शुक्रवार, 8 मई 2009

18 मई 2009 तक नये पुराने फिल्टे्रशन प्लांट की लाईने जुड़ने से पेयजल समस्या का निदान होगा : महापौर

18 मई 2009 तक नये पुराने फिल्टे्रशन प्लांट की लाईने जुड़ने से पेयजल समस्या का निदान होगा : महापौर

दीनदयाल नगर में सोमवार से तिघरा का पानी पहुंचाने के निर्देश

ग्वालियर दिनांक 07.05.2009- नगर निगम ग्वालियर के जलकार्य विभाग द्वारा आगामी 18 मई 2009 तक मोतीझील स्थित नये तथा पुराने फिल्टे्रशन प्लांट को जोड़कर सप्लाई प्रांरभ की जायेगी जिससे नगर की जल वितरण व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आवेंगे। उक्ताशय की जानकारी महापौर विवेक नारायण शेजवलकर द्वारा आज नगर निगम के गालव रेस्ट हाऊस में पी.एच.ई. तथा ए.डी.बी. के अधिकारियों की बैठक के पश्चात दी गई। उन्होंने बताया कि नगर की जल वितरण व्यवस्था में जो थोड़ी बहुत कमियां आ रही है वे कमियां दोनों फिल्टे्रशन प्लांटों के जुड़ जाने से दूर हो जावेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर हालत में उक्त कार्य 18 मई तक पूर्ण कर लिया जाये।

       उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि रक्कस टैंक तथा मोतीझील से निकलने वाले लाईनों में लीकेज की समस्या के निदान हेतु प्रतिदिन लीकेज डिडक्शन का कार्य किया जावे तथा इसकी रिपोर्ट मोतीझील प्लांट को दी जाये ताकि समय पर रिपेयरिंग संभव हो सके। महापौर महोदय द्वारा पेयजल की समस्या पर बुलाई समीक्षा बैठक के दौरान दीनदयाल नगर में तिघरा के पानी पहुंचाने के विषय में हो रहे विलंब पर अधिकारियों से नाराजगी व्यक्त की गई। अधिकारियोें द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया कि आगामी सोमवार से दीनदयाल नगरवासियों को तिघरा का पानी उपलब्ध कराया जावेगा। वर्तमान में मात्र 50 मीटर लाईन तथा 3 स्लूज बाल्ब लगाने का कार्य शेष रह गया है जिसे 3 दिन में पूर्ण कर लिया जावेगा।

महापौर महोदय द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे यह सुनिश्चित करें कि टैंकरों से नागरिकों को पानी मिल रहा है अथवा नहीं तथा विभिन्न क्षेत्रों में बनाये हुये कन्ट्रोल रूम काम कर रहे हैं अथवा नहीं। सहायकयंत्रियों द्वारा महापौर महोदय को जानकारी दी गई कि सभी कन्टा्रेल रूम पर प्रतिदिन शिकायतें नोट की जा रही है तथा निगम के सहायक आयुक्त प्रतिदिन सायंकाल प्राप्त शिकायतों की रिपोर्ट तथा निराकरण की स्थिति पर हम हस्ताक्षर करते हैं। महापौर महोदय द्वारा बैठक स्थल से ही सहायक आयुक्त जगदीश शर्मा तथा जयकृष्ण गौड़ को फोन पर अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि की। उन्होंने निर्देशित किया कि वे स्वयं कन्ट्रोल रूम के रिकार्ड का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे तथा कोई भी शिकायत निराकृत होना नहीं पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्व कठोर कार्यवाही की जावेगी।

निगमायुक्त सुरेश शर्मा द्वारा महापौर को बताया गया कि चारों सहायकयंत्रियों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार प्रदान कर दिये गये हैं तथा शिकायतों पर निरंतर निराकरण किया जा रहा है। निगमायुक्त द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अंतिम छोर के घरों में जहां पानी नहीं पहुंच रहा है वहां टैंकरों से पानी पहुंचाना सुनिश्चित करें तथा सप्लाई लाईन में लीकेज की शिकायतों पर गंभीरता से कार्यवाही करें। उन्होंने मोतीझील फिल्टे्रशन प्लांट पर शेष बचे एक मिलान में विलंब के लिये ठेकेदार के विरूद्व कार्यवाही किये जाने हेतु ए.डी.बी. के प्रोजेक्ट प्रभारी के.के. श्रीवास्तव को निर्देश भी दिये हैं।

महापौर द्वारा अधिकारियों से टंकियों के पूरे भरने के बावजूद भी कम दबाव पर पानी दिये जाने की समस्या का कारण पूछा। अधिकारियों द्वारा पिछले दो दिन में विद्युत सप्लाई में आई बाधा के कारण सुचारू रूप से पम्प नहीं चलने के कारण टंकियों का कम भरना बताया। उन्होंने गोरखी टंकी का बाल्ब वाईपास भी तत्काल बदलने के निर्देश दिये ताकि माधौगंज तथा लाला का बाजार में नागरिकों को समुचित पानी उपलब्ध हो सके।

