शनिवार, 9 मई 2009

निगम अधिकारी सी.डी.सी. को वसूली में सहयोग करें: महापौर

निगम अधिकारी सी.डी.सी. को वसूली में सहयोग करें: महापौर

ग्वालियर दिनांक 08.05.2009- शहर की सफाई व्यवस्था में माकूल सुधार हुआ है लेकिन इसमें और अधिक सुधार की अनेक संभावनायें है। उक्त उद्गार महापौर विवेक नारायण शेजवलकर द्वारा आज गालव विश्रांतिगृह में सी.डी.सी. तथा कचरा प्रबंधन के अधिकारियों के कार्य की समीक्षा बैठक के दौरान व्यक्त किये गये। उन्होंने अधिकारियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि यदि शहर में सफाई और स्वच्छता रहेगी तो उसका क्रेडिट नगर निगम को मिलेगा। काम चाहे सी.डी.सी. कम्पनी करें या अन्य कोई कम्पनी इसलिये हमने शहर में सफाई करने का जिम्मा, घर-घर से कचरा एकत्रित करने का जिम्मा सीडीसी कम्पनी को दिया है।

       निगम के अधिकारियों का दायित्व है कि वे कम्पनी के कार्य पर प्रभावी निगरानी रखे तथा सीडीसी कम्पनी से कार्य कराना निगम के क्षेत्राधिकारियाें तथा कचरा प्रबंधन अधिकारियों का दायित्व है, इस बात को सदैव ध्यान रखें। निगमायुक्त सुरेश शर्मा द्वारा समीक्षा बैठक के दौरान कचरा प्रबंधन से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अपने सहायक दरोगाओं को स्वच्छता दूतों के कार्यों की मॉनिटरिंग के लिये उपयोग करें। सीडीसी और नगर निगम के बीच हुये एग्रीमेंट के मुताबिक यदि स्वच्छता दूत किसी घर से कचरा एकत्रित नहीं करता है तो उस पर प्रतिघर 11/- रू. पैनल्टी लगाने का भी प्रावधान है लेकिन देखनें में आ रहा है कि नगर निगम के सफाई स्टाफ द्वारा सीडीसी कम्पनी के स्वच्छता दूतों की पर्याप्त मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि सी.डी.सी. कम्पनी में कार्यरत 90 प्रतिशत स्टाफ अच्छा है उसे कार्य करने के लिये प्रेरित करें।

       निगमायुक्त सुरेश शर्मा ने कहा कि क्षेत्राधिकारी व दरोगा यह सुनिश्चित करें कि सी.डी.सी. कम्पनी के स्वच्छता दूत कितने घरों से कचरा ले रहे है। प्रयोग के तोर पर सहायक दरोगा को प्रतिदिन अपने क्षेत्रों में कम से कम 5 घरों में जाकर यह देखना होगा कि घर-घर से कचरा संग्रहण का कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न हो रहा है अथवा नहीं। उन्होनें आगे बताया कि सीडीसी कम्पनी के कर्मचारियों का वेतन क्षेत्राधिकारी की उपस्थिति तथा अनुशंसा पर ही दिया जाता है। अत: क्षेत्राधिकारी पूर्ण संतुष्टि के उपरांत ही सीडीसी कम्पनी के कर्मचारियों की उपस्थिति को प्रमाणित करें।

       सीडीसी कम्पनी द्वारा शहर से उनके कर्मचारियों द्वारा किये गये कार्य के विरूद्व दुकानों तथा मकानों से मिलने वाली वसूली में नगर निगम के अमले का सहयोग चाहा गया। इस पर महापौर विवेक नारायण शेजवलकर द्वारा सभी क्षेत्राधिकारियों तथा स्वास्थ्याधिकारियों को निर्देशित किया कि वे वसूली में सहयोग करेें । क्षेत्राधिकारियों को राज्य शासन के निर्देश से सफाई व्यवस्था में सहयोग न करने वाले दुकानदारों व रहवासियों के चालान करने के अधिकार प्राप्त है। अत: जिन क्षेत्रों में नागरिकों द्वारा सीडीसी कम्पनी को सहयोग नहीं किया जा रहा है तथा स्वच्छता दूतों को कचरा न देकर सीधे सड़क पर कचरा फेंका जा रहा है ऐसे रहवासियों के खिलाफ चालान काटे जाने की कार्यवाही क्षेत्राधिकारी तथा सहयोग दरोगा को करना होगी।

