शिक्षकों का सम्मान हम सबका नैतिक दायित्व - सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री श्री अग्रवाल
ग्वालियर विकास समिति द्वारा 32 शिक्षक सम्मानित
ग्वालियर 05 सितम्बर 09। शिक्षक देश की बुनियाद होते हैं। वही देश तरक्की कर सकता है जिसके शिक्षक ज्ञानवान, चरित्रवान व समाज को सही दिशा देने वाले हों। अत: अच्छे शिक्षकों को सम्मानित करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। उक्त आशय के विचार प्रदेश के सामान्य प्रशासन, नर्मदा घाटी विकास एवं विमानन राज्य मंत्री श्री के एल. अग्रवाल ने शिक्षक दिवस की संध्या पर यहाँ ग्वालियर विकास समिति द्वारा आयोजित 32 वे शिक्षक सम्मान समारोह में व्यक्त किये। समारोह में प्राथमिक स्तर से लेकर महाविद्यालयीन स्तर के 32 शिक्षकों को शॉल, श्रीफल व प्रशस्तिपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने की। इस अवसर पर एल एन यू पी ई. के कुलपति मेजर जनरल एस एन. मुखर्जी व राजा मानसिंह संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य चिंतरंजन ज्योतिषी तथा सम्मानित शिक्षकगण व उनके परिजनों सहित ग्वालियर विकास समिति के पदाधिकारी मौजूद थे।
सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि गुरू का काम अच्छी शिक्षा देकर समाज को सही दिशा देना है। हमारे देश में प्राचीनकाल से ही गुरूजन यह काम बखूबी करते आये और देश ने इतनी समृध्दि प्राप्त की कि हम विश्व गुरू कहलाये। उन्होंने कहा हमारे समाज ने भी गुरूजनों का सदैव सम्मान किया यहां तक गुरू को साक्षात परम् व्रह्म की संज्ञा दी गई। श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने भी शिक्षकों के सम्मान का पूरा ध्यान रखा है। प्रदेश सरकार ने एक ओर जहाँ शिक्षकों के लिये अच्छी कार्यदशायें देने के लिये गंभीरता से प्रयास किये हैं वहीं कर्मी कल्चर को दूर करते हुए शिक्षाकर्मी को अध्यापक बनाया है। उन्होंने कहा कि जिन पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन के जन्म दिवस को हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं वो भी अपने आप को हमेशा शिक्षक कहलवाने में गौरवान्वित महसूस करते थे। डॉ. राधाकृष्णन को कभी भी विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के राष्ट्रपति होने का अभिमान नहीं हुआ, अपितु शिक्षक होने का स्वाभिमान उन्हें अवश्य था। उनकी यह सोच शिक्षकों के लिये प्रेरणादायी है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे आज की पीढ़ी को इस प्रकार से शिक्षित करें जिससे हमारा प्रदेश स्वर्णिम बने और हमारे देश पूर्व की भाँति इतनी तरक्की करे जिससे हम पुन: विश्वगुरू की पदवी प्राप्त कर सकें। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी और शिक्षकों को सम्मानित करने के लिये ग्वालियर विकास समिति की सराहना की।
महापौर श्री विवेकनारायण शेजवलकर ने कहा कि शिक्षा ही सही मायने में आदमी को आदमी बनाती है और शिक्षा के वाहक गुरूजन होते हैं। इसलिये शिक्षकों को सम्मानित करने के लिये ग्वालियर विकास समिति द्वारा लंबे अर्से से किये जा रहे प्रयास सराहनीय है। आरंभ में ग्वालियर विकास समिति के अध्यक्ष श्री टमोटिया ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन ग्वालियर विकास समिति के श्री मनमोहन घायल ने किया। इस अवसर पर श्री अशोक प्रेमी सहित विकास समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।






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