जिले में बैंक व डायवर्सन शुल्क की रिकॉर्ड वसूली, शासकीय धन के दुरूपयोग पर एफ आई आर. के निर्देश
राजस्व व विकास गतिविधियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न
ग्वालियर 19 अप्रैल 10। वित्तीय वर्ष 2009-10 में जिले में डायवर्सन शुल्क व बैंक बकाया राशि की रिकार्ड बसूली हुई है। हाल ही में यानि 31 मार्च को सामाप्त हुए इस वित्तीय वर्ष में कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी के निर्देशन में राजस्व अधिकारियों द्वारा जिले में चलाये गये वसूली अभियान में 4 करोड़ 16 लाख रूपये के लक्ष्य के विरूध्द 7 करोड़ 16 लाख रूपये की बैंक बसूली कराई गई है। यह बैंक बसूली जिले में किसी एक वित्तीय वर्ष में अब तक की गई सर्वाधिक बैंक बसूली है। जिले के राजस्व अधिकारियों ने इसी तरह डायवर्सन शुल्क के रूप में बीते वित्तीय वर्ष में 3 करोड़ 79 लाख रूपये की राशि बसूल कराई है, जो एक रिकार्ड बसूली है।
इस आशय की जानकारी आज यहाँ राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई राजस्व एवं विकास गतिविधियों की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री आर के. जैन, श्री आर के. मिश्रा व श्री वेदप्रकाश एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार व नायब तहसीलदार व जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री त्रिपाठी ने बैठक में भू राजस्व, पंचायतकर, शालाकर, अर्थदंड, वाणिज्य कर, डायवर्सन शुल्क, तकाबी व बैंक बसूली की राजस्व अधिकारीवार समीक्षा की। उन्होंने बैंक व डायवर्सन शुल्क की रिकार्ड वूसली के लिये सभी राजस्व अधिकारियों को धन्यबाद दिया और अन्य मदों की बसूली में तेजी लाने के लिये कहा। श्री त्रिपाठी ने शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिये चलाये जा रहे अभियान में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा शासकीय तालाबों से अतिक्रमण हटाने के लिये अभियान बतौर कार्रवाई करें। श्री त्रिपाठी ने कहा कि तालाबों के अतिक्रामकों के खिलाफ जरूरत पड़ने पर सिविल जेल की कार्रवाई भी की जाये। उन्होंने वन व्यवस्थापन, वन एवं राजस्व सीमा विवाद प्रकरणों का निराकरण, सीमा चिन्हों की स्थापना सहित अन्य राजस्व गतिविधियों की भी विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान, सहरिया बस्तियों के विकास व स्कूलों में किचिन शेड निर्माण की प्रगति की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने बैठक में साफ किया जिन ग्राम पंचायत सरपंचों व सचिवों द्वारा लंबे समय से राशि का आहरण तो कर लिया है, परंतु कार्य नहीं कराये गये हैं, उनके खिलाफ एफ आई आर. करायें। साथ ही उनसे बसूली की कार्रवाई भी करें। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों व तकनीकी अधिकारियों को अधूरे काम तत्परता से पूर्ण कराने की हिदायत दी।






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