महापौर द्वारा सिकंदर कम्पू की टंकी को भरने के निर्देश दिये, इस पर ए.डी.बी. प्रभारी के.के. श्रीवास्तव द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया कि आगामी 28 तारीख तक पुराने ट्रीटमेंट प्लांट तथा नये ट्रीटमेंट प्लांट के पम्पों की लाईन को मिलान कर दिया जायेगा, इसके बाद मुरार व लश्कर पश्चिम क्षेत्र में जल संकट समाप्त हो जायेगा।

महापौर द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि ए.डी.बी. प्रोजेक्ट के तहत सभी बल्क मीटर प्रांरभ हो चुके है इन बल्क मीटर की प्रतिदिन रीडिंग ली जावे तथा संबंधित स्टाफ को तत्काल इसका प्रशिक्षण भी दिलाया जावे।

एडीबी की समीक्षा करते हुये महापौर ने तिघरा ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य में हुये विलंब पर नाराजगी व्यक्त करते हुये शीघ्र अतिशीघ्र उक्त कार्य को प्रांरभ करने के निर्देश दिये तथा प्रोजेक्ट उदय के तहत बनने वाली 15 टंकियों की समीक्षा भी की। के.के. श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि 15 में से 6 टंकियों बहोड़ापुरा, पिन्टोपार्क, निम्बाजी की खोह, गोरखी, अवाड़पुरा और कांचमिल पर कार्य प्रांरभ हो चुका है। शेष 9 टंकियों में से 5 टंकियों के कार्यादेश आगामी 16 मई 2009 के बाद जारी कर दिये जावेंगे तथा 4 टंकियों में निगोसियेशन हेतु पत्र जारी किये गये हैं। महापौर द्वारा एडीबी प्रभारी को निर्देशित किया गया कि हर हालत में मई के अंतिम सप्ताह तक 11 बड़ी टंकियों के निर्माण कार्य प्रांरभ हो जाये। शहर में डल रही नई पाईप लाईन की समीक्षा के दौरान प्रोजेक्ट प्रभारी द्वारा बताया गया कि 100 कि.मी. पाईप लाईन डल चुकी है तथा 227  कि.मी. पाईप लाईन डलना शेष है।

महापौर द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि एक माह के अंदर जहां पानी पहुंच सकता है वहां पर तत्काल पाईप लाईन डलवाई जाये तथा पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जावे। टयूवबैल खनन के कार्य में हो रहे विलंब पर महापौर द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुये सभी सहायकयंत्रियों को निर्देशित किया है कि वे तत्काल सभी प्रस्तावित खनन क्षेत्रों में रेस्टीविटी सर्वे कराकर टयूवबैल ड्रिलिंग का कार्य प्रांरभ करायें तथा पिछले वर्ष से लंबित 15 ग्रेवल पैक वाले टयूवबैल का कार्य आगामी 10 दिन में पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

कार्यपालनयंत्री मोतीझील पी.एन. गौड़ द्वारा बताया गया कि रक्कस टैंक भरने वाले 4 एम.जी.डी. का पम्प जो दिनांक 5 मई को रात 8 बजे बंद हो गया था उससे सुधार कर दिनांक 6 मई को चालू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि टंकियां भरने के समय में कमी आई है लेकिन पूर्व में टंकियां कम क्षमता से भरी जाती थी वे टंकियां अब पूर्ण क्षमता से भरी जा रही है। बैंक वॉस के विषय में उन्होंने बताया कि बैक वॉस का कार्य प्रोजेक्ट उदय द्वारा की गई नई व्यवस्था के तहत ही किया जा रहा है।

एनर्जी सेविंग के विषय में महापौर महोदय को जानकारी देते हुये प्रोजेक्ट उदय प्रभारी द्वारा बताया गया कि पहले ओल्ड ट्रीटमेंट प्लांट में 1410 एच.पी. के पम्प चलते थे उसके स्थान पर आगामी 15 दिन बाद 1200 एच.पी. के पम्प चलेंगे, जिससे 210 एच.पी. की एनर्जी सेविंग होगी।

महापौर महोदय द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वर्तमान गर्मी के मौसम को देखते हुये शहर की पेयजल व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाये तथा टयूवबैल इत्यादि यदि खराब होते है तो उन्हें संबंधित ठेकेदार से समयसीमा में मरम्मत कराना सुनिश्चित किया जावे।

आज की बैठक में प्रभारी आयुक्त सुरेश शर्मा, एडीबी प्रोजेक्ट प्रभारी के.के. श्रीवास्तव, कार्यपालनयंत्री पीएचई. गोड़िया, पी.एन. गौड़, समस्त सहायकयंत्री उपस्थित हुये।

 

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