       महापौर विवेक नारायण शेजवलकर द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि यदि कम्पनी के मैनेजर, कॉर्डिनेटर तथा फील्ड स्टाफ द्वारा सही कार्य नहीं किया जा रहा है तो क्षेत्राधिकारी कम्पनी के कर्मचारियों को सीधे नोटिस दें तथा उनकी सेवायें समाप्त कराने की कार्यवाही करें।

       उन्होंने यह कहा कि क्षेत्राधिकारियों की यह जबाबदारी है कि यदि स्वच्छता दूत घर-घर से कचरा संग्रहण करने नहीं पहुंचते है तो वे स्वच्छता दूत के साथ-साथ सहायक दरोगाओं पर भी कार्यवाही करें । निगमायुक्त सुरेश शर्मा द्वारा समीक्षा बैठक के दौरान सीडीसी प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि वे दुकानों, संस्थानों तथा रहवासियों से शुल्क वसूली के लिये एक शडयूल बनायें तथा अपने कर्मचारियों को आई.सी. तथा वेशभूषा उपलब्ध करायें ताकि शहर में प्राप्त हो रही अवैध वसूली की शिकायतों पर अंकुश लगाया जा सके।

       महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ने यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक क्षेत्राधिकारी अपने क्षेत्र पर सप्ताह में कम से कम एक बार सीडीसी के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित करें तथा सहायक स्वच्छता अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन चालान तथा जुर्मानें की जानकारी एकत्रित कर जनसम्पर्क अधिकारी को नोट करायें एवं सीडीसी के काम का सतत निरीक्षण करते रहे।

बिना ड्रेस कोड के आये क्षेत्राधिकारियों को फटकार

महापौर विवेक नारायण शेजवलकर द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में क्षेत्राधिकारी क्षेत्र क्र. 7 अशोक मोरे, क्षेत्राधिकारी क्षेत्र क्र. 11 भीष्म पमनानी, मुरारीलाल लिथोरिया, क्षेत्राधिकारी दिग्विजय सिंह जादौन बैठक में निर्धारित डे्रस कोड में उपस्थित नहीं हुये। निगमायुक्त सुरेश शर्मा द्वारा उन्हें सांकेतिक चेतावनी देकर भविष्य में पुनरावृत्ति न होने का निर्देश दिया। उनके द्वारा ऐसे अधिकारियों को हिदायत दी गई कि यदि आप स्वयं वेशभूषा में नहीं आवेगे तो आप नगर निगम व सीडीसी के स्वच्छता दूतों को डे्रस कोड का पालन कैसे करा पावेंगे।

महापौर द्वारा आज की बैठक में वर्षों से समस्या ग्रस्त डिलाईट टॉकीज, एस.पी. ऑफिस, हुजरात पुल जैसे क्षेत्रों से कचरा संग्रहण की स्थाई समस्या का निदान किये जाने के लिये सी.डी.सी. के कार्य की प्रशंसा भी की गई है।

आज की बैठक में सीडीसी के मैनेरज डॉ. नसीब सिंह, कचरा प्रबंधन अधिकारी रामू शुक्ला, सहा. कचरा प्रबंधन अधिकारी बृजेशसिंह, देवेन्द्र सिंह तथा समस्त क्षेत्राधिकारी उपस्थित थे।

सीडीसी के कर्मचारियों की हड़ताल का विवाद निबटाया

       महापौर विवेक नारायण शेजवलकर तथा प्रभारी निगमायुक्त सुरेश शर्मा की उपस्थिति में मुरार क्षेत्र के कुछ क्षेत्रीय कार्यालयों पर सीडीसी कम्पनी के कर्मचारियों के हड़ताली प्रतिनिधियों के साथ सीडीसी प्रबंधन की चर्चा कराई गई जिसमें महापौर द्वारा सीडीसी के प्रंबंधन को निर्देशित किया गया कि वे 8 घण्टे के कार्य पर कर्मचारियों को कलेक्टर दर पर भुगतान करें तथा कर्मचारियों के टूट गये हाथ ठेलों को बदलकर नये हाथ ठेले दिये जायें।

 

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