जिले में चालू वित्त वर्ष के लिये 573 करोड़ से अधिक की वार्षिक साख योजना
- गत वर्ष 516 करोड़ से अधिक के ऋण वितरित
- रोजगार मूलक योजनाओं के शतप्रतिशत ऋण प्रकरण 15 अगस्त तक बैंकों को प्रस्तुत करने के कलेक्टर के विभागों को निर्देश
ग्वालियर 9 जुलाई 08 । जिले में चालू माली साल के लिये 573 करोड़ 9 लाख रूपये की वार्षिक साख योजना तैयार की गई है जो गत वर्ष की तुलना में 136 करोड़ 25 लाख रूपये अधिक है । गत वित्तीय वर्ष में 436 करोड़ 84 लाख 49 हजार रूपये की साख योजना थी । इस योजना के विरूध्द मार्च 08 के अंत तक 516 करोड़ 56 लाख रूपये से अधिक ऋण वितरित किये गये जो लक्ष्य की का 118.25 प्रतिशत की उपलब्धि है । यह जानकारी आज राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में आयोजित बैकर्स जिला स्तरीय समीक्षा एवं जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में दी गई । बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने की । बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा, भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री के वी सिंह, नावार्ड के सहायक महाप्रबंधक श्री आर वाय जोशी सहित विभिन्न बैंकों के समन्वयक अधिकारी उपस्थित थे ।
बैठक में बताया गया कि गत वित्तीय वर्ष के दौरान कुल कृषि ऋण योजना में 344 करोड़ 68 लाख 47 हजार रूपये के ऋण वितरित किये गये । इसमें कृषि अल्प कालीन ऋण में 133 करोड़ 55 लाख 24 हजार रूपये और अन्य कृषि संबध्द योजनाओं में 211 करोड़ 13 लाख 22 हजार रूपये के ऋण शामिल हैं । लघु उद्योगों के तहत 330 करोड़ और अन्य प्राथमिकता क्षेत्र वाली योजनाओं में 138 करोड़ 83 लाख 59 हजार रूपये के ऋण वितरित हुये हैं ।
चालू माली साल की तैयार 573 करोड़ 9 लाख रूपये की वार्षिक साख योजना में कुल कृषि ऋण योजनाओं में 252 करोड़ 23 लाख रूपये, उद्योगों के लिये 51 करोड़ 2 लाख रूपये अन्य प्राथमिकता क्षेत्र योजना में 269 करोड़ 84 लाख रूपये के ऋण वितरित करने का प्रावधान किया है ।
कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने चालू माली साल के लिये तैयार वार्षिक साख योजना की समीक्षा करते हुये सभी विकास एवं रोजगार मूलक योजनाओं से संबध्द विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी रोजगार मूल योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य में 25 प्रतिशत की बढौत्री करते हुये प्रकरण बैंकवार 15 अगस्त तक प्रेषित हो जायें । इसके पूर्व सभी ब्लॉक स्तर पर अनुविभागीय दंडाधिकारियों की अध्यक्षता वीएलसीसी की बैठक ब्लॉक स्तर पर आयोजित हो इसमें जनपद के सीईओ सहित बैंकर्स और रोजगार मूलक योजना से जुड़े अधिकारी उपस्थित होकर प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा करेंगे । बैठक में बैकर्स या अन्य अधिकारी अनुपस्थित रहते हैं तो उनके खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित की जावे । कलेक्टर ने सभी बैंकर्स से कहा कि बैंकों में प्राप्त ऋण प्रकरणों को पूरी तरह से जांच पड़ताल कर लें । अगर प्रकरणों को किन्ही कारणों से रिजेक्ट करना हो तो उसे तत्काल करें । अपने पास प्रकरण रखे नहीं । कलेक्टर ने कहा कि ऋण प्रकरणों में जांच करने के पश्चात सभी प्रकरणों में सितम्बर तक स्वीकृति दे दी जाये और दिसम्बर तक सभी ऋण प्रकरणों में ऋण का वितरण सुनिश्चित हो जाये ।
कलेक्टर ने कहा कि सभी ऋण हितग्राहियों को ऋण उनकी जरूरत के मुताबिक समय पर ही दिये जावे । उन्होंने कहा कि मछली पालन के लिये यह समय उचित है,इसी समय मत्स्य पालकों को ऋण की आवश्यकता होती है अगर यह ऋण उनको मार्च में दिया जावे तो उनको दिया गया ऋण उपयोगी नहीं होगा । इसी तरह एसजीआरवाय के तहत पशुपालकों के लिये अक्टूबर नवम्बर का समय ऋण के लिये उपयोगी होता है यह ऋण भी समयानुसार वितरित हो जावे ।
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के लोगों को समय पर मजदूरी का भुगतान हो सके इसके लिये कलेक्टर ने सभी बैंकर्स को उनके बैंकों में खाते खोलने के निर्देश भी दिये । कलेक्टर ने बैंकर्स को यह भी निर्देश दिये कि ऋण वितरण के बाद ही पी-4 पत्रक जारी किया जावे । पिछले वर्ष के ऋण प्रकरणों में ऋण राशि एवं अनुदान राशि बैंकों को जारी कर दी है उनको ऋण वितरण किया जावे । इसी तरह एसजीआरवाय के स्वीकृत 49 प्रकरणों में ऋण वितरण शीघ्र किया जावे ।
कलेक्टर ने ऋण वसूली को गंभीरता से लेते हुये कहा कि यह ठीक नहीं कि राजस्व विभाग वसूली के सहयोग के लिये तो तत्पर है लेकिन बैंकर्स वसूली में रूचि नहीं ले रही है । आपने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर वसूली में बैकर्स द्वारा रूचि नहीं ली जाती है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी । इंडियन बैंक, स्टेट बैंक आफ बीकानेर, देना बैंक , इलाहाबाद बैंक, बैंक आफ राजस्थान और नर्मदा सतपुड़ा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ने बिलकुल वसूली नहीं करने पर कलेक्टर ने आक्रोश व्यक्त किया।
नावार्ड के सहायक महाप्रबंधक श्री जोशी ने बताया कि कृषि सहित अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों में वितरित होने वाली ऋण योजना को इस वर्ष 539 करोड़ से बढ़ाकर 645 करोड़ रूपये की कर दी गई है ।
लीड बैंक आफसीर आर सी शुक्ला ने बताया कि मार्च 2008 तिमाही समाप्ति पर जिले की सकल जमा राशि 4260 करोड़ 99 लाख 61 हजार तथा सकल ऋण राशि 2388 करोड़ 75 लाख थी । श्री शुक्ला ने बताया कि जिले का सीडी रेश्यो 56 प्रतिशत रहा जिसे बढ़ाने के लिये बैंकवार जोर दिया गया । बैठक में शतप्रतिशत किसानों और कोटवारों को 15 अगस्त तक क्रेडिट कार्ड वितरण के भी निर्देश कलेक्टर ने दिये ।
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