गुरुवार, 1 अक्तूबर 2009

एक माह के लिये सभी नागरिकों के अवैध नल कनेक्शन नि:शुल्क वैध करने की परिषद द्वारा स्वीकृति दी गई

एक माह के लिये सभी नागरिकों के अवैध नल कनेक्शन नि:शुल्क वैध करने की परिषद द्वारा स्वीकृति दी गई

ग्वालियर दिनांक 30.09.2009- नगर निगम ग्वालियर मलिन बस्तियों में निवासी तथा  बी.पी.एल. कार्ड धारी नागरिकों को नि:शुल्क पेयजल कनेक्शन उपलब्ध करायेगी। उक्त निर्णय आज परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया।

निगमायुक्त ने अपने प्रस्ताव में बताया कि वर्तमान में नगर पालिक निगम ग्वालियर द्वारा पेयजल कनेक्शन की स्वीकृति कनेक्शन शुल्क धनराशि 500/- रू. निर्धारित है तथा अवैध नल कनेक्शनों को वैध करने के लिये 1000/- रू. अधिभार व कनेक्शन शुल्क 500/- रू. लिया जाता है। वर्तमान में मलिन बस्तियों में निवासरत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोग या तो अन्य परिवारों के संचालित पेयजल कनेक्शन से पेयजल प्राप्त करते हैं अथवा अवैध रूप से जल कनेक्शन लेते हैं। अवैध पेयजल कनेक्शन चिन्हित होने की स्थिति में इन्हें काटने की कार्यवाही की जाती है लेकिन कुछ समय पुन: यह नल कनेक्शन कर लिये जाते है। कानूनी रूप से अवैध कनेक्शन लेने के लिये कोई दण्ड का प्रावधान न होने के कारण यह प्रक्रिया सतत चलती रहती है। ऐसे परिवारों को विधिवत रूप से पेयजल देने की स्थिति में पेयजल कनेक्शन की संख्या में वृध्दि होगी। परिणामस्वरूप जलकर में भी वृध्दि होगी। इसीलिये अधिसूचित मलिन बस्तियों में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार के लिये 1/4 ईंच व्यास का एक जल कनेक्शन बिना कनेक्शन स्वीकृत करने से इन परिवारों द्वारा आसानी से कनेक्शन लिया जाना संभव होगा।

       इसके साथ ही परिषद द्वारा यह भी निर्देश दिये हैं कि एक माह तक सभी शहरवासियों के अवैध नल कनेक्शनों को बिना किसी शुल्क के वैध किया जावेगा तथा इसके लिये सभी वार्डों में दो-दो घण्टे के शिविर आयोजित किये जावेंगे जहां अवैध नल कनेक्शनों को वैध करने के साथ-साथ नल के कनेक्शनों में नाम परिवर्तन इत्यादि की कार्यवाही भी सम्पन्न की जावेगी। परिषद द्वारा निर्णय लिया गया है कि एक माह की अवधि के बाद जो वैध नल कनेक्शन पाये जायेंगे उनेक विरूद्व कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी।

       नगर निगम ग्वालियर की परिषद द्वारा आज मेयर-इन-कांउसिल की अनुशंसा पर पीएचई विभाग में जलप्रदाय व्यवस्था हेतु सितम्बर 2007 से शहर के 1095 नलकूपों पर पदस्थ पम्पचालकों का वेतनमान 750 से बढ़ाकर 1500/- रू. करने का निर्णय लिया गया। इस वेतनमान के बढ़ने से पम्प चालकों की लम्बे समय से वेतन बढ़ाने की मांग पूरी हुई। वर्तमान में उक्त पम्पचालकों पर 44 लाख 55 हजार रू. व्यय आता था जो अब दुगुना हो जावेगा।

       आज की परिषद बैठक में इसके अतिरिक्त नगर निगम ग्वालियर में कम्प्यूट्रीकरण कार्य देख रही ए.जी.एल. कम्पनी के साथ किये गये अनुबंध की अवधि एक वर्ष बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय निगमायुक्त तथा मेयर-इन-कांउसिल के इस अनुरोध पर लिया गया कि निगम स्तर पर तकनिकी अमले की व्यवस्था न हो पाने के कारण कम्प्यूट्रीकरण का कार्य प्रभावित न हो इसलिये ए.जी.एल. का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाया जावे।

       आज की बैठक में हुडको योजनांतर्गत बहोड़ापुर रोड क्रॉसिंग से सागरताल चौराहे तक वाया आनंदनगर निर्माण मय नाली डिवाईडर एवं फुटपाथ सहित कराये जाने पर रू. 2 करोड़ 37 लाख 32 हजार 8 सौ के कार्य की स्वीकृति दी गई। इस कार्य के पूर्ण हो जाने के बाद बहोड़ापुर से सागरताल और आनंदनगर होते हुये शब्दप्रताप आश्रम तक सम्पूर्ण सड़क फोर लेन में बदल जावेगी जिससे शहर का एक बड़ा हिस्सा सौन्दर्यीकृत होगा।

       इसके अतिरिक्त आज की बैठक में मानसिक आरोग्यशाला के सामने बनी नगर निगम की धर्मशाला को लॉग स्टे होम के रूप में परिवर्तित करने के लिये मानसिक आरोग्य शाला को अधिपत्य में सौंपे जाने का भी निर्णय लिया गया। निगम के पेंशनरों को छठवे वेतनमान दिये जाने का प्रस्ताव भी निगम के कर्मचारियों के समान परिषद द्वारा स्वीकृत किया गया।

 

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