्व सीमा विवाद संबंधी शेष 57 गांवों में सीमा तय करने के लिये जिला स्तर से दल गठित किये जा रहे हैं, इन दलों के साथ प्रकरणों का स्थाई समाधान करायें । उन्होंने कहा कि इन प्रकरणों की मुख्य सचिव स्वयं समीक्षा करते हैं , अत: इन्हे गंभीरता से लें ।

       कलेक्टर ने तहसील व राजस्व अधिकारीवार राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुये कहा कि अविवादित सीमांकन, नामांवरण व बटवारा प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में करें । उन्होंने जिले के विभिन्न राजस्व न्यायालयों में लंबे समय से लंबित प्रकरणों के लिये नाराजगी व्यक्त की और संबंधित राजस्व अधिकारियों को त्वरित गति से प्रकरण निराकृत करने के निर्देश दिये ।श्री त्रिपाठी ने चलित न्यायालयों के सतत आयोजन पर भी विशेष बल दिया। बैठक में अनुसूचित जाति, व अनुसूचित जनजाति के पट्टेधारियों को वास्तविक कब्जा दिलाने पर भी बल दिया गया । कलेक्टर ने निर्देश दिये कि फसलों की बोनी व कटाई के समय विशेष ध्यान रखें कि पट्टेधारियों को कोई दिक्कत न हो । अगर कोई दबंग व्यक्ति इसमें अडंगा बने तो उसके विरूध्द अनुसचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जावे । बैठक में भू-भाटन, नजूल, डायवर्सन व आरआरसी के तहत बैंक वसूली की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने खास तौर पर नगरीय क्षेत्र में डायवर्सन  कर निर्धारण पर प्रावधानों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिये ।

कर्मकार मंडल व मजदूर सुरक्षा योजना की भी हुई समीक्षा

राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के बाद जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने राजस्व अधिकारियों व ग्रामीण विकास अधिकारियों की संयुक्त बैठक में राज्य शासन की अन्य उच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं की भी समीक्षा की । उन्होंने खासतौर पर भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल व मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना के तहत शेष श्रमिकों के पंजीयन पर विशेष बल दिया । साथ ही पात्र श्रमिकों को जल्द से जल्द लाभान्वित कराने को कहा । कलेक्टर ने कहा कि कर्मकार मडल में धन की कोई कमी नहीं है । अत कोई भी जरूरतमंद लाभ से वंचित नही रहना चाहिये । आम आदमी बीमा योजना के तहत ग्रामीण अचल के सभी पात्र परिवारों को शामिल कर जल्द से जल्द सीडी तैयार कर भेजने के निर्देश बैठक में दिये गये । वन अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त दावे:/आपत्तियों को भी समय-सीमा निर्धारित कर ग्राम सभा व उपखंड समिति से अनुमोदन के प्रश्चात जिला समिति  को भेजने के लिये कहा गया । बैठक में स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, पौधरोपण, रोजगार गारंटी योजना सहित फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली व परिचय पत्र तैयार कराने के लिये की जा रही फोटोग्राफी की भी समीक्षा की गई ।

 

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