मंगलवार, 15 सितंबर 2009

प्रदेश के 52 हजार गांवों में बनेंगे खेल मैदान, ग्रामीण क्रीडांगन में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर

प्रदेश के 52 हजार गांवों में बनेंगे खेल मैदान, ग्रामीण क्रीडांगन में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर

 

Bhopal:Monday, September 14, 2009

 

प्रदेश के 52 हजार गांवों में ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के लिए ग्रामीण क्रीडांगन खेल मैदान बनाए जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत इन खेल मैदानों का निर्माण किया जाएगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री भार्गव ने बताया कि देश की एक बड़ी आबादी गांवों में बसती है इनमें कई ऐसी प्रतिभाएं होती है जो अवसर और संसाधनों के अभाव में गुम हो जाती है। ऐसी खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए हर गांव में खेल मैदान रोजगार गारंटी योजना के तहत बनाया जाएगा।

खेल मैदान को समतल करने, वृक्षारोपण और मिट्टी की रैम्प आदि बनाने के कार्य किए जाएगें। खेल मैदान के लिए गांव का चयन चरणबद्ध रूप में किया जाएगा। खेल मैदान का प्रस्ताव ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा जिसका जनपद और जिला पंचायत से अनुमोदन अनिवार्य होगा। ग्राम पंचायत की शिक्षण संस्थाओं के क्रीडा अधिकारी स्थल चयन में सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि खेल मैदानों का सतत् विकास किया जाएगा तथा इसके लिए दीगर विभागों से भी सहयोग लिया जाएगा।

श्री भार्गव ने बताया राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम म.प्र. के अन्तर्गत बनाई गई ''ग्रामीण क्रीड़ांगन'' उपयोजना के तहत ग्राम पंचायत क्षेत्रान्तर्गत खेल मैदानों का निर्माण किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय शिक्षण संस्थान और गांव की विवाद रहित शासकीय भूमि पर खेल मैदान बनेंगे। ऐसे विकासखंड मुख्यालयों पर भी खेल मैदान बनाए जा सकेगें जो ग्राम पंचायत के अन्तर्गत आते है। प्रथम चरण में ऐसे गांवों का चयन होगा जिसकी जनसंख्या 5 हजार से अधिक है। दूसरे चरण में 5 हजार से कम लेकिन 3 हजार से ज्यादा आबादी वाले गांव लिए जाएंगे।

श्री भार्गव ने बताया कि खेल मैदान नरेगा की कार्य सूची में ग्राम, जनपद और जिला पंचायत के अनुमोदन के बाद शामिल हो सकेंगे। खेल मैदान के सभी कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के भूमि विकास कार्य के प्रावधानों के अन्तर्गत किए जाएगें।

 